'कोविशील्ड' कोरोना वैक्सीन के इमरजेंसी यूज की मंजूरी के लिए बैठक जारी
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'कोविशील्ड' कोरोना वैक्सीन के इमरजेंसी यूज की मंजूरी के लिए बैठक जारी

सरकार की कोरोना वैक्सीन के टीकाकरण को लेकर हो रही तैयारियां अपने अंतिम चरण में हैं। इन तैयारियों के तहत ही आज भारत में कोरोना वायरस वैक्सीन के आपात इस्तेमाल की मंजूरी मिलने की पूरी उम्मीद है।

राज एक्सप्रेस। भारत में तेजी से बढ़ रहे कोरोना प्रकोप के बीच देशवासियों के लिए एक राहत की खबर सामने आई है। दरअसल, भारत में जल्द ही कोरोना वैक्सीन का वितरण शुरू किया जाएगा। जिसके लिए सरकार पूरी तरह तैयारियों में जुटी हुई है। खबरों की मानें तो, सरकार की कोरोना वैक्सीन के टीकाकरण को लेकर हो रही तैयारियां अपने अंतिम चरण में हैं। इन तैयारियों के तहत ही आज भारत में कोरोना वायरस वैक्सीन के आपात इस्तेमाल की मंजूरी मिलने की पूरी उम्मीद है।

मंजूरी मिलने की उम्मीद :

दरअसल, आज यानी शुक्रवार की शाम एक अहम बैठक का आयोजन किया जा चुका है। इस बैठक के दौरान ही भारत की सबसे बड़ी फार्मा कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) द्वारा निर्मित कोरोना वैक्सीन 'कोविशील्ड' को हरी झंडी दिखाई जा सकती है। यानी कि, भारत में बनी कोरोना वैक्सीन के आपात इस्तेमाल की मंजूरी मिलने को लेकर अंतिम फैसला लिया जाएगा। यदि यह मंजूरी मिल जाती है तो, इसके बाद भारत में दुनिया का सबसे बड़ा कोरोना वैक्सीनेशन अभियान शुरू किया जा सकेगा। क्योंकि, भारत सरकार द्वारा कोरोना वैक्सीन के वितरण करने की पूरी योजना तैयार कर ली है।

अनुमति के लिए बैठक जारी :

बताते चलें, केंद्रीय औषध मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) की कोरोना को लेकर एक विशेषज्ञ समिति ऑक्सफोर्ड के कोरोना वायरस रोधी वैक्सीन कोविशील्ड के आपात इस्तेमाल की मंजूरी देने के लिए सिफारिश करने की तैयारी में है। बता दें, ब्रिटेन में इस वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी मिल चुकी है। यही कारण है कि, भारत में भी अनुमति मिलने की पूरी उम्मीद है। बता दें, ये वही वैक्सीन है जो सीरम इंस्टिट्यूट ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन में पार्टनर है। कंपनी इसे भारत में 'कोविशील्ड' नाम से बेचेगी। बता दें, इस अनुमति के लिए की जा रही बैठक की जानकारी हैल्थ मिनस्ट्री ने अपने ट्विटर द्वारा दी।

वैक्सीन का रख रखाब :

बताते चलें, भारत में कोविशील्ड वैक्सीन भारतवासियों के लिए एक उम्मीद बन कर सामने आई है। इसके लिए कई इंतजाम किये गए हैं। साथ ही इसका रख रखाब अन्य देशों की वैक्सीन की तुलना में आसान है क्योंकि, जहां, Pfizer और मॉडर्ना की वैक्सीन को -70 डिग्री सेल्सियस तापमान पर फ्रीज में रखना पड़ता है और भारत के लिए ऐसे फ्रीजर की व्यवस्था करना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। वहीं, ऑक्सफोर्ड द्वारा निर्मित इस वैक्सीन को सामान्य फ्रीज में आसानी से रखा जा सकता है।

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