2 साल में ट्रेन दुर्घटनाओं में मौत का रिकॉर्ड 0 होने पर सुशील मोदी ने बताई ये वजह
2 साल में ट्रेन दुर्घटनाओं में मौत का रिकॉर्ड 0 होने पर सुशील मोदी ने बताई ये वजहSocial Media

2 साल में ट्रेन दुर्घटनाओं में मौत का रिकॉर्ड 0 होने पर सुशील मोदी ने बताई ये वजह

पिछले दो साल में ट्रेन दुर्घटना में एक भी यात्री की मौत न होने की वजह बताते हुए बीजेपी नेता सुशील कुमार मोदी ने कहा- पूरे देश में रेलवे ने बेहतर सुरक्षा उपाय किए हैं।

दिल्‍ली, भारत। देश में आए दिन आप-हम छोटे-बड़े दर्दनाक हादसे के बारे में सुनते ही हैं और कहा भी जाता है, सावधानी ह‍टी, दुर्घटना घटी, जिससे कई लोग असमय ही काल के गाल में समा जाते हैं, सरल शब्‍दों में कहे तो उनकी मौत हो जाती है। इसी बीच आज भारतीय रेलवे की ओर से एक खुशी की खबर सामने आई एवं रेलवे की इस जानकारी के बाद आप शायद हैरान भी हो जाए। दरअसल, भारतीय रेलवे ने कहा है कि, दो साल में ट्रेन दुर्घटनाओं में किसी भी यात्री की मौत नहीं हुई है, मौत का रिकॉर्ड 0 है।

2019-20 और 2020-21 के हैं आंकड़े :

जी हां, हाल ही में देश में ट्रेन दुर्घटनाओं से होने वाली मौतों के आंकड़े को लेकर भारतीय रेलवे ने बड़ी जानकारी देते हुए बताया कि, ''दो साल में हुई ट्रेन दुर्घटनाओं में किसी भी यात्री की मौत नहीं हुई है। भारतीय रेलवे का ये डेटा सभी जोन पर आधारित है, जिसमें हाजीपुर हेडक्वार्टर्ड ईस्ट सेंट्रल रेलवे (ECR) भी शामिल है, ये आकंड़े साल 2019-20 और साल 2020-21 के हैं।'' तो वहीं, राज्य सभा में रेल मंत्रालय द्वारा दी गई इस सूचना का हवाला देते हुए बीजेपी नेता सुशील मोदी की भी प्रतिक्रिया आई है, जिसमें उन्‍होंने ट्रेन दुर्घटना में मौत न होने की यह वजह बताई है।

पूरे देश में रेलवे ने बेहतर सुरक्षा उपाय किए :

पिछले दो साल में किसी भी यात्री की ट्रेन दुर्घटना में मौत नहीं हुई है, इसकी वजह ये है पूरे देश में रेलवे ने बेहतर सुरक्षा उपाय किए हैं। साल 2016-17 से 2020-21 के बीच 313 ट्रेन दुर्घटनाएं हुईं और इस दौरान 239 यात्रियों की मौत हुई, लेकिन साल 2019-20 और 2020-21 में दुर्घटनाओं में कोई भी मौत रिकॉर्ड नहीं की गई है।

बीजेपी नेता सुशील कुमार मोदी

इतना ही नहीं बल्कि बीजेपी नेता सुशील मोदी ने आगे यह भी कहा कि, ''जहां 2016-17 104 ट्रेन दुर्घटनाएं हुईं। वहीं 2017-18 में इनकी संख्या घटकर 73 और 2018-19 में 59, 2019-20 में 55 और 2020-21 में 22 रह गई।''

साथ ही उन्‍होंने राष्ट्रीय रेल संरक्षा कोष का जिक्र करते हुए कहा- 30 जून तक 6,128 रेलवे स्टेशनों पर इंटरलॉकिंग सिस्टम्स इंस्टॉल किए गए हैं, जिससे मानवीय भूल की वजह से होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

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