Uttar Pradesh : यूपी बोर्ड परीक्षा के प्रश्न पत्र के लिए अलग बनेगा स्ट्रांग रूम

प्रयागराज, उत्तर प्रदेश : प्रश्नपत्रों को इस बार उत्तरपुस्तिकाओं से अलग रखा जाएगा। इसके लिए परीक्षा केंद्र पर एक अलग कक्ष में स्ट्रांग रूम बनाया जाएगा।
यूपी बोर्ड परीक्षा के प्रश्न पत्र के लिए अलग बनेगा स्ट्रांग रूम
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हाइलाइट्स :

  • यूपी बोर्ड ने परीक्षा-2024 के लिए केंद्र निर्धारण नीति जारी।

  • केंद्रों की दूरी का दायरा बढ़ाकर घटाएंगे केंद्र।

  • स्ट्रांग रूम में डबल लाक युक्त अलमारी की आनलाइन निगरानी की जाएगी।

प्रयागराज, उत्तर प्रदेश। शासन ने यूपी बोर्ड की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा-2024 के लिए आनलाइन केंद्र निर्धारण नीति जारी कर दिया है। इसके बाद यूपी बोर्ड के सचिव दिब्यकांत शुक्ल ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों एवं जिला विद्यालय निरीक्षकों को शासन के आदेश के क्रम में अनुपालन के लिए पत्र भेजा है। प्रश्नपत्रों को इस बार उत्तरपुस्तिकाओं से अलग रखा जाएगा। इसके लिए परीक्षा केंद्र पर एक अलग कक्ष में स्ट्रांग रूम बनाया जाएगा।

यूपी बोर्ड के सचिव दिब्यकांत शुक्ल ने बताया कि शासनादेश में अनिवार्य मानक पूर्ण करने वाले विद्यालयों के हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की बालिकाओं को स्वकेंद्र की सुविधा मिलेगी। उन्होंने बताया कि परीक्षा केंद्रों में प्रश्नपत्रों के सुरक्षा की दृष्टि से प्रधानाचार्य कक्ष से अलग कक्ष को स्ट्रांग रूम बनाना अनिवार्य किया गया है। इस बार उत्तरपुस्तिकाएं इसमें नहीं रखी जाएंगी, ताकि स्ट्रांग रूम में किसी अन्य प्रकार की गतिविधि न हो सके।

सचिव ने बताया कि स्ट्रांग रूम में डबल लाक युक्त अलमारी की आनलाइन निगरानी की जाएगी। इसके साथ ही यह भी नई व्यवस्था की गई है कि स्ट्रांग रूम में एक अन्य अलमारी की व्यवस्था होगी, जिसमें प्रथम बार प्रश्नपत्रों को निकालने के पश्चात वितरण के उपरांत अवशेष प्रश्नपत्रों को को सुरक्षित रखा जाए।

सचिव दिब्यकांत शुक्ल ने बताया कि जिन वित्तविहीन विद्यालयों में हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट में संयुक्त रूप से बालिका परीक्षार्थियों की संख्या अधिक होगी, उन्हें सभी मानक पूर्ण करने की दशा में केंद्र बनाने में प्राथमिकता दी जाएगी।

इसके अलावा संंस्थागत/व्यक्तिगत बालक परीक्षार्थियों का परीक्षा केंद्र प्रत्येक विद्यालय/अग्रसारण केंद्र से यथासंभव 12 किमी की परिधि के विद्यालयों में निर्धारित किया जाएगा।

सचिव ने बताया कि विषम भौगोलिक परिस्थिति एवं विद्यालय की अनुपलब्धता में 15 किमी परिधि के अंदर के विद्यालय केंद्र बनेंगे। पहले यह सीमा पांच से दस किमी थी। परीक्षा केंद्र निर्धारण के लिए दूरी बढ़ने से अधिक क्षमता वाले अच्छे विद्यालय केंद्र बनाए जा सकेंगे। इससे परीक्षा केंद्र घट जाएंगे। केंद्र कम होने से उनकी निगरानी ज्यादा सघनता से हो सकेगी। परीक्षा केंद्र 1500 तक परीक्षार्थियों के लिए बनाए जाएंगे। पहले यह सीमा 1200 थी।

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