विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस : हर तरफ बढ़ता जा रहा प्रदूषण, जानिए क्यों जरूरी है प्रकृति का संरक्षण?

दुनिया भर में प्रतिदिन वातावरण में प्रदूषण का असर बढ़ता ही जा रहा है। जिसे रोकने के लिए विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस मनाया जाता है। चलिए बताते हैं आपको इसके बारे में।
विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस
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राज एक्सप्रेस। दुनिया भर में आज 28 जुलाई को वर्ल्ड नेचर कंजर्वेशन डे यानि विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। हर साल इस दिन को पूरे विश्व में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन लोगों को प्रकृति के प्रति प्रेम और इसका संरक्षण करने के लिए प्रेरित किया जाता है। क्योंकि हम यह देख सकते हैं कि धीरे-धीरे प्रकृति दूषित होती जा रही है। जिसके भयंकर परिणाम हो सकते हैं। आज हम जानेंगे कि विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस क्यों मनाते हैं? क्या है प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण? और इस वर्ष विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस की थीम क्या है?

क्यों मनाते हैं विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस?

प्रकृति के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए यह दिन मनाया जाता है । इस दिन लोगों को प्रकृति में फ़ैल रहे प्रदूषण के कारण बताए जाने से लेकर उन्हें इसकी रोकथाम करने के उपायों से भी रूबरू कराया जाता है। इस दिन को मनाए जाने के पीछे हमारी प्रकृति की हिफाजत करना एकमात्र कारण है।

प्रदूषण का बहुत बड़ा कारण ‘प्लास्टिक ’है :

मालूम हो कि हर जगह प्लास्टिक का इस्तेमाल बहुतायत से किया जाता है। जो कि जानवरों के साथ ही हम इंसानों के लिए भी एक बहुत बड़ा खतरा बनती जा रही है। आज नदियों से लेकर समुद्र, पहाड़ और हमारे आसपास की जगहों तक प्लास्टिक के कारण प्रदूषण का स्तर बढ़ता ही जा रहा है।

प्लास्टिक पर सख्त हो रहे देश :

आज दुनिया भर के ऐसे करीब 60 से भी अधिक देश हैं जहां प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम किया जा रहा है और सिंगल यूज़ प्लास्टिक अपनाने पर जोर दिया जा रहा है। आज कई कम्पनियां प्लास्टिक की बजाय बायोप्लास्टिक का इस्तेमाल कर रही हैं। इसके अलावा लोगों को ऐसी प्लास्टिक के इस्तेमाल के लिए कहा जा रहा है जिन्हें रीसायकल किया जा सके।

दुनिया भर में हो रहे प्रयास लेकिन हैं नाकाफी :

प्लास्टिक के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए दुनिया भर में अथक प्रयास किए जा रहे हैं। लेकिन इसके बावजूद लोगों में इसके लिए पूर्णरूप से जागरूकता नहीं फ़ैल पाई है। आज भी हम अपने घरों के आसपास, समुद्र किनारे, जंगलों आदि जगहों पर प्लास्टिक को फेंक देते हैं। जिसे खाकर कई बार जीव-जन्तु मर जाते हैं। जानवरों के साथ ही इस प्लास्टिक के कारण इंसानों पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है।

सिंगल यूज़ प्लास्टिक के इस्तेमाल पर रोक :

भारत सरकार के द्वारा 1 जुलाई 2022 से सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक लगा दी गई है। इस पाबंदी के बाद से प्लास्टिक से बढ़ने वाले खतरे पर थोड़ी रोकथाम लग जाएगी। इसे ध्यान में रखते हुए ही इस साल विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस की थीम कट डाउन ऑन प्लास्टिक यूज रखी गई है।

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