मातृत्व की एक पहचान
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स्तनपान-माँ और बच्चें की सेहत के लिए कितना आवश्यक?

मातृत्व की एक पहचान के तहत अभी हाल ही में 1-7 अगस्त 2019 के बीच विश्व स्तनपान सप्ताह चलाया गया जहाँ स्तनपान मां और शिशुओं की सेहत के लिए आवश्यक है, वहीं महिलाएं इसकी जरुरत से अब तक जागरूक नहीं हैं।

Deepika Pal

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राज एक्सप्रेस। स्तनपान-मातृत्व की एक पहचान के तहत अभी हाल ही में 1-7 अगस्त के बीच विश्व स्तनपान सप्ताह मनाया गया। यह सप्ताह प्रत्येक वर्ष दुनिया भर में स्तनपान को बढ़ावा देने और महिलाओं व शिशुओं के स्वास्थ के प्रति जागरुक करने के लिए मनाया जाता है।

स्वास्थ की दृष्टि से देखें तो स्तनपान मां और शिशुओं की सेहत के लिए जितना आवश्यक है, उतना ही महिलाएं इसकी जरूरत से अनभिज्ञ हैं।

मां और शिशुओं के लिए आवश्यक है स्तनपान:

जैसा कि हम जानते हैं नवजात शिशु को जन्म के एक घंटे बाद मां के दूध का पान कराना अति आवश्यक है। स्वास्थ विशेषज्ञ सलाह देते है कि, 6 महीने की उम्र तक बच्चें को मां का दूध ही पिलाया जाए।

मां की सेहत के लिए-

बात करें तो मां के बेहतर स्वास्थ और शिशु के विकास के लिए शिशु के जन्म के बाद स्तनपान कराना जरूरी है क्योंकि बच्चें को मां द्वारा स्तनपान कराते समय जो हार्मोन निकलते है वह कॉर्डियोवस्कुलर सिस्टम को फायदा पहुंचाने और साथ ही बच्चें के उचित विकास में मदद करते हैं। लेकिन अधिकतर कामकाजी महिलाएं व्यस्त होने और ग्रामीण महिलाएं जानकारी न मिलने के कारण नवजात बच्चें को सही ढ़ंग से स्तनपान नहीं करा पातीं, जिससे महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर, प्री-मोनोपॉज, ओवेरियन कैंसर, डायबिटीज, हाइपरटेंशन और हार्ट-अटैक के खतरे बढ़ते हैं।

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