Raj Express
www.rajexpress.co
मकर संक्रांति पर क्यों है जरूरी तिल-गुड़
मकर संक्रांति पर क्यों है जरूरी तिल-गुड़|Social Media
भारत

मकर संक्रांति पर क्यों है जरूरी तिल-गुड़

मकर संक्राति हिंदू धर्म के मुख्य त्योहारों में से एक है। इस त्योहार पर खिचड़ी, तिल-गुड़ अपना विशेष महत्व रखते हैं। आखिर क्या है इसकी वजह क्यों लगाया जाता है तिल-गुड़ का भोग जानिए इस रिपोर्ट में...

Rishabh Jat

राज एक्सप्रेस। मकर संक्राति पर तिल खाने को लेकर भी एक पौराणिक मान्यता है। श्रीमद्भगवत एवं देवी श्रीमद्देवीभागवत महापुराण के अनुसार शनिदेव अपने पिता सूर्यदेव से बैर था क्योंकि उन्होंने हमेशा पिता को अपनी माता और पहली पत्नी संज्ञा के बीच और खुद दोनों संतानों के बीच भेदभाव करता पाया। नाराज शनि ने पिता को कुष्ठरोग का श्राप दे डाला। रोगमुक्त हुए सूर्यदेव ने शनि के घर यानी कुंभराशि को जला दिया। बाद में अपने ही पुत्र को कष्ट में देखकर सूर्य शनि से मिलने उसके घर पहुंचे। वहां यानी कुंभ राशि में तिल के अलावा बाकी सबकुछ जला हुआ था। शनि ने तिल से ही सूर्यदेव को भोग लगाया, जिसके बाद शनि को उनका वैभव दोबारा मिल गया। तभी से इस दिन तिल दान और तिल खाने का महत्व है।

मकर संक्रांति पर क्यों है जरूरी तिल-गुड़
मकर संक्रांति पर क्यों है जरूरी तिल-गुड़
Social Media

मकर संक्रांति पर तिल का वैज्ञानिक महत्व

मकर संक्रांति के दिन खिचड़ी और तिल खाना वैज्ञानिक महत्व भी रखता है। इस वक्त देश के ज्यादातर हिस्सों में भारी ठंड होती है और सूर्य का एक से दूसरी राशि में जाना मौसम में बदलाव लाता है। इसकी वजह से बीमारियों का डर बढ़ जाता है। तिल और खिचड़ी में वे सभी पोषक तत्व होते हैं जो शरीर को गर्मी दें और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए। यही कारण है इस त्योहार पर तिल-गुड़ की चीजें और दाल-सब्जी वाली खिचड़ी खाई जाती है।

मकर संक्रांति पर क्यों है जरूरी तिल-गुड़
मकर संक्रांति पर क्यों है जरूरी तिल-गुड़
Social Media

भारत में अनेकता में एकता के प्रतीक का त्योहार है मकर संक्राति

इस त्योहार को देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग नाम से मनाया जाता है, जैसे तमिलनाडु में इसे पोंगल के रूप में मनाते हैं। कर्नाटक, केरल तथा आंध्र प्रदेश में इसे संक्रांति कहते हैं। गोवा, ओडिशा, हरियाणा, बिहार, झारखंड, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और जम्मू में इस दिन को मकर संक्रांति कहते हैं।

मकर संक्रांति पर क्यों है जरूरी तिल-गुड़
मकर संक्रांति पर क्यों है जरूरी तिल-गुड़
Social Media

इस दिन चावल और उड़द दाल की खिचड़ी खाने और इसके दान का काफी महत्व है। यहां तक कि, इस दिन को कई जगहों पर खिचड़ी पर्व भी कहते हैं। खिचड़ी खाने की वजह ये है कि इसमें चावल को चंद्रमा का प्रतीक माना जाता है और उड़द दाल को शनि का। इसमें डलने वाली हरी सब्जियां बुध ग्रह से जुड़ी हैं। इन सबका मेल मंगल और सूर्य से सीधा ताल्लुक रखता है।इसी दिन सूर्य उत्तरायण होते हैं इसलिए खिचड़ी खाने से इन सारे ग्रहों का सकारात्मक प्रभाव बढ़ता है।

ताज़ा ख़बर पढ़ने के लिए आप हमारे टेलीग्राम चैनल को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। @rajexpresshindi के नाम से सर्च करें टेलीग्राम पर।