केरल: पद्मनाभ स्वामी मंदिर ट्रस्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया यह बड़ा फैसला
केरल: पद्मनाभ स्वामी मंदिर ट्रस्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया यह बड़ा फैसलाSyed Dabeer Hussain - RE

केरल: पद्मनाभ स्वामी मंदिर ट्रस्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया यह बड़ा फैसला

केरल के तिरुवनंतपुरम में स्थित प्रसिद्ध पद्मनाभ स्वामी मंदिर के प्रबंधन को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुना और मंदिर ट्रस्ट से अगले तीन महीने में बीते 25 सालों के खर्च का ब्योरा देने को कहा...

केरल, भारत। केरल के तिरुवनंतपुरम में स्थित प्रसिद्ध पद्मनाभ स्वामी मंदिर के प्रबंधन को लेकर राज परिवार और मंदिर ट्रस्ट के बीच चल रहे रस्साकशी के बीच आज 22 सितंबर को देश की सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुना दिया है और साफ कहा- अब पद्मनाभस्वामी मंदिर ट्रस्ट का ऑडिट होगा और, ट्रस्ट को ऑडिट से छूट नहीं मिलेगी।

3 महीने में ऑडिट पूरा करने के दिए आदेश :

दरअसल, पद्मनाभ मंदिर ट्रस्ट ने 25 साल के ऑडिट किए जाने के आदेश से छूट की मांग की थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने आज पद्मनाभस्वामी मंदिर न्यास को छूट देने का अनुरोध करने वाली न्यास की याचिका को खारिज कर दिया और सुप्रीम कोर्ट ने तीन महीने में ऑडिट पूरा करने का आदेश देते हुए बीते 25 सालों के खर्च का ब्योरा देने को कहा हैै। जस्टिस यूयू ललित, जस्टिस एस रवींद्र भट और जस्टिस बेला एम त्रिवेदी की पीठ ने कहा- ऑडिट शीघ्र अति शीघ्र पूरा हो जाना चाहिए और अगर संभव हो तो यह तीन महीने में पूरी हो जाना चाहिए। यह स्पष्ट है कि, विचाराधीन ऑडिट का उद्देश्य केवल मंदिर तक ही सीमित नहीं था बल्कि न्यास से भी संबंधित था। इस निर्देश को 2015 के आदेश में दर्ज मामले में न्याय मित्र की रिपोर्ट के आलोक में देखा जाना चाहिए।

इस दौरान कोर्ट से 17 सितंबर को पद्मनाभस्वामी मंदिर की प्रशासनिक समिति ने त्रावणकोर शाही परिवार द्वारा संचालित मंदिर न्यास की लेखा परीक्षा का अनुरोध करते हुए कहा था कि, "मंदिर बहुत मुश्किल समय से जूझ रहा है और वहां चढ़ाया जाने वाला दान इसके खर्चों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है।" तो वहीं, समिति की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आर बसंत ने पीठ से कहा था- केरल के सभी मंदिर बंद हैं। उन्होंने कहा था कि मासिक खर्च 1.25 करोड़ रुपये है, जबकि हमें मुश्किल से 60-70 लाख रुपये मिल पाते हैं इसलिए हमने कुछ दिशा-निर्देशों का अनुरोध किया है।

बता दें कि, पिछले साल सुप्रीम कोर्ट द्वारा मंदिर के प्रशासन की जिम्मेदार त्रावणकोर शाही परिवार की एक प्रशासनिक समिति को सौंप दिया था। इसी के चलते श्री पद्मनाभ स्वामी मंदिर ट्रस्ट तत्कालीन त्रावणकोर शाही परिवार के द्वारा बनाया गया था और मंदिर के ऑडिट के लगी एक निजी CA फर्म ने मंदिर ट्रस्ट से बीते 25 साल का आय व्यय का रिकॉर्ड जमा करने के लिए कहा था। इसके मद्देनजर ट्रस्ट ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

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