टिड्डियों की आफत के मद्देनजर वायुसेना एयरबेस पर उठाए कई कदम
टिड्डियों की आफत के मद्देनजर वायुसेना एयरबेस पर उठाए कई कदम|Social Media
पश्चिम भारत

राजस्थान:टिड्डियों की आफत के मद्देनजर वायुसेना एयरबेस पर उठाए कई कदम

राजस्थान के सीमांत जैसलमेर एवं बाड़मेर क्षेत्रों में टिड्डियों से फसलों एवं वनस्पतियों को खतरा बढता जा रहा है। वायुसेना एयरबेस पर उत्पन्न बाधा की संभावना के मद्देनजर एहतियातन कई कदम उठाये गये।

राज एक्सप्रेस

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राजस्थान, भारत। सीमा पार पाकिस्तान से टिड्डियों के भारतीय सीमा में घुसने का प्रवेश द्वार बन चुके राजस्थान के सीमांत जैसलमेर एवं बाड़मेर क्षेत्रों में टिड्डियों से फसलों एवं वनस्पतियों को खतरा बढ़ता जा रहा है, वहीं वायुसेना के एयरबेस पर इससे उत्पन्न बाधा की संभावना के मद्देनजर गाईडलाइन जारी कर एहतियातन कई कदम उठाये गये हैं।

पाकिस्तान की सीमा से उड़कर प्रतिदिन भारतीय सीमा में आ रही टिड्डियों से फसलों एवं वनस्पतियों को खतरा बढ़ता जा रहा हैं तथा वायुसेना के एयरबेस एवं सिविल एयरपोर्ट पर विमानों की उड़ान गतिविधियां में भी इन टिड्डियों के कारण खतरा एवं बाधा उत्पन्न होने की संभावना के मुद्देनजर वायुसेना एवं सिविल एयरपोर्ट प्रशासन द्वारा एहतियात के तौर पर सावधानी बरती जा रही हैं।

डी.जी.सी.ए द्वारा भी इस संबंध में गाईडलाईन जारी की गई हैं। गत रविवार को भी जैसलमेर शहर में टिड्डियों के जबरदस्त हमला कर देने से ये वायुसेना के परिसर में भी घुस गई थी। गनीमत रही कि, रनवे एवं तकनीकी क्षेत्र में नही जा पाई। हालांकि उस दिन सभी प्रकार के विमानों की उड़ाने बंद थी लेकिन फिर भी वायुसेना द्वारा भविष्य में टिड्डी हमले से बचाव में कई कदम उठाये हैं और टिड्डी नियंत्रण विभाग से संपर्क बनाये हुए हैं।

जैसलमेर से लगती पाकिस्तान की 471 किलोमीटर की सीमा के सामने सीमा पार पाकिस्तान का सिंध एवं पंजाब राज्य की सीमा का क्षेत्र पड़ता हैं। पाकिस्तान के इन दोनों प्रांतो में जबरदस्त टिड्डी प्रकोप है तथा दोनों प्रांतों से टिड्डिया लगातार जैसलमेर सीमा से होते हुवें भारतीय सीमा में प्रवेष कर रही हैं। पिछले कई दिनों से सीमा पार से टिड्डिया जैसलमेर सीमा से प्रवेष कर देश के अन्य भागो में पहुंच रही हैं, चूंकि जैसलमेर शहर में भारतीय वायुसेना का महत्वपूर्ण बेस हैं तथा यहां पर अक्सर वायुसेना की फ्लाईंग गतिविधियां होती रहती हैं। साथ ही वायुसेना के इसी रनवे से सिविल एयरपोर्ट से भी सिविल उड़ाने भी संचालित होती रहती हैं, ऐसे में शहर में टिड्डियों के आक्रमण करने पर वायुसेना एवं सिविल विमानों की उड़ान गतिविधिया भी बाधित होने की संभावना के मद्देनजर वायुसेना द्वारा ऐहतियात के तौर पर कई कदम उठाये गए हैं।

रक्षा सूत्रों ने बताया कि, गत वर्ष भी जैसलमेर में हुए जबरदस्त टिड्डी हमले के कारण टिड्डियां वायुसेना के रनवे पर छा गई थीं, जिससे न केवल वायुसेना की विमान गतिविधियां भी रोकनी पड़ी थीं, वहीं स्पाईस जेट की सिविल फ्लाईट को भी कुछ देरी से उड़ान भरनी पड़ी थी। रनवे की सफाई के बाद ही उड़ान सेवा शुरु हो पाई थी।

सूत्रों ने बताया कि, ''गत रविवार को भी जैसलमेर शहर में टिड्डियों का आक्रमण हुआ था और यह टिड्डिया वायुसेना परिसर में भी घुस गई थी, लेकिन किसी प्रकार की ऑपरेशनल गतिविधियों पर इसका कोई फर्क नही पड़ा मगर आगामी दिनो में बहुत बड़े टिड्डी हमलों की चेतावनी के मुद्देनजर ऐहतियातन के तौर पर भारतीय वायुसेना के द्वारा तैयारिया की गई हैं।''

वायुसेना द्वारा टिड्डी नियंत्रण से भी संपर्क बनाया गया हैं। इसके अलावा वायुसेना परिसर में घुसकर पेड़ों पर बैठ जाने पर इन टिड्डियों के नष्ट करने के लिए कीटनाशक के प्रबंध भी किये गए हैं।

डी.जी.सी ए द्वारा सिविल एयरपोर्ट पर भी टिड्डियों के अटैक की दशा में गाईडलाईन जारी की गई हैं। इसमें पायलट को किस तरह विमान को उतारते एवं उड़ान भरते समय टिड्डियों के करण आने वाली परेशानी को किस तरह निपटा जाये, उसके लिए भी दिशा निर्देश दिये गए हैं।

सिविल एयरपोर्ट ऑथोरिटी के डायरेक्टर बी.एस.मीणा ने बताया कि, जैसलमेर में टिड्डियों के हमले करने पर ऐहतियात के तौर पर कई कदम उठाये गये हैं तथा डी.जी.सी की जारी दिशा निर्देशों के अनुरुप ही कदम उठाये गए हैं तथा हरसंभव बचाव एवं विमान के उड़ान में बाधा एवं खतरा पैदा न हो, इसके लिए कदम उठाये गए हैं।

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