दिल्ली में वायु गंभीर श्रेणी में पहुंचने के चलते कई की गई सख्ती
दिल्ली में वायु गंभीर श्रेणी में पहुंचने के चलते कई की गई सख्तीSocial Media

दिल्ली में वायु गंभीर श्रेणी में पहुंचने पर की गई सख्ती, निर्माण कार्य पर लगा बैन, की वर्क फ्रॉम होम की अपील

कभी-कभी तो दिल्ली की हवा मानों लोगों के लिए जहर सी साबित होने लगती है। ऐसे ही हालात यहां एक बार फिर बनते नज़र आ रहे हैं। यहां वायु गंभीर श्रेणी में पहुंचने के चलते कई तरह की सख्ती बढ़ा दी गई है।

Delhi Air Pollution : पिछले दिनो देशभर में दिवाली का त्यौहार बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। दिवाली पर जलाए गए पटाखों से काफी एयर पॉल्यूशन फैला और तब से ही दिल्ली की वायु गुणवत्ता (Air Quality) 'बहुत खराब' श्रेणी में नज़र आने लगी थी। वहीँ, अब तो दिल्लीवासियों के लिए दिल्ली की हवा जहर से कम नही नज़र आ रही है। हालांकि, दिल्‍ली में फैलने वाला पॉल्यूशन (Delhi Pollution) तो नाम से ही जाना जाता है। कभी-कभी तो मानों यहां की हवा जैसे लोगों के लिए जहर सी साबित होने लगती है। ऐसे ही हालात यहां एक बार फिर बनते नज़र आ रहे हैं। यहां वायु गंभीर श्रेणी में पहुंचने के चलते कई तरह की सख्ती बढ़ा दी गई है।

दिल्ली की हवा बनी जहर :

दरअसल, दिल्ली भारत का एक ऐसा राज्य है जो, सबसे ज्यादा एयर पॉल्यूशन के लिए जाना जाता है। इसी पॉल्यूशन के चलते यहां के लोगों का सांस लेना तक दूभर हो जाता है। इसी बीच दिवाली के बाद सोमवार को दिल्ली में वायु गुणवत्ता (Air Quality) 'बहुत खराब' श्रेणी में नज़र आई थी। साथ ही अधिकतम तापमान सामान्य से एक डिग्री कम 31.2 डिग्री सेल्सियस पर था और तब से अब तक यानी एक सप्ताह के दौरान वायु की गुणवत्ता इस कदर ख़राब हुई है कि, दिल्ली-NCR में वायु की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में पहुंच गई है। इसी के चलते अब वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने NCR में लागू ग्रेप को लेकर सख्ती बढ़ाने के निर्देश जारी कर दिए। साथ ही आयोग की तरफ से जनता और कार्यालयों से यह अपील की गई है कि, 'यदि संभव हो तो अपने कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा दें। जिससे परिवहन साधनों का उपयोग कम होगा।'

खतरनाक स्तर पर पहुंची वायु गुणवत्ता :

दिल्ली-NCR में मात्र एक सप्ताह में वायु गुणवत्ता का सूचकांक इस सीजन में पहली बार खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। इस बात के मद्देनजर प्रशासन ने नियंत्रित करने के प्रयास शुरू कर दिए है। इन प्रयासों के तहत आयोग ने शनिवार को ग्रेप को वर्ग 2 से बढ़ाकर वर्ग 3 में कर दिया है। साथ ही कुछ चुनिंदा सेवाओं और दिल्ली-NCR में आने वाले जिलों की राज्य सरकारों पर छोड़कर सभी विभागों के निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध लगाने के आदेश दिए है। खबर तो यह भी है कि, जल्द ही BS-3 के पेट्रोल और BS-4 के डीजल वाहनों पर प्रतिबंध लगाया जा सकता हैं। आयोग ने अपील करटे हुए कहा है कि, 'लोग सार्वजनिक परिवहन का या शेयर राइड का उपयोग करें। इसके अलावा हो सके तो साइकिल का उपयोग करें या पैदल चले। हो सके तो आप वर्क फ्रॉम होम भी कर सकते हैं। ईधन के लिए लकड़ी या कोयले का इस्तेमाल ना करें।'

वायु की गुणवत्ता :

  • 0 से 50 के बीच वायु की गुणवत्ता (IQ) को ‘अच्छा’ माना जाता है।

  • 51 से 100 वायु की गुणवत्ता (IQ) को ‘संतोषजनक’ माना जाता है।

  • 101 से 200 वायु की गुणवत्ता (IQ) को ‘मध्यम’ माना जाता है।

  • 200 से 300 वायु की गुणवत्ता (IQ) को ‘खराब’ माना जाता है।

  • 301 से 400 वायु की गुणवत्ता (IQ) को ‘बहुत खराब’ माना जाता है।

  • 401 से 500 वायु की गुणवत्ता (IQ) को ‘गंभीर’ माना जाता है।

ताज़ा ख़बर पढ़ने के लिए आप हमारे टेलीग्राम चैनल को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। @rajexpresshindi के नाम से सर्च करें टेलीग्राम पर।

Related Stories

No stories found.
| Raj Express | Top Hindi News, Trending, Latest Viral News, Breaking News
www.rajexpress.co