7 जून, विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस
7 जून, विश्व खाद्य सुरक्षा दिवसSocial Media

सुरक्षित और स्वास्थ्य वर्धक खानपान अपनाए, मिलावट खोरी से रहें सावधान

भोपाल, मध्यप्रदेश : देशभर में विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस (वर्ल्ड फूड सेफ्टी डे 2022) मनाया जा रहा है। आज के दौर में इस दिन की अहमियत काफी बढ़ गई है।

हाइलाइट्स :

  • मिलावटखोरी पर लगाम लगाने प्रदेश सरकार सख्त।

  • 554 मामलों में एफआईआर, 45 के खिलाफ लगाया राष्ट्रीय सुरक्षा कानून।

  • 7 जून, विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस।

भोपाल, मध्यप्रदेश। देशभर में विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस (वर्ल्ड फूड सेफ्टी डे 2022) मनाया जा रहा है। आज के दौर में इस दिन की अहमियत काफी बढ़ गई है। जब लोग गलत जीवन शैली और खान पान के कारण कई बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। इसलिए सही खान पान के लिए जागरूकता की जरुरत भी बढ़ गई है। हालात को देखते हुए कई लोगों का सुरक्षित और स्वास्थ्य वर्धक खानपान की ओर रुझान बढ़ा है,लेकिन सिर्फ रुझान बढ़ जाने से ही सब कुछ नहीं होता, जो हेल्दी डाइट आप खा रहे हैं, क्या वो वाकई में हेल्दी है या नहीं, यह जानना भी बेहद जरुरी है, क्योंकि इन दिनों मिलावट के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।

देश की सबसे बड़ी समस्या में से एक हैं मिलावटखोरी, लेकिन पिछले कुछ सालों में राज्य सरकार ने मिलावटखोरी पर लगाम लगाने के लिए सख्ती दिखाई है। इससे निपटने के लिए सरकार ने दंड कानून में संशोधन करने केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा है। मप्र सरकार ने सख्त रवैया अपनाते हुए मिलावटखोरों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून और एफआई आर का प्रावधान किया है। सरकार ने खाद्य पदार्थों में मिलावट की जांच के लिए मिलावट से मुक्ति अभियान चला कर कई गिरोहों का पर्दाफाश किया है। 2020 से लेकर अब तक 554 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है। वहीं 45 पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत केस दर्ज किया गया है। इसके अलावा मिलावट का तत्काल पता लगाने के लिए प्रदेश भर में मोबाइल लैब का संचालन भी किया जा रहा है। साथ ही जागरूकता के लिए भी कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।

साल भर में करीब 7 करोड़ का लगाया जुर्माना :

अप्रैल 2021 से मार्च 2022 तक 15 हजार 355 सैंपलों की जांच की गई। इसमें से 2900 सैंपल फेल हो गए, शेष में से 9 हजार 300 नमूने मानक स्तर के और 2955 नमूनों में मिलावट पाई गई। कुल 2 हजार 786 मामले एडीएम कोर्ट और 169 सीजेएम प्रस्तुत किए गए। जिसमें से 2040 मामलों में एडीएम कोर्ट ने 6 करोड़ 92 लाख 80 हजार 500 रुपए का जुर्माना लगाया। वहीं सीजेएम कोर्ट ने 7 लाख 64 हजार 500 रुपए का जुर्माना लगाया है।

23 करोड़ मूल्य का खाद्य पदार्थ जब्त, 5.20 करोड़ रुपए वसूले :

पिछले 20 महीनों में नवंबर 2020 से जून 2022 तक एडीएम कोर्ट द्वारा दोषसिद्ध प्रकरण 3,272 , वहीं सीजीएम कोर्ट में दर्ज 264 में से 56 मामलों में कारावास की सजा दी गई है। इस दौरान साढ़े 23 करोड़ मूल्य का खाद्य पदार्थ जब्त किया गया है। न्यायलयों ने 15.89 करोड़ का अर्थदण्ड लगाया है, जिसमें से 5.20 करोड़ रुपए वसूल कर लिए गए हैं। 554 मामलों में एफआईआर, 45 पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत केस दर्ज किया गया है। करीब 250 प्रतिष्ठान सील और 138 का लाइसेंस निलंबित किया गया है।

जांच और सावधानी दोनों जरुरी :

खाद्य सुरक्षा प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार मिलावट के ज्यादातर मामले मसालों, दूध और दूध से बने उत्पादों, खाद्य तेल के आते हैं। मिलावट की आशंका होने पर मसालों व कुछ खाद्य पदार्थो की शुद्धता की परख घर पर ही की जा सकती है। थोड़ी सी सावधानी और जागरूकता रख मिलावटी खाद्य पदार्थ के उपयोग से बचा जा सकता है। उन्होंने बताया कि जब भी कोई खाद्य पदार्थ लें, तो उसकी पैकिंग और उसकी एक्सपायरी डेट को जरूर देख लें।

मिलावट खोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान :

खाद्य सुरक्षा प्रशासन, खाद्य पदार्थों की रेगुलेट्री, लाइसेंस प्रदान करने के साथ ही जागरूकता के लिए भी काम करता है। मिलावट खोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।

अरविंद पथरोल, नोडल अधिकारी, खाद्य सुरक्षा प्रशासन

कुछ जांचें घर पर भी संभव, फूड सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन में भी कर सकते शिकायत :

मिलावट की आशंका होने पर फूड सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन में इसकी शिकायत की जा सकती है। अधिकारियों ने बताया कि मिलावट के ज्यादातर मामले मसालों, दूध और दूध से बने उत्पादों के आते हैं। मसालों व कुछ पदार्थों में मिलावट की जांच घर पर भी हो सकती है। इसके लिए पानी से भरा कांच का गिलास लें, गिलास में 2 चम्मच हल्दी डालकर अच्छे से मिला लें। थोड़ी देर के बाद शुद्ध हल्दी पानी में नीचे बैठ जाएगी, जबकि नकली हल्दी होने पर वो गिलास की सतह से चिपक जाएगी। मसालों को भी जांच के लिए इसी तरह पानी में मिलाएं, शुद्ध मसाला होने पर वह पानी में तैरता रहेगा और मसाले में जो भी मिलावट होगी वो पानी में नीचे बैठ जाएगी। दूध को लेकर ज्यादा सावधान रहने की जरुरत है। दूध में आमतौर पर पानी मिलाया जाता है, इसके लिए दूध की दो बूंद थाली में डालें, पानी होने पर दूध बहने लगता है, जबकि बिना मिलावट का दूध होने पर वो तेजी से नहीं बहता है। इसके अलावा दूध में यूरिया, वॉशिंग पाउडर, स्टार्च भी मिलाया जाता है, ऐसे दूध को गर्म करने पर उसकी अलग ही स्मैल आती है।

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