विक्रम बत्रा जयंती
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विक्रम बत्रा जयंती : भारतीय सेना का वह जांबाज, जिस पर दुश्मन देश भी था फ़िदा

कारगिल युद्ध के दौरान विक्रम बत्रा ने जिस शौर्य और पराक्रम का परिचय दिया वह अद्भुत है। जानिए युद्ध के दौरान किस तरह विक्रम बत्रा भारत के लिए शहीद हुए थे।

राज एक्सप्रेस। जब भी भारतीय सेना के जांबाज सिपाहियों के पराक्रम का जिक्र होता है तो उसमें कारगिल युद्ध के नायक कैप्टन विक्रम बत्रा का जिक्र जरूर होता है। 9 सितंबर 1974 को पालमपुर में जी.एल. बत्रा और कमलकांता बत्रा के घर पर दो जुड़वा बच्चों का जन्म हुआ। एक बच्चे का नाम विक्रम जबकि दूसरे बच्चे का नाम विशाल रखा। महज 25 साल की उम्र में देश के लिए शहीद होने से पहले कैप्टन विक्रम बत्रा ने जिस बहादुरी का परिचय दिया, उसे दुश्मन भी सलाम करता है।

पॉइंट 5140 पर कब्जा :

कारगिल युद्ध के दौरान विक्रम बत्रा और उनकी टीम को सबसे पहले पॉइंट 5140 पर कब्जा करने का टास्क दिया गया। इस पर कब्ज़ा करना भारत के लिए बहुत जरूरी था, क्योंकि यह पॉइंट सीधी ऊंचाई पर है। पाकिस्तानी घुसपैठिए यहां पर छिपकर भारतीय सैनिकों पर गोलियां बरसा रहे थे। लेकिन विक्रम बत्रा और उनकी टीम ने बिना किसी नुकसान के पॉइंट 5140 पर कब्जा कर लिया। यहीं पर विक्रम बत्रा की पाकिस्तानी गन के साथ मुस्कुराती हुई तस्वीर सामने आई थी।

पॉइंट 4875 पर कब्जा :

पहले टास्क को पूरा करने के 9 दिन बाद विक्रम बत्रा और उनकी टीम को दूसरा टास्क दिया गया। यह टास्क था पॉइंट 4875 पर कब्जा करना। यह टास्क बहुत मुश्किल था, क्योंकि यह पॉइंट 17 हजार फीट की ऊंचाई पर था और यहां जाने के लिए 80 डिग्री की चढ़ाई करना पड़ती है। लेकिन भारतीय सेना के वीर जांबाज दुश्मनों से लड़ते हुए ऊपर की तरफ बढ़ते गए और पॉइंट 4875 पर भी कब्जा कर लिया। इसी मिशन के दौरान जब एक भारतीय सैनिक घायल हो गया तो विक्रम बत्रा ने अपनी जान की परवाह किए बिना उसकी जान बचाई। इसके बाद एक दूसरे घायल को सैनिक को बचाने के दौरान एक गोली विक्रम बत्रा के सीने में जा लगी और वह देश के लिए शहीद हो गए।

दुश्मन भी करता था तारीफ :

विक्रम बत्रा की तारीफ भारत ही नहीं बल्कि पाकिस्तान में भी होती है। युद्ध के दौरान कैप्टन बत्रा का कोडनेम शेरशाह था। पाकिस्तानी आर्मी भी उन्हें शेरशाह कहकर ही बुलाती थी। विक्रम बत्रा को उनके सर्वोच्च बलिदान के लिए मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया था। विक्रम बत्रा के सम्मान में पॉइंट 4875 को विक्रम बत्रा टॉप के नाम से जाना जाता है।

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