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सांकेतिक भाषा दिवस
सांकेतिक भाषा दिवस|Sushil Dev
भारत

सांकेतिक भाषा प्रतिस्पर्धा के विजेताओं को दिया पुरस्कार

नई दिल्ली : केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने सोमवार को सांकेतिक भाषा दिवस मनाया। सांकेतिक भाषा प्रतिस्पर्धा के विजेताओं को दिया पुरस्कार

Sushil Dev

राज एक्सप्रेस। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने सोमवार को सांकेतिक भाषा दिवस मनाया। इस मौके पर सांकेतिक भाषा की प्रतियोगिता में हिस्सा लिए स्कूली बच्चों को इस विभाग के मंत्री थावरचंद गहलोत ने पुरस्कृत भी किया। उनके विभाग के राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर और रतन लाल कटारिया भी मौजूद थे। मंत्रालय के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के अंतर्गत स्वायत्त संस्था भारतीय सांकेतिक भाषा अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र यानी आईएसएलआरटीसी का यह कार्यक्रम था।

इस आयोजन के दौरान केंद्र से जुडे़ छात्रों और अध्यापकों द्वारा आईसीएल में नाटक और गीत जैसी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां पेश की गई तथा बधिर बच्चों को पुरस्कार प्रदान किए गए। श्री गेहलोत ने कहा कि भारत सरकार समस्त दिव्यांगजनों को मुख्यधारा में लाने के लिए संकल्पबद्ध है। उन्होंने सांकेतिक भाषा के 6 हजार शब्दों का शब्दकोश निकालने के लिए आईएसएलआरटीसी की सराहना की और आशा व्यक्त की कि, 2020 तक 4 हजार अन्य नए सांकेतिक शब्द इस शब्दकोश में जोड़े जाएंगे।

उन्होंने कहा कि सांकेतिक भाषाओं का प्राचीन इतिहास है और आजकल इन्हें आधुनिक तरीके से विकसित किया जा रहा है। इन सांकेतिक भाषाओं में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एकरूपता लाने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। ज्ञात हो कि संयुक्त राष्ट्र ने 23 सितंबर को अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस घोषित किया है। इस दिवस को 19 दिसंबर, 2017 को संयुक्त राष्ट्र सभा ने औपचारिक स्वीकृति प्रदान की थी। इस वर्ष का विषय था "सांकेतिक भाषा–सबका अधिकार"।

सांकेतिक भाषा दिवस मनाने का उद्देश्य सांकेतिक भाषा के प्रति जागरुकता को बढ़ावा देना तथा प्रत्येक व्यक्ति तक सांकेतिक भाषा की पहुंच उपलब्ध कराना है। इस कार्यक्रम के दौरान द्वितीय सांकेतिक भाषा प्रतियोगिता 2019 के विजेताओं को भी पुरस्कार वितरित किए गए। इसके लिए दिल्ली, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पढ़ने वाले बधिर बच्चों से भारतीय सांकेतिक भाषा में चुटकुलों, कहानियों और निबंधों के संबंध में प्रविष्टियां आमंत्रित की गई थी। छात्रों ने अपनी रचनात्मकता और ज्ञान का प्रदर्शन किया।