गहलोत ने निजी स्कूलों में निशुल्क प्रवेश के लिए आय सीमा बढ़ाई
गहलोत ने निजी स्कूलों में निशुल्क प्रवेश के लिए आय सीमा बढ़ाई|Social Media
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गहलोत ने निजी स्कूलों में निशुल्क प्रवेश के लिए आय सीमा बढ़ाई

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गैर सरकारी स्कूलों में निशुल्क प्रवेश के लिए अभिभावकों की आय सीमा एक लाख से बढ़ाकर ढाई लाख कर दी है।

Kratik Sahu

राजएक्सप्रेस। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शिक्षा की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने निःशुल्क शिक्षा एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 के तहत प्रदेश के गैर सरकारी विद्यालयों में निःशुल्क प्रवेश के लिए अभिभावकों की वार्षिक आय सीमा बढ़ाकर ढाई लाख रूपए कर दी है। आपको बता दें कि आरटीई एक्ट के तहत प्रदेश के गैर सरकारी विद्यालयों में 25 प्रतिशत सीटों पर दुर्बल वर्ग एवं असुविधाग्रस्त समूह के निःशुल्क प्रवेश के लिए अभिभावकों की वार्षिक आय सीमा एक लाख रूपए का प्रावधान था, जिसे गहलोत ने बढ़ाकर ढाई लाख रूपए कर दिया है।

गहलोत सरकार के इस निर्णय से प्रदेश में शिक्षा का अधिकारों की भावना और इस अधिनियम को मजबूती मिलेगी। आय सीमा बढ़ने से दुर्बल वर्ग और असुविधाग्रस्त समूह के अधिक से बच्चे गैर सरकारी स्कूलों में प्रवेश ले सकेंगे। मुख्यमंत्री के इस फैसले से बड़ी संख्या में दुर्बल और असुविधाग्रस्त वर्ग के वे बच्चे भी बड़े एवं नामी निजी स्कूलों में निशुल्क पढ़ सकेंगे जिनके अभिभावकों की आय सीमा ढ़ाई लाख रूपए सालाना है।

गौरतलब है कि बीते दिनों शिक्षा विभाग की वीडियो कांफ्रेंस में मुख्यमंत्री ने इस बात पर बल दिया था, कि निशुल्क शिक्षा एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम की भावना के अनुरूप जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को लाभ दिए जाने की जरूरत है। उन्होंने इस बात पर चिंता जताई थी, कि अभिभावकों की आय सीमा घटाने के फैसले से जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को गैर सरकारी स्कूलों में निशुल्क शिक्षा प्राप्त करने का अवसर नहीं मिल पायेगा, जो कि इस अधिनियम की मूल भावना के विपरीत है।

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