मजदूरों से जुड़ी याचिका खारिज, SC ने कहा-प्रवासियों को हम कैसे रोके
मजदूरों से जुड़ी याचिका खारिज, SC ने कहा-प्रवासियों को हम कैसे रोके|Social Media
भारत

मजदूरों से जुड़ी याचिका खारिज, SC ने कहा-प्रवासियों को हम कैसे रोके

देश के तमाम शहरों से पैदल ही मजदूरों के पलायन और औरंगाबाद ट्रेन हादसे से जुड़ी एक याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई में कहा-हम प्रवासियों को रेलवे लाइन या सड़क पर चलने से कैसे रोक सकते हैं।

Priyanka Sahu

Priyanka Sahu

राज एक्‍सप्रेस। कोरोना वायरस के महासंकट के बीच जारी लॉकडाउन में प्रवासी मजदूरों का काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। मजदूर धूप में रेलवे लाइन व सड़कों पर पैदल चल रहे हैं एवं उनके साथ ऐक्सिडेंट भी घटनाएं भी हो रही हैं। इसी के चलते देश के तमाम शहरों से पैदल ही मजदूरों के पलायन और औरंगाबाद ट्रेन हादसे से जुड़ी एक याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई, जिसपर आज सुनवाई हुई।

सुप्रीम कोर्ट का कहना :

इस दौरान रेलवे लाइन व सड़कों पर चल रहे प्रवासी मजदूरों का मामले पर सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने प्रवासी मजदूरों को रोकने और उन्हें शेल्टर होम में रखने के निर्देश देने वाली याचिका को खारिज कर दिया और सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि, तो लोग चल रहे हैं और रुक नहीं रहे हैं, हम इसे कैसे रोक सकते हैं? हम आपकी सहायता किस तरह से कर सकते हैं। ये राज्य सरकारों पर है कि कार्रवाई करें। हम प्रवासियों को रेलवे लाइन या सड़क पर चलने से कैसे रोक सकते हैं।

इतना ही नहीं सुप्रीम कोर्ट ने वकीलों को लेकर ये बात भी कही कि, हर वकील अखबारों में घटनाओं के बारे में पढ़ता है और हर विषय का जानकार बन जाता हैं। आपका ज्ञान पूरी तरह से अखबार की खबरों पर आधारित है और फिर जनहित याचिका के जरिए इस अदालत से फैसला करना चाहते हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने पूछी ये बात :

वक्‍त सु्प्रीम ने यह बात भी पूछी कि, यह अदालत क्यों तय करे या सोचें...इस अदालत के लिए यह निगरानी करना असंभव है कि, कौन चल रहा है। तो वहीं, प्रवासी मजदूरों की याचिका पर सुनवाई के वकील अलख अलोक का कहना यह है कि, औरंगाबाद में 16 प्रवासियों की मौत हो गई। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल से पूछा- क्या प्रवासियों को सड़क पर चलने से रोकने का कोई तरीका है ?

इसके बाद कोर्ट के सवाल का सॉलिसिटर जनरल ने जवाब देते हुए कहा कि, राज्य अंतरराज्यीय परिवहन प्रदान कर रहे हैं, लेकिन अगर लोगों को गुस्सा आता है और परिवहन के इंतजार के बजाय पैदल चलना शुरू किया जाए तो कुछ भी नहीं किया जा सकता है। हम केवल अनुरोध कर सकते हैं कि लोगों को चलना नहीं चाहिए, लोगों को रोकने के लिए बल प्रयोग करना ठीक नहीं होगा।

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Raj Express
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