बीएचएस के प्रधानाचार्य डेविड ल्यूक पर लगे गंभीर आरोप
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बीएचएस के प्रधानाचार्य डेविड ल्यूक पर लगे गंभीर आरोप

रजिस्टार चिट फंड सोसायटी ने प्रधानाचार्य के शैक्षिक अभिलेख व शुल्क एवं वेतन से हुए 45 करोड़ के गबन के मांगे गए दस्तावेज में कहा कि, 23 सितंबर तक सभी दस्तावेजों के न जमा करने पर सख्त कार्यवाही होगी।

उत्तर प्रदेश, भारत। प्रयागराज जिले के सहायक रजिस्ट्रार फर्म्स सोसायटीज एंड चिट्स ने बीएचएस के प्रधानाचार्य पर उनकी डिग्री, नौकरी और वेतन एवं शुल्क मद से किये गये करीब 45 करोड़ रूपये के लगे गंभीर 11 आरोपों की जांच शुरू करते हुए नोटिस जारी कर दिया है। उन्होंने प्रधानाचार्य को 11 बिंदुओं पर नोटिस जारी करके उनसे 23 सितंबर तक शैक्षिक अभिलेखों एवं बैंक स्टेटमेंट सहित अन्य जरूरी दस्तावेज तलब किया है, जिससे कि शीध्र जांच करके रिपोर्ट शासन को भेजी जा सके।

रजिस्टार ने शिकायती पत्र के आधार पर बीएचएस के प्रधानाचार्य की नियुक्ति के बाद फिर बर्खास्त करने के बाद फिर नियुक्ति किये जाने और बिना प्रवक्ता हुए प्रधानाचार्य पद पर कार्य करने और विद्यालय के विविध मदों से 45 करोड़ रूपये से ज्यादा के निकासी पर जवाब मांगा है।

कार्यवाहक प्रधानाचार्य के रूप में काम करने तथा भुगतान में वेतन वृद्धि आदेशों की छाया प्रति आदेशों सहित कार्यालय को उपलब्ध कराएं। प्रधानाचार्य के प्रयोग के लिए खरीदी गई गाड़ियों का विवरण एवं एजीएम द्वारा लिए गए निर्णय की प्रमाणित प्रति के साथ कोटेशन, क्रयादेश तथा भुगतान आदेश की प्रमाणित प्रतियां भी तलब की गयी है। सहायक रजिस्ट्रार चिटफंड ने बीएचएस के प्रधानाचार्य से कार्यवाहक प्रधानाचार्य की अवधि में विद्यालय के भवन निर्माण के लिए वर्ष 2014 से 15 के मध्य कृष्णा इंटरप्राइजेज इंटरप्राइजेज एवं त्रिमूर्ति कंस्ट्रक्शन के नाम से 17.69 करोड निकाला गया है जो कि सीओ द्वितीय प्रयागराज की जांच रिपोर्ट 17 मार्च 2018 से दर्शित है।

उक्त धनराशि से विधालय मे किस भवन का निर्माण कार्य कराया गया, क्या उक्त भवन निर्माण कार्य का प्रस्ताव प्रबंध समिति से निर्णीत है ऐसी स्थिति में एजीएम की प्रमाणित प्रति तथा उक्त निर्माण कार्य का प्रयागराज विकास प्राधिकरण द्वारा स्वीकृत मानचित्र की छाया प्रति संलग्न करें जिससे जांच हो सके। उन्होंने अपने नोटिस में कहा है कि बीएचएस के दो खाता संख्या का बैंक स्टेटमेंट कार्यालय द्वारा मांगा गया है जिसके परीक्षण से स्पष्ट है कि वेतन भुगतान आदि के अतिरिक्त लगभग 17 करोड रुपये की निकासी की गई है। इसके अतिरिक्त कृष्णा इंटरप्राइजेज को लगभग 7 करोड रुपए, दीपा कंस्ट्रक्शन को लगभग 1 करोड रुपए, त्रिमूर्ति कंस्ट्रक्शन को लगभग 2 करोड़ रुपए, रंजन इंटरप्राइजेज को लगभग 2 करोड़ रुपए, दुर्गा इंटरप्राइजेज को लगभग एक करोड़ रुपए का आहरण पाया गया है।

उक्त कंपनियों एवं संस्थाओं से सोसायटी द्वारा संचालित विद्यालय में किस आदेश के क्रम में निर्माण कार्य कराए गए एवं निर्माण कोटेशन द्वारा कराए गए तथा प्रयागराज विकास प्राधिकरण से कब-कब मानचित्र स्वीकृति कराएं गये, की प्रमाणित छाया प्रति भी उपलब्ध कराएं । सहायक रजिस्टर ने बीएचएस के खाते से एक अन्य संस्था डायसिस आफ लखनऊ को लगभग 36 लाख रुपए भुगतान किया गया है। इस भुगतान आदेश के प्रबंध समिति के निर्णय की प्रमाणित प्रति भी उपलब्ध कराएं, जिससे कि जांच में सहायक हो।उन्होने कहा कि उपरोक्त बिंदुओं का बिंदुवार साक्ष्यों सहित बैंक खाता, बैंक स्टेटमेंट का पासबुक, ऑडिटेड बैलेंस शीट उपरोक्त सभी प्रमाणित प्रतियां सहायक रजिस्ट्रार कार्यालय में 23 सितंबर तक उपलब्ध कराएं जिससे की सभी 11 बिन्दुओ की जांच करके रिपोर्ट कारवाई के लिए मुख्यालय को उपलब्ध कराई जा सके।

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