PCOS वाली महिलाओं के लिए डिप्रेशन से उबरना क्‍यों है जरूरी, जानिए दोनों में क्‍या है कनेक्‍शन

पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) महिलाओं की प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकता है। इस बीमारी से पीड़ित 27-49 प्रतिशत महिलाओं में अवसाद और चिंता विकसित होने की संभावना ज्‍यादा रहती है।
PCOS  वाली महिलाओं के लिए डिप्रेशन से उबरना क्‍यों है जरूरी
PCOS वाली महिलाओं के लिए डिप्रेशन से उबरना क्‍यों है जरूरीSyed Dabeer Hussain - RE
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हाइलाइट्स :

  • पीसीओएस महिलाओं की प्रजनन क्षमता को करता है प्रभावित।

  • पीसीओएस वाली 49 प्रतिशत महिलाएं डिप्रेशन की चपेट में।

  • अकेलापन, उदासी पीसीओएस डिप्रेशन के मुख्‍य लक्षण।

  • लो कार्ब डाइट का सेवन डिप्रेशन से उबरने का अच्‍छा तरीका।

राज एक्सप्रेस। पीसीओएस एक सामान्‍य हार्मोनल और मेंटल डिसऑर्डर है। यह लगभग 10 प्रतिशत महिलाओं को प्रभावित करता है। कई महिलाएं इस दौरान बाल झड़ने, मासिक धर्म , वजन बढ़ने और प्रजनन से जुड़ी समस्‍याओं का सामना करती है। लेकिन मेंटल हेल्‍थ की ओर उनका ध्‍यान नहीं जाता। Pubmed Central में पब्लिश हुई एक स्‍टडी के अनुसार, 27-49 प्रतिशत महिलाएं पीसीओएस में डिप्रेशन का अनुभव करती हैं। साइकोन्यूरो एंडोक्रिनोलॉजी जर्नल में पब्लिश एक अन्‍य स्‍टडी बताती है कि पीसीओएस से पीड़ित महिलाओं में सुसाइड रेट स्‍वस्‍थ महिलाओं की तुलना में सात गुना ज्‍यादा होती है। यह वास्‍तव में चिंता का विषय है। PCOS Awareness Month के दौरान हम आपको यहां बता रहे हैं कि पीसीओएस डिप्रेशन का कारण कैसे बनता है। इसके साथ ही जानेंगे कि महिलाएं इससे कैसे डील कर सकती हैं।

PCOS डिप्रेशन के आम लक्षण

  • थकान

  • उदासी

  • अकेलापन

  • बेबसी

  • नींद संबंधी परेशानियां

  • मोटिवेशन की कमी

  • सिर दर्द

  • शारीरिक दर्द जैसे गर्दन या पीठ दर्द

  • पाचन संबंधी समस्याएं

  • भूख में बदलाव

  • वजन में बदलाव

  • सेक्स में दिलचस्‍पी कम होना

पीसीओएस और मानसिक स्वास्थ्य कैसे जुड़े हुए हैं?

पीसीओएस रोगी आम लोगों की तुलना में चिंता और अवसाद की भावना ज्‍यादा महसूस करते हैं। पीसीओएस के दौरान महिलाएं हार्मोनल चेंज और साइकोलॉजिकल फैक्टर्स का अनुभव करती हैं। ये दोनों ही अक्सर उनके मूड और इमोशंस को प्रभावित करते हैं। रिसर्चर्स का मानना है कि पीसीओएस से निपटने का तनाव डिप्रेशन के लक्षणों को और भी बदतर बना देता है।

पीसीओएस अवसाद का कारण कैसे बनता है?

  • अगर आपको आपको पीसीओएस है, तो आप थका हुआ और उदासी महसूस कर सकते हैं।

  • वजन से जुड़ी समस्याओं और दर्दनाक माहवारी का संयोजन आसानी से तनाव के स्तर को बढ़ा सकता है।

  • इर्रेगुलर पीरियड्स के चलते गर्भधारण करने की संभावना शून्‍य हो जाती है, जो पीसीओएस वाली महिला में अवसाद का सबसे बड़ा कारण है।

  • इस बीच, बार-बार वजन बढ़ने की समस्याएं और त्‍वचा पर बालों का बढ़ना आसानी से आत्म-सम्मान को प्रभावित कर सकता है।

  • पीसीओएस से पीड़ित लोगों में आम लोगाें की तुलना में ईटिंग डिसऑर्डर विकसित होने का खतरा ज्‍यादा होता है। यह भी अवसाद का एक अन्‍य कारण है।

पीसीओएस में डिप्रेशन से डील करने के तरीके

  • लो कार्ब डाइट का सेवन शुरू कर दें।

  • हेल्दी वेट मेंटेन करें।

  • एक्सरसाइज करके पीसीओएस के कुछ लक्षणों को कम करने में मदद मिलती है।

  • डिप्रेशन को कम करने के लिए बर्थ हार्मोन पिल्‍स लेने की सलाह दी जाती है। यह बॉडी में एंड्रोजन लेवल को कंट्रोल करती हैं।

  • रिलैक्सेशन तकनीक अपनाएं और योगा करें।

  • टॉक थैरेपी डिप्रेशन से बाहर निकलने का बेहतर तरीका है।

पीसीओएस और अवसाद दोनों आपस में जुड़े हैं। हालांकि, पीसीओएस डिप्रेशन से उबरना इतना आसान नहीं है। इसे लाइफस्‍टाइल में बदलाव करके ही ठीक किया जा सकता है। अगर फिर भी कोई बात न बने, तो डॉक्‍टर से बात करें और अपने लिए सही इलाज के बारे में जानें।

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