Uttar Pradesh : गोरखपुर के बाद प्रयागराज में किन्नर महापौर की तैयारी

प्रयागराज, उत्तर प्रदेश : दो दर्जन संस्थाओं ने उप्र किन्नर वेलफेयर बोर्ड की वरिष्ठ सदस्य एवं किन्नर अखाड़ा उप्र की प्रदेश अध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी कौशल्या नंद गिरी का किया समर्थन।
गोरखपुर के बाद प्रयागराज में किन्नर महापौर की तैयारी
गोरखपुर के बाद प्रयागराज में किन्नर महापौर की तैयारीRaj Express

प्रयागराज, उत्तर प्रदेश। गोरखपुर की तरह प्रयागराज में भी किन्नर महापौर बनाने की तैयारियां व्यापक स्तर पर शुरू हो गई हैं। दर्जनभर संस्थाओं ने उप्र किन्नर वेलफेयर बोर्ड की वरिष्ठ सदस्य और किन्नर अखाड़ा उत्तर प्रदेश की प्रदेश अध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी कौशल्यानंद गिरि (टीना मां) का प्रयागराज के महापौर पद के लिए समर्थन करते हुए चुनाव में उतारने की तैयारियां शुरू कर दी है। संस्था के लोगों का कहना है कि अभी तक कई महिला और पुरुष प्रयागराज में महापौर पद पर चुने गए हैं, लेकिन उन्होंने पूरी तरह से क्षेत्र और समाज का विकास नहीं किया है इसलिए अब एक बार किन्नर समाज से महापौर का चुनाव किया जाए जिससे समाज और शहर का चतुर्दिक विकास हो सके।

देश और विश्व की पहली किन्नर समाज की महापौर गोरखपुर की आशा थी। वह वर्ष-2001 में हुए चुनाव में भारी मतों से चुनी गयी थी। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी सपा की पूर्व महापौर अंजू चौधरी को करीब 70,000 मतों से बुरी तरह से पराजित किया था, जबकि भाजपा, सपा और बसपा सहित अन्य प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई थी। गोरखपुर की महापौर किन्नर आशा के चुने जाने के बाद से देश ही नहीं विश्व में किन्नर समाज को राजनीतिक प्रतिनिधित्व का मौका मिला था और लोगों की विकास और समाज के हित के लिए किन्नर समाज की ओर गया। इससे किन्नर समाज में एक नई सामाजिक और राजनीतिक चेतना विकसित हुई। किन्नर समाज आगे आया है। इसी तरह मध्यप्रदेश में शबनम विधायक और झारखंड में एक किन्नर मजिस्ट्रेट चयनित हुई है। प्रयागराज में भी कई संस्थाएं महापौर पद पर किन्नर प्रत्याशी उतारने की तैयारियां को शुरू कर दिया है। इसके लिए जहां व्यापक स्तर पर जनसंपर्क घर-घर शुरू कर दिया है। बड़ी संख्या में लोगों ने किन्नर वेलफेयर बोर्ड की वरिष्ठ सदस्य और किन्नर अखाड़ा उत्तर प्रदेश की प्रदेश अध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी कौशल्यानंद गिरि (टीना मि) को महापौर पद के लिए योग्य प्रत्याशी मानते हुए समर्थन दिया है।

संस्था के लोगों का कहना है कि आदिकाल से देखा जाय तो अब तक चाहे कोई भी महामारी रही हो या बाढ़ या अन्य कोई अवसर रहा हो , ऐसे में किन्नर समाज आम आदमियों की मदद के लिए आगे आया है। खासकर प्रयागराज में भीषण गर्मी में प्याऊ, कोविड और बाढ़ में किन्नर समाज ने लोगों की मदद की है। कोविड जैसी महामारी में किन्नरों ने प्रभावित लोगों को खाद्यान्न , मास्क, सेनेटराइज से लेकर सभी प्रकार की मदद की है। वैसे भी भाजपा में महापौर पद के लिए पुरुष और महिला पदाधिकारियों में मारामारी मची हुई है, क्योंकि 50 से अधिक पदाधिकारी महापौर चुनाव के टिकट के लिए बडे पदाधिकारियों के आवास और कार्यालयों का चक्कर लगाना शुरू कर दिया है।

