ब्लैक और व्हाइट फंगस के बाद अब नई आफत 'यलो फंगस' आई सामने, UP से मिला केस
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ब्लैक और व्हाइट फंगस के बाद अब नई आफत 'यलो फंगस' आई सामने, UP से मिला केस

देश में अब कोरोना, ब्लैक फंगस और व्हाइट फंगस तीनों के बाद अब यलो फंगस ने भी खलबली मचाना शुरू कर दिया है। इसी बीच उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से यलो फंगस के मामले सामने आरहे हैं।

गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश। आज देशभर में कोरोना का आंकड़ा बेकाबू होता जा रहा है। देश में हर दिन हजारों लोगों की जान जा रही हैं। ऐसे में देश में अब एक-एक करके नई बीमारियां जन्म लेती ही जा रही हैं। कुछ ही दिनों में पूरे भारत से ब्लैक फंगस (म्यूकरमाइकोसिस) और ब्लैक फंगस नाम की बीमारी के मामलें सामने आने लगे थे। वहीं, अब यलो फंगस के मामलों में भी सामने आने लगे है। जी हां, देश में अब कोरोना, ब्लैक फंगस और व्हाइट फंगस तीनों के बाद अब यलो फंगस ने भी खलबली मचाना शुरू कर दिया है। इसी बीच उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से यलो फंगस के मामले सामने आरहे हैं।

गाजियाबाद से सामने आया यलो फंगस का मामला :

दरअसल, देशभर के कई राज्यों में धीरे-धीरे करने अपने पैर पसारते हुए ब्लैक फंगस ने एंट्री ले ही ली थी। उसके बाद बिहार की राजधानी पटना से व्हाइट फंगस के मामले भी सामने आये थे। वहीं, अब उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से यलो फंगस का भी मामला सामने आया है। इतना ही नहीं इस फंगस को लेकर डॉक्टरों का कहना है कि, 'यलो फंगल, ब्लैक और वाइट फंगस से कहीं ज्यादा खतरनाक है। यह पहली बार है जब यह किसी इंसान में मिला है। यलो फंगस जिस मरीज में मिला है, उसकी उम्र 45 साल की है। वह कुछ दिनों पहले ही कोरोना से ठीक हुआ है। मरीज डायबटिक भी है। यह मरीज गाजियाबाद के ईएनटी सर्जन को दिखाने पहुंचा था। डॉक्टर ने जांच के दौरान पाया कि उसे यलो फंगस है।'

डॉक्टर ने बताए यलो फंगस के लक्षण :

डॉक्टर बीपी त्यागी द्वारा प्रपात जानकारी के अनुसार, 'यलो फंगस का क्लीनिक में मरीज दिखाने आया था। उसे सुस्ती थी। भूख कम लग रही थी। उसका वजन कम हो रहा था। उसे कम धुंधला दिखने की प्रॉब्लम भी थी। मरीज की बॉडी में यलो फंगस आंतरिक रूप से शुरू होता है। जैसे यह बढ़ता है, बीमारी और घातक हो जाती है।" डॉ. बीपी त्यागी ने बताया कि, 'जो मरीज यलो फंगस से ग्रसित पाया गया वह संजय नगर इलाके के रहने वाले है। उसके सीटी स्कैन से फंगस के बारे में पता नहीं चला। इस मामले में हैरान कर देने वाले बात यह थी कि, जब मरीज की नेजल इंडोस्कोपी की गई तो पता चला कि उसके शरीर में ब्लैक, वाइट और यलो तीनो ही फंगस मौजूद थे।'

यलो फंगस से बचाव

डॉक्टर बीपी त्यागी ने बताया है कि, यलो फंगस का मरीज जिस घर में रहता है। उस घर में यदि ज्यादा नमी है तो मरीज के लिए यह घातक साबित हो सकता है। ध्यान रहे कि, ज्यादा नमी बैक्टीरिया और फंगस बढ़ाती है। डॉक्टर ने बताया कि घर की और आसपास की सफाई बहुत जरूरी है। साथ ही कोशिश करें कि, बासी खाना न खाएं।

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