CM योगी आदित्यनाथ ने 'नो योर आर्मी फेस्टिवल' का उद्घाटन किया
CM योगी आदित्यनाथ ने 'नो योर आर्मी फेस्टिवल' का उद्घाटन कियाSocial Media

उत्तर प्रदेश के लखनऊ में CM योगी आदित्यनाथ ने 'नो योर आर्मी फेस्टिवल' का उद्घाटन किया

उत्तर प्रदेश के लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'नो योर आर्मी फेस्टिवल' का उद्घाटन किया और अपने संबोधन में कही ये बातें...

हाइलाइट्स :

  • CM योगी आदित्यनाथ ने 'नो योर आर्मी फेस्टिवल' का उद्घाटन किया

  • उत्तर प्रदेश वीरों की भूमि है, देश की सुरक्षा के लिए हर लड़ाई में जवानों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया: CM योगी

  • CM ने बताया, राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय' अपना एक परिसर लखनऊ में भी खुल चुका है

  • लखनऊ स्थित सेना के मध्य कमान में 'नो योर आर्मी' फेस्टिवल का हुआ शुभारंभ।

  • सिख रेजिमेंट के जवानों ने पंजाबी धुनों पर किया शौर्य कलाओं का प्रदर्शन।

  • अपने संबोधन में बोले सीएम - यूपी वीरों की भूमि, देशसेवा में हमारे जवानों ने दिया है सर्वोच्च बलिदान।

उत्तर प्रदेश, भारत। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को सेना के मध्य कमान (सूर्या कमान) में आयोजित तीन दिवसीय 'नो योर आर्मी' (Know Your Army) फेस्टिवल का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने रंगबिरंगे गुब्बारे आसमान में उड़ाकर फेस्टिवल का औपचारिक उद्घाटन किया। इस दौरान सिख रेजिमेंट के जवानों ने साहसिक पंजाबी धुनों पर अपने पारंपरिक शौर्यकला का शानदार प्रदर्शन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने यहां आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया, जिसमें सेना के साजो-सामान के साथ ही अत्याधुनिक हथियारों का प्रदर्शन किया गया। सीएम योगी ने सेना के अधिकारियों से विभिन्न हथियारों और सैन्य सामानों के बारे में जानकारी भी ली। वहीं इससे पहले मुख्यमंत्री ने फेस्टिवल के उद्घाटन समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना देश के 140 करोड़ जनता की शक्ति और साहस का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि एक सशक्त सेना ही सुरक्षित और संप्रभु राष्ट्र की परिकल्पना को साकार कर सकती है।

लखनऊ में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा, "मैं 'नो योर आर्मी फेस्टिवल-2024' के समारोह में भाग लेकर आनंदित हूं। यह मेरे लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उत्तर प्रदेश के युवाओं को नजदीक से भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम को पहचानने का अवसर प्राप्त होगा।"

उत्तर प्रदेश वीरों की भूमि है, देश की सुरक्षा के लिए हर लड़ाई में हमारे जवानों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। अनेक वीरों ने देश की सुरक्षा करते हुए, प्रदेश का गौरव भी बढ़ाया है। देश की सीमाओं की रक्षा करने में अपने प्राणों की आहुति देने वाले सैनिकों के परिजनों को UP सरकार अपनी ओर से ₹50 लाख की अनुग्रह राशि और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की व्यवस्था भी करती है।

उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ

आगे उन्‍होंने यह भी कहा कि, ''सशक्त सेना ही एक सुरक्षित और संप्रभु राष्ट्र की परिकल्पना को साकार कर सकती है। 21वीं सदी की चुनौतियों के अनुरूप वीर सपूतों के शिक्षण/प्रशिक्षण के लिए 'राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय' की स्थापना पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा की जा चुकी है। 'राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय' अपना एक परिसर लखनऊ में भी खुल चुका है।''

सिख रेजिमेंट की शौर्यकला का प्रदर्शन देख सीएम हुए रोमांचित

पहली बार देश की राष्ट्रीय राजधानी के बाहर आयोजित हो रहे 'नो योर आर्मी' फेस्टिवल के लिए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री और रक्षामंत्री का विशेष रूप से धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि समारोह के लिए लखनऊ स्थित सेंट्रल कमांड को चुना जाना गर्व की बात है। यह प्रदेश के युवाओं को नजदीक से भारतीय सेना को जानने और सेना के शौर्य और पराक्रम को नजदीक से पहचानने का अवसर है। मुख्यमंत्री ने सिख रेजिमेंट के शौर्यकला प्रदर्शन को शानदार बताते हुए कहा कि ये भारत की प्राचीन कला है, जिसके जरिए हमारे पारंगत युवा आक्रांताओं को मुंहतोड़ जवाब देते थे। मंख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त की कि प्राचीन युद्धकला को भारतीय सेना ने अपना हिस्सा बनाकर ना सिर्फ इस शौर्यकला को सम्मान दिया है, बल्कि सिख गुरुओं के त्याग और बलिदान को भारत के युवाओं के सामने रखकर सम्मान देने का कार्य किया है।

सेना की शक्ति और पराक्रम देखने का अवसर है ये फेस्टिवल

मुख्यमंत्री ने कहा कि 'नो योर आर्मी' फेस्टिवल के जरिए ना सिर्फ सेना के साजो-सामान और हथियारों की प्रदर्शनी को देखने का अवसर हमें मिल रहा है, बल्कि इसके जरिए सेना की शक्ति, पराक्रम और राष्ट्रभक्ति की निष्ठा को भी नजदीक से जानने समझने का अवसर मिलेगा। यह सेना के हथियारों, उनकी कार्यशैली, और कार्य कुशलता को भी जानने का अवसर है, जिससे सामान्यत: जनता अनभिज्ञ रहती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी वीरों की भूमि है। देश की सुरक्षा के लिए लड़ी गई हर लड़ाई में हमारे जवानों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। देश की सुरक्षा करते हुए हमारे जवानों ने प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। प्रदेश सरकार भी सेवारत और सेवानिवृत्त सैनिकों के हितों के लिए पूरी तरह से संकल्पबद्ध है। सरकार वीरगति प्राप्त करने वाले वीरों के परिजनों को 50 लाख की धनराशि और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का कार्य करती है।

बालक ही नहीं बालिकाओं के लिए भी सैनिक स्कूल शुरू करने वाला पहला राज्य है यूपी

सीएम योगी ने कहा कि देश आज प्रत्येक क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त कर रहा है। ऐसे में सेना के लिए हथियारों और साजो-सामान के मामले में भी हम तेजी के साथ आत्मनिर्भर हो रहे हैं। उन्होंने यूपी के डिफेंस नोड और 2020 में आयोजित डिफेंस एक्सपो की भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि देश में 100 नये सैनिक स्कूल बनाए जा रहे हैं। इनमें से यूपी में 16 सैनिक स्कूल बनाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि वृंदावन में बालिकाओं के लिए सैनिक स्कूल प्रारंभ किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश देश को ना सिर्फ पहला सैनिक स्कूल देने वाला राज्य है, बल्कि बालिकाओं के लिए सैनिक स्कूल शुरू करने वाला भी पहला राज्य बन गया है।

इस अवसर पर प्रदेश के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, मध्य कमान के कमांडिंग इन चीफ लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि, मध्य कमान के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल मुकेश चड्ढा, प्रदेश के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र, मुख्यमंत्री के प्रशासनिक सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी, पूर्व मंत्री डॉ. महेन्द्र सिंह सहित बड़ी संख्या में सेना के अधिकारी, जवान और सैनिकों के परिवारजन मौजूद रहे।

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