वरिष्ठ समाजसेवी नाजिम अंसारी, श्री नारायण, राजीव मिश्रा, सुनील कुमार पांडे, रामअवतार, शिव कुमार, संतोष कुमार , डॉ हरीप्रकाश, कृष्ण चंद्र, जितेंद्र कुमार,शिवा सहित बड़ी संख्या में लोगों ने कहा कि अब सामाजिक और राजनीतिक बदलाव के लिए किन्नर समाज को आगे आना होगा, जिससे वह विकास के साथ-साथ लोगों की मदद भी कर सकें। पदाधिकारियों ने कहा कि अभी तक जो भी महिला या पुरुषमहापौर का चुनाव जीतते थे वह लोग अपना और अपने लोगों के हित तक काम करने में सीमित रह जाते हैं लेकिन किन्नर लोग समाज , प्रदेश और देश की सेवा करते है।

संस्था के लोगों ने कहा कि सबसे जरूरी हो गया है कि प्रयागराज के महापौर पद पर किन्नर समाज की महामंडलेश्वर स्वामी कौशल्यानंद गिरी (टीना मि) का समर्थन करते हुए उनको बड़ी संख्या में मतों से महापौर पद पर विजयी बनाया जाए। इस मामले में किन्नर वेलफेयर बोर्ड की वरिष्ठ सदस्य और किन्नर अखाड़ा उत्तर प्रदेश की प्रदेश अध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी कौशल्यानंद गिरि का कहना है कि अगर लोगों की सेवा के लिए मौका मिलेगा तो सेवा के लिए आगे जरूर आऊंगी। उन्होंने कहा कि जो भी हम लोगों का सामर्थ्य है उससे हम लोग पूरी तरह से समाज, प्रदेश और देश के लोगों की सेवा कर रहे हैं और आगे करते रहेगे। महामंडलेश्वर स्वामी कौशल्यानंद गिरि महाराज ने कहा कि किन्नर समाज नाश्ला जजमेंट के बाद अपने अधिकारों के लिए कानूनी और सामाजिक रूप से आगे आया है और उसको एक नयी पहचान मिली है। ऐसे में अब जरूरी हो गया है कि सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक विकास किन्नर समाज का भी होना चाहिए जिससे कि वह अपने समाज के साथ अन्य वर्ग का विकास कर सकें और उसका लाभ सभी वर्ग के लोगों को मिल सके। उन्होंने कहा कि किन्नर समाज के लोग भी शिक्षित होकर समाज की मुख्य धारा में आ रहे है। उन्होंने कहा कि गोरखपुर की महापौर आशा थी जो कि गोरखपुर के लिए बहुत कुछ किया। उन्होंने कहा कि किन्नर अखाड़ा की संस्थापक आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने सुप्रीम कोर्ट से नाश्ला जजमेंट कराकर किन्नर समाज को नयी पहचान और उनको अधिकार दिलाया। किन्नर अखाड़ा की स्थापना करके किन्नरो को समाज से पूरी तरह से जोडते हुए सामाजिक भ्रांतियों को दूर किया। महामण्डलेश्वर स्वामी कौशल्यानंद गिरी ने कहा कि पार्टी नेतृत्व और वरिष्ठ पदाधिकारियों का जो निर्देश होगा उसका पूरी तरह से पालन किया जाएगा।

उधर, किन्नर अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी जी महराज का कहना है कि किन्नर भी आम लोगों के और आपके बीच के ही हैं। वह सदियों से उपेक्षित रहे हैं ऐसे में अब जरूरी हो गया कि समाज में बदलाव होना चाहिए और किन्नरों को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक अधिकार मिलना चाहिए। आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी महाराज ने कहा कि अगर कोई किन्नर महापौर बनता है तो वह समाज के लोगों और शहर के विकास के लिए बहुत कुछ करेगा। उन्होंने कहा कि हम लोगों को अपना नही समाज और देश के लोगों के विकास के लिए आगे आ रहे है।

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