गणितज्ञ शकुंतला देवी
गणितज्ञ शकुंतला देवी|Social Media
भारत

समलैंगिकता पर किताब लिख चुकीं, मानव कंप्यूटर कहलाने वाली महिला?

1977 में समलैंगिकता का अध्ययन कर किताब लिख चुकी हैं शकुंतला देवी।

रवीना शशि मिंज

राज एक्सप्रेस। मनुष्यों में मान के चलें तो 3 किस्म के लोग होते हैं, पहले वो जिन्हें पता नहीं होता जीवन में उन्हें करना क्या है, या कहें उनका लक्ष्य क्या है। दूसरे वो जिनका एक ही लक्ष्य होता है, जिसे हासिल कर वो संतुष्ट हो जाते हैं और तीसरे वो जो एक सिरे से काम शुरू करते हुए बहुत सारी उपलब्धियाँ हासिल करते चले जाते हैं।

तीसरे किस्म के लोग कम ही देखने को मिलते हैं। आज हम जिस शख़्सियत की बात करने वाले हैं वे तीसरे कैटेगरी का सबसे अच्छा उदाहरण हैं। इनकी शख़्सियत जितनी दिलचस्प है उतनी ही दिलचस्प इनकी जीवनी भी है।

यहाँ बात हो रही है शकुन्तला देवी की, जो ह्यूमन कंप्यूटर या मानव कंप्यूटर के नाम से आज भी हमारे बीच में प्रसिद्ध हैं। उनका गिनिज वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी नाम दर्ज है, इन्होंने कई उपन्यासों का लेखन भी किया है। आज इनका जन्मदिन है, जानते हैं मास्टर ऑफ ऑल शकुंतला देवी के बारे में।

संघर्षमय जीवन

4 नवंबर सन् 1929 में बेंगलुरू के एक कन्नड़ ब्राह्मण परिवार में शकुन्तला देवी का जन्म हुआ । उनके पिता ने पुजारी बनने के बजाय मदारी को पेशे के रूप में चुना। आर्थिकी तंगी के चलते वे ठीक से शिक्षा भी हासिल नहीं कर पाईं।

Raj Express
www.rajexpress.co