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CM योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में किया संभागीय रबी उत्पादकता समीक्षा-2022 का उद्घाटन

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने आज सोमवार को गोरखपुर में संभागीय रबी उत्पादकता समीक्षा-2022 का उद्घाटन किया।

गोरखपुर, भारत। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने आज सोमवार को गोरखपुर में संभागीय रबी उत्पादकता समीक्षा-2022 का उद्घाटन किया। इसके साथ ही यहां आयोजित कार्यक्रम को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संबोधित किया।

योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम को किया संबोधित:

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि, "मंडलीय रबी उत्पादकता समीक्षा गोष्ठी-2022 के शुभारंभ के अवसर पर सभी कृषि विशेषज्ञों व प्रगतिशील किसानों के सुझाव व अनुभव को सुना गया। बहुत सारे किसान अपने अनुभव से स्वयं भी जानकारी रखते होंगे और उसको साझा करते होंगे।"

उन्होंने कहा कि, "देश व दुनिया की सबसे अच्छी उर्वरा भूमि व अच्छा जल संसाधन हमारे पास मौजूद है। उर्वरता की स्थिति यह है कि 12 फीसदी हमारे पास भूमि है, लेकिन देश के कृषि खाद्यान्न उत्पादन का 20 फीसदी अकेले उत्तर प्रदेश करता है।"

राज्य के CM योगी आदित्यनाथ ने कहा कि, "विगत 2.5 वर्षों से देश और दुनिया करोना महामारी का सामना कर रही है। करोना से पूरी दुनिया त्रस्त हो गई थी अकेले कृषि क्षेत्र की उत्पादकता बढ़ी थी और अन्नदाता किसानों ने उस विपत्ति के समय दुनिया को निराश नहीं होने दिया, लगातार हमारे किसान मेहनत करते रहे।"

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि, "कृषि क्षेत्र में जितनी क्षमता उत्तर प्रदेश में है इसको तीन गुणा अधिक बढ़ा सकते हैं, लेकिन कुछ सावधानियां बरतनी पड़ेंगी। जैसे समय पर अच्छी क्वॉलिटी का बीज बोना, तकनीक का उपयोग करते हुए अगर खेती-किसानी का कार्य आगे बढ़ाएंगे तो कम लागत में उत्पादकता बढ़ेगी।"

उन्होंने कहा कि, "पहली बार देश में 'प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना' से किसानों को जोड़ने का कार्य हुआ है। 'प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना' के माध्यम से अकेले उत्तर प्रदेश में विगत 05 वर्ष में 21 लाख हेक्टेयर भूमि को अतिरिक्त सिंचाई की सुविधा प्रदान की गई।"

उन्होंने कहा कि, "खेती में तकनीक आज की आवश्यकता है। इसमें दो प्रकार होते हैं...एक तकनीक जो परंपरागत रूप से कृषि वैज्ञानिकों की ओर से दी जाती है और दूसरी है प्राकृतिक खेती। प्राकृतिक खेती एक प्रकार की 'जीरो बजट' गो आधारित खेती है। इसके अच्छे परिणाम हम सबके सामने आ रहे हैं।"

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