अमरोहा हत्याकांड : शबनम ने राज्यपाल आनंदीबेन से फिर से लगाई माफी की गुहार
अमरोहा हत्याकांड की आरोपी शबनमSocial Media

अमरोहा हत्याकांड : शबनम ने राज्यपाल आनंदीबेन से फिर से लगाई माफी की गुहार

आजादी के बाद पहली बार फांसी की सजा पाने वाली शबनम को अब अपने 12 साल के बेटे की चिंता सता रही है। इसलिए अब शबनम ने उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से फिर से माफी की मांग की है।

उत्तर प्रदेश। भारत के आजाद होने के बाद पहली बार किसी महिला को फांसी की सजा दी जाने वाली है। यह फांसी शबनम नाम की महिला को दी जाएगी जिसके लिए डेथ वारंट कभी भी जारी किया जा सकता है। इसी बीच, शबनम और उसका बेटा लगातार माफी की गुहार लगा रहे हैं। क्योंकि, शबनम का बेटा मात्र 12 साल का है और माता-पिता को फांसी हो जाने के बाद उसका क्या होगा। इस मामले में अब शबनम ने उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से फिर से माफी की मांग की है।

क्या है मामला ?

दरअसल, यह मामला साल 2008 का है। जिसकी सजा में अब शबनम और उसके प्रेमी को फांसी की सजा सुनाई गई है। इस मामले के तहत शबनम ने अपने प्रेमी सलीम के साथ मिलकर अमरोहा जिले के बावनखेड़ी में 14-15 अप्रैल 2008 की रात के समय अपने ही परिवार के सात सदस्यों को नशे की दवा खिलाकर बेहोश कर कुल्हाड़ी से उनके टुकड़े-टुकड़े कर दिए थे। इन लोगों में उसका 10 महीने का भतीजा भी शामिल था। वहीं, अब इस मामले में दोनों को मौत की सजा मिली है, लेकिन अब शबनम को अपने बेटे की चिंता सता रही है। उसका कहना है कि, मेरे मरने के बाद मेरे 12 साल के बेटे का क्या होगा इसलिए उसे फांसी की सजा न दी जाये और माफ़ कर दिया जाए।

शबनम ने दायर की याचिका :

बताते चलें, इस मामले में शबनम ने राज्यपाल आनंदीबेन के नाम अब एक और दया याचिका दायर की है। जिसे राज्यपाल तक भेजने के उम्मीद में यह अर्जी रामपुर के जेल अधीक्षक को सौंपी गई है। बता दें, इससे पहले शबनम के बेटे ताज ने राष्ट्रपति से भी अपनी मां की फांसी रुकवाने और उन्हें माफ करने की गुहार लगाई थी। इसके अलावा अब शबनम के दो अधिवक्ताओं ने रामपुर के जेल अधीक्षक से मुलाकात कर उनको राज्यपाल को संबोधित दया याचिका रूपी अर्जी सौंप दी है। इस अर्जी के माध्यम से शबनम अपनी फांसी की सजा रुकवाने और माफ किए जाने की मांगकर रही है।

जेल अधीक्षक ने बताया :

जेल अधीक्षक पीडी सलोनिया ने बताया कि, ' शबनम के दो अधिवक्ता आए थे, जिन्होंने प्रार्थना पत्र दिया है। प्रार्थना पत्र राज्यपाल को प्रेषित किया जा रहा है। राज्यपाल से दया की उम्मीद का शबनम का यह दूसरा प्रयास है। जबकि इससे पहले एक बार दायर की गई दया याचिका राज्यपाल के पास पहुंच कर खारिज की जा चुकी है। बताते चलें, अभी शबनम का डेथ वारंट जारी होना बाकी है। जैसे ही यह जारी हो जाएगा शबनम को मथुरा जेल भेज दिया जाएगा।

रामपुर के जेलर ने दी जानकारी :

इस बारे में जानकारी देते हुए रामपुर के जेलर आरके वर्मा ने बताया है कि, 'अमरोहा के जिला जज से डेथ वारंट मांगा गया है। शबनम को मथुरा इसलिए भेजा जाएगा क्योंकि, उत्तर प्रदेश में महिला को फांसी की व्यवस्था मथुरा में ही है। फिलहाल जेल में शबनम का व्यवहार सामान्य है। शबनम को रामपुर जेल की महिला बैरिक नंबर 14 में रखा गया है।'

गौरतलब है कि, आजाद भारत के इस्तिहास में यह पहला एशिया मामला है जिसमे किसी महिला को फांसी की सजा सुनाई गई है। इससे पहले तक भारत में अब तक किसी महिला को फांसी नहीं दी गई। जहां शबनम को फांसी दी जाएगी वो मथुरा में स्थित प्रदेश का एकमात्र महिला फांसी घर है। जिसकी हालत काफी जर्जर हो रही है क्योंकि, यहाँ आजतक किसी को फांसी नहीं दी गई है। जेलर एमपी सिंह ने बताया कि, अभी महिला फांसी घर अधूरा है। हम केवल सामान्य साफ-सफाई करा रहे हैं। अधिकृत रूप से उनके पास कोई सूचना नहीं है।

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