जातिगत जनगणना के खिलाफ याचिका पर SC नहीं करेगा सुनवाई
जातिगत जनगणना के खिलाफ याचिका पर SC नहीं करेगा सुनवाई Social Media

जातिगत जनगणना के खिलाफ याचिका पर SC नहीं करेगा सुनवाई, दिया यह निर्देश

बिहार सरकार द्वारा पूरे राज्य में जाति आधारित जनगणना कराने के फैसले की याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से सुनवाई से इनकार कर दिया गया है।

दिल्‍ली, भारत। बिहार सरकार द्वारा पूरे राज्य में जाति आधारित जनगणना कराने के फैसले के जो याचिका दायर हुई थी, उस पर आज सुप्रीम कोर्ट की ओर से सुनवाई हुई, इस दौरान कोर्ट ने अपने फैसला में जातिगत जनगणना के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है।

उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने को कहा :

जातिगत जनगणना के खिलाफ दायर याचिकाओं पर CBI, ED और पुलिस की चार्जशीट सार्वजनिक करने की मांग पर सुनवाई से इंकार करने के साथ ही सुप्रीम कोर्ट की ओर से उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने को कहा गया है। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि, ''याचिकाकर्ताओं को संबंधित उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने और कानून के अनुसार, उचित उपाय खोजने की स्वतंत्रता प्रदान है तो पहले वहीं जाएं।''

इस दौरान सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस सीटी रविकुमार ने अपना फैसला सुनाया और कहा कि, ''यदि चार्जशीट उन लोगों को दी जाती है, जो मामले से संबंधित नहीं हैं, गैर सरकारी संगठन हैं तो उनका दुरुपयोग हो सकता है।'' बिहार में जातिगत जनगणना के खिलाफ दाखिल याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने आगे यह भी कहा कि, ये याचिकाएं पब्लिसिटी इंट्रेस्ट का मामला लगती हैं। याचिकाकर्ता इस मामले में पटना हाईकोर्ट क्यों नहीं गए? जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस विक्रम नाथ की बेंच ने इस मामले में सुनवाई करते हुए ये बात कही, ''अगर रोक लगाई गई, तो सरकार कैसे निर्धारित करेगी कि आरक्षण कैसे प्रदान किया जाए?''

जातिगत जनगणना कराने के खिलाफ 3 याचिकाएं दा‍खिल :

बता दें कि, बिहार में जातिगत जनगणना कराने के खिलाफ तीन याचिकाएं दाखिल की गई थी। इन याचिकाओं को सुप्रीम कोर्ट में में एकसोच एक प्रयास नामक संगठन, हिंदू सेना और बिहार निवासी अखिलेश कुमार ने दाखिल की थी। इस दौरान हिन्दू सेना ने अपनी याचिका में कहा है कि, ''बिहार सरकार जातिगत जनगणना कराकर भारत की अखंडता एवं एकता को तोड़ना चाहती हैं इसमें जातिगत जनगणना कराने के बिहार सरकार के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है।''

याचिकाकर्ता का कहना है कि, ''बिहार में हो रही ये प्रक्रिया संविधान के मूल ढाँचे का उल्लंघन है क्योंकि जनगणना का विषय संविधान की सातवीं अनुसूची की पहली सूची में आता है और इसलिए इस तरह की जनगणना को कराने का अधिकार केवल केंद्र सरकार को है।''

ताज़ा समाचार और रोचक जानकारियों के लिए आप हमारे राज एक्सप्रेस यूट्यूब चैनल को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। यूट्यूब पर @RajExpressHindi के नाम से सर्च कर, सब्स्क्राइब करें।

Related Stories

No stories found.
Raj Express | Top Hindi News, Trending, Latest Viral News, Breaking News
www.rajexpress.co