असम में शांति के लिए ऐतिहासिक कार्बी आंगलोंग समझौते पर हुए हस्ताक्षर
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असम में शांति के लिए ऐतिहासिक कार्बी आंगलोंग समझौते पर हुए हस्ताक्षर

ऐतिहासिक कार्बी-आंगलोंग समझौते पर हस्ताक्षर हुए, अमित शाह बोले, कार्बी-आंगलोंग क्षेत्र में बहुत लंबे समय बाद शांति की शुरुआत हो रही है।

दिल्ली, भारत। असम के विभिन्न उग्रवादी संगठनों के साथ एक और शांति समझौते को लेकर आज शनिवार (4 सितंबर) को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में ऐतिहासिक कार्बी-आंगलोंग समझौते पर हस्ताक्षर हुए हैं।

कार्बी-आंगलोंग क्षेत्र में बहुत लंबे समय बाद शांति की शुरुआत :

इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मंत्री सर्बानंद सोनोवाल, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और कई विद्रोही समूहों के प्रतिनिधि कार्बी आंगलोंग समझौते पर हस्ताक्षर के लिए बैठक में शामिल हुए। कार्बी आंगलोंग समझौते पर हस्ताक्षर के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा- मैं सभी को बधाई देना चाहता हूं कि कार्बी- आंगलोंग क्षेत्र में बहुत लंबे समय बाद शांति की शुरुआत हो रही है। नॉर्थ ईस्ट का सर्वांगीण विकास प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की शुरु से प्राथमिकता रही है।

आज संपन्न हुआ कार्बी आंगलोंग ऐतिहासिक समझौता :

अमित शाह ने आगे यह भी कहा- कार्बी आंगलोंग ऐतिहासिक समझौता आज संपन्न हुआ, ये दिन निश्चित रूप से असम और कार्बी क्षेत्र के इतिहास में स्वर्णमयी अक्षरों के साथ लिखा जाएगा। आज 5 से अधिक संगठनों के लगभग 1000 कैडर ने हथियार डालकर मुख्यधारा में आने की शुरुआत की है। कार्बी आंगलोंग के संबंध में असम सरकार 5 साल में एक क्षेत्र के विकास के लिए 1000 करोड़ रुपये खर्च करेगी। नरेंद्र मोदी सरकार की नीति है कि जो समझौता हम करते हैं, उसकी सभी शर्तों का पालन हम अपने ही समय में पूरा करते हैं।

  • ब्रू-रियांग समझौते से लेकर कार्बी-आंगलोंग समझौते तक, हमने पिछले 3 समझौतों के 80% और बोडोलैंड के लगभग 100% को पूरा किया है।

  • एनएलएफटी समझौते के तहत हमें 100 करोड़ रुपये देने थे। हम पहले ही दो किस्तों में 80 करोड़ रुपये दे चुके हैं। हथियार छोड़ने वाले 88 कार्यकर्ताओं का पुनर्वास भी किया गया है।

  • ब्रू-रियांग में 1,200 लोगों को बसाया गया है, उन्हें जमीन आवंटित की गई है, स्कूल भी बनाए जा रहे हैं। 2022 तक, हम और ब्रू का पुनर्वास करेंगे।

CM सरमा बोले- कार्बी आंगलोंग इलाके में आएगी शांति :

तो वहीं, कार्बी आंगलोंग समझौते पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा- असम में दो आदिवासी समूह बोडो और कार्बी असम से अलग होना चाहते थे। 2009 में बोडो समझौता हुआ और इसने असम की क्षेत्रीय अखंडता को बसाते हुए विकास का नया रास्ता खोला। आज कार्बी समझौता हुआ। इससे कार्बी आंगलोंग इलाके में शांति आएगी।

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