Yogi government prepared Special Security Force
Yogi government prepared Special Security Force|Social Media
भारत

UP: बिना वारंट तलाशी लेकर गिरफ्तार करेगी योगी सरकार की स्पेशल फोर्स

उत्तर प्रदेश: राज्य की योगी सरकार ने अपने राज्य में आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए एक विशेष प्रकार की स्पेशल फोर्स तैयार की है। जो बिना वारंट के तलाशी लेकर अपराधियों को गिरफ्तार कर सकेगी।

Kavita Singh Rathore

Kavita Singh Rathore

उत्तर प्रदेश : आज भारत में क्राइम इस कदर बढ़ गए है जैसे लोगों में डर ही नहीं रह गया हो। यह क्राइम चाहे चोरी, डकैती, मर्डर के हो या घोटाले जैसे अपराध। इन बढ़ते अपराधों को मद्देनजर रखते हुए भारत के भी उत्तर प्रदेश राज्य की योगी सरकार ने अपने राज्य में आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए एक विशेष प्रकार की स्पेशल फोर्स तैयार की है। जो बिना वारंट के तलाशी लेकर अपराधियों को गिरफ्तार कर सकेगी।

योगी सरकार ने तैयार की स्पेशल फोर्स :

दरअसल, उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने आपराधिक गतिविधियों को काम करने के मकसद से एक सुरक्षा बल (स्पेशल फोर्स) का गठन किया है। इस स्पेशल फोर्स को सरकार द्वारा ऐसी पॉवर मिली है जो कि, अब तक सिर्फ केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) को मिलती थी। सरकार की यह स्पेशल फोर्स बिना किसी वारंट के शक होने या मामला दर्ज होने पर न केबल अपरधी के घर और दफ्तर की तलाशी ले सकेगी बल्कि उन्हें गिरफ्तार भी कर सकेगी। इस फोर्स को सरकार की तरफ से ऐसा करने के लिए पूरे अधिकार दिए गए है।

राज्य सरकार ने दी जानकारी :

उत्तर प्रदेश की राज्य सरकार ने रविवार को इस बारे में जानकरी देते हुए बताया कि, उत्तर प्रदेश में स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स (UPSSF) का गठन किया गया है। यह फोर्स उत्तर प्रदेश में मा. उच्च न्यायालय, जिला न्यायालयों, प्रशासनिक कार्यालय एवं परिसर व तीर्थस्थल, मेट्रो रेल, हवाई अड्डा, बैंक अन्य वित्तीय, शैक्षिक संस्थान, औद्योगिक संस्थान आदि की सुरक्षा व्यवस्था संभालेगी।

एडिशनल चीफ सेक्रेटरी ने बताया :

एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (गृह) अवनीश अवस्थी ने आधिकारिक ट्विटर हैंडल द्वारा भी ट्वीट कर इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि,

साइबर अपराध से निपटने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा फॉरेंसिक लैब तथा साइबर थाने की स्थापना की जा रही है। ऐसे अपराधों की विवेचना एवं अभियोजन के लिए अपने पुलिस तंत्र एवं अभियोजकों को साइबर अपराध के क्षेत्र में दक्ष बनाया जाना आवश्यक है। इसके दृष्टिगत प्रदेश की राजधानी लखनऊ में ग्राम पिपरसण्ड, थाना सरोजनीनगर में उत्तर प्रदेश पुलिस और फॉरेंसिंक साइंस विश्वविद्यालय लखनऊ की स्थापना 35.46 एकड़ में की जा रही है।

अवनीश अवस्थी, एडिशनल चीफ सेक्रेटरी

महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा हेतु वर्तमान में 9,919 कर्मी कार्यरत रहेंगे। विशेष सुरक्षा बल के रूप में प्रथम चरण में 5 बटालियन का गठन किया जाना प्रस्तावित है। इन बटालियनों के गठन हेतु कुल 1,913 नये पदों का सृजन किया जाएगा इस प्रकार 05 बटालियन के गठन पर कुल व्यय भार 1747.06 करोड़ अनुमानित है जिसमें वेतन भत्ते व अन्य व्यवस्थाएं भी सम्मिलित हैं।

सुरक्षा बल अधिनियम 2020 लागू :

राज्य में उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल अधिनियम 2020 को लागू किया गया है। @dgpup को इस अधिनियम की प्रति 11 सितम्बर, 2020 को भेजते हुए, इस बल के प्रभावी क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए गए हैं। इस अधिनियम में UPSSF के गठन/क्रियान्वयन के सम्बंध में रोडमैप 03 दिवस में उपलब्ध कराने, इस बल के संचालन हेतु पदों के प्रस्ताव 07 दिवस में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। उक्त अधिनियम के उपबंधों के क्रियान्वयन हेतु नियमावली का प्रस्ताव 15 दिवस में उपलब्ध कराने तथा 03 माह में इस बल के प्रथम फेज लान्च करने हेतु सुझाव दिये जाने के निर्देश दिए गए हैं।

CM योगीका ड्रीम प्रोजेक्ट :

एडिशनल चीफ सेक्रेटरी अवनीश अवस्थी ने आगे बताया कि, यह बल (UPSSF) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) का ड्रीम प्रोजेक्ट होगा। UPSSF के गठन पर पुलिस @dgpup द्वारा अपनी सहमति प्रदान की गई है।

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