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भारत

स्मृति ईरानी ने संसद में जल्द पेश होने वाले कड़े कानून की जानकारी दी

तीसरे 'लॉरेट्स एंड लीडर्स फॉर चिल्ड्रन समिट ऑन द फेयर शेयर फॉर चिल्ड्रन' के आयोजन पर केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने संसद में जल्द पेश होने वाले कड़े कानून की जानकारी दी।

Kavita Singh Rathore

Kavita Singh Rathore

राज एक्सप्रेस। देश में आए दिन महिलाओं और बच्चों की तस्करी के मामले सामने आ रहे है, लेकिन अब भारत सरकार ने इन मुद्दों की तरफ भी ध्यान केंद्रित किया है। दरअसल, बुधवार को तीसरे 'लॉरेट्स एंड लीडर्स फॉर चिल्ड्रन समिट ऑन द फेयर शेयर फॉर चिल्ड्रन' का आयोजन किया गया। इस दौरान अपने संबोधन में इस बारे में जानकारी देते हुए केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने कई अहम् बाते बताई।

बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने बताया :

दरअसल, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने अपने संबोधन के दौरान बताया कि, 'भारत सरकार महिलाओं और बच्चों की तस्करी जैसे मामलों पर जहां तक संभव हो सके बेहद कड़े कानून को संसद में पेश करने की तैयारी में है। उन्होंने आगे कहा कि, बच्चों के संरक्षण की दिशा में सरकार बेहद गंभीरता से काम कर रही है। बता दें कि 'लॉरेट्स एंड लीडर्स फॉर चिल्ड्रन' बच्चों के अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए मेलजोल किया गया है। इस के प्रमुख नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी हैं।

द ट्रैफिकिंग ऑफ पर्सस बिल :

बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए सरकार द्वारा लिए गए अन्य फैसलों के बारे में बताते हुए केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने बताया कि, 'कोरोना महामारी से पहले संसद ने बच्चों को यौन उत्पीड़न से बचाने के लिए कड़ा कानून पारित किया था और इसमें शामिल लोगों को सजा के प्रावधान किए थे।' याद दिला ते हुए बताया, 'लोकसभा ने साल 2018 में 'द ट्रैफिकिंग ऑफ पर्सस बिल' पारित किया था, लेकिन किसी कारणवश यह राज्य सभा से पारित नहीं हो पाया था, लेकिन साल 2019 में मोदी सरकार का पहला कार्यकाल खत्म होने के बाद यह बिल पारित हो गई थी।

भारत की और ध्यान खींचने वाली एक रिपोर्ट :

भारत की और ध्यान खींचने वाली एक रिपोर्ट सामने आई थी जिसमे बताया गया था कि, 25 मार्च से 31 मई के बीच महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा से जुडी काफी शिकायते आई है। साथ ही इस रिपोर्ट में कोरोना के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले बुरे प्रभावों के बारे में भी बताय गया है। रिपोर्ट के मुताबिक यदि कोरोना वायरस साल 2020 के बाद भी ऐसे ही चलता रहा तो, वैश्विक अर्थव्यवस्था 5.2% तक श्रिंक हो जाएगी। इतना ही नहीं महामारी के चलते 40 करोड़ से भी ज्यादा लोग और अधिक गरीबी में जा सकते है।

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