Short Sleeper : कहीं आप भी तो नहीं पीएम मोदी की तरह शॉर्ट स्‍लीपर, ऐसे करें पहचान

जब कोई व्‍यक्ति सामान्य जरूरत से कम नींद लेता है, तो उसे शॉर्ट स्‍लीपर कहते हैं। इस स्थिति को शॉर्ट स्‍लीपर सिंड्रोम भी कहा जाता है। यह स्थिति अनुवांशिक है, जो माता-पिता अपने बच्‍चों को दे सकते हैं।
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हाइलाइट्स :

  • साढ़े तीन घंटे की नींद लेते हैं पीएम मोदी।

  • शॉर्ट स्‍लीपर होना कोई समस्‍या नहीं।

  • फिट और हेल्‍दी रहते हैं छह घंटे से कम सोने वाले लोग।

  • शॉर्ट स्‍लीपर सोने से पहले अल्कोहल का सेवन करने से बचें।

राज एक्सप्रेस। मस्तिष्क और शरीर को ठीक से काम करने के लिए नींद की जरूरत होती है। इसलिए विशेषज्ञ हर रात कम से कम सात घंटे सोने की सलाह देते हैं। इतनी नींद के बिना अच्‍छे परफॉर्मेंस की उम्‍मीद नहीं की जा सकती। लेकिन भारत के प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने हाल ही में खुलासा किया है कि वे हर दिन मात्र साढ़े तीन घंटे की नींद लेते हैं। इसके बावजूद भी सुबह तरोताजा और ऊर्जावान जागते है। पीएम मोदी का स्‍लीपिंग शेड्यूल जानने के बाद हर कोई हैरान है। क्‍या वास्‍तव में कोई व्‍यक्ति इतने कम घंटे की नींद लेकर ऊर्जावान बना रह सकता है। जी हां, ऐसा संभव है। कम नींद लेने वाले लोगों को शॉर्ट स्‍लीपर कहते हैं। कभी-कभी इसे शॉर्ट स्‍लीपर सिंड्रोम कहा जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, कम नींद का पैटर्न आमतौर पर बचपन या किशोरावस्था में शुरू होता है और वयस्कता तक जारी रहता है। तो चलिए जानते हैं कौन होते हैं शॉर्ट स्‍लीपर और क्‍या होते हैं इनके लक्षण।

कौन होते हैं शॉर्ट स्‍लीपर

वह व्यक्ति जो हर रात छह घंटे से कम सोता है, उसे शॉर्ट स्‍लीपर कहते हैं। प्राकृतिक रूप से कम सोने वाले लोग उन लोगों से अलग होते हैं जो अनिद्रा जैसी स्थिति के कारण छह घंटे से कम सो पाते हैं। कम नींद लेने पर भी इन्‍हें पूरे दिन नींद, आलस, कमजोरी या थकान महसूस नहीं होती। ऐसे लोगों को अपनी पूरी लाइफ में दूसरों की तुलना में कम नींद की जरूरत होती है।

शॉर्ट स्‍लीपर के लक्षण

  • नियमित रूप से रात में 3 से 6 घंटे के बीच सोना।

  • बिना अलार्म लगाए भी केवल 6 या इससे कम घंटे सोना।

  • कम नींद के बावजूद भी तरोताजा जागना।

  • आलस के बिना दिनभर अलर्ट रहना।

  • साेते समय कठिनाई होना।

कम देर तक सोने के कारण

रिसर्च बताती है कि अनुवांशिक कारणों से शॉर्ट स्‍लीपर को कम नींद की जरूरत महसूस होती है। ऐसे कई परिवार हैं, जिनमें ऐसे लोग हैं जो तरोताजा महसूस करने के लिए 6 घंटे से भी कम सोते हैं और पूरी फुर्ति और चुस्‍ती के साथ जागते हैं। कम नींद के बावजूद भी आप कभी इनके चेहरे पर गुस्‍सा और चिड़चिड़ापन नहीं देख सकते।

शॉर्ट स्‍लीपर होने के नुकसान

हालांकि, जो लोग रात में कम में कम नींद लेते हैं, उन्‍हें इससे कोई समस्‍या नहीं होती। बल्कि वे पूरी तरह से स्‍वस्‍थ रहते हैं। लेकिन नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अनुसार, जो लोग 6 घंटे से कम समय की नींद लेते हैं, उन्हें आगे चलकर हार्ट अटैक, कार्डियोवस्कुलर डिजीज और टाइप टू डायबिटीज का खतरा बना रहता है।

कैसे जानें कि आपको कम सोने की बीमारी है

अगर कोई व्यक्ति अपनी उम्र के लोगों की तुलना में दिन के दौरान आलस, थकान और कमजोरी महसूस किए बिना नींद लेता है, तो यह शॉर्ट स्‍लीपर की पहचान है। प्राकृतिक रूप से कम सोने वालों को अपने साथियों की तुलना में कम से कम 25% कम घंटे की नींद मिलती है। वयस्कों के लिए, यह आमतौर पर हर रात 4 से 6 घंटे के बीच होता है। बता दें कि कम नींद लेने वालों को नींद से संबंधित अन्य स्वास्थ्य संबंधी शिकायतें कभी नहीं होती हैं।

कम नींद लेने वालों के लिए उपचार

स्वाभाविक रूप से कम नींद लेने वालों को उपचार की जरूरत नहीं होती, क्योंकि हर रात छह घंटे से कम सोने से उन्हें किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। हालांकि, जो लोग हर रात छह घंटे से कम सोते हैं और उनकी नींद बाधित होती है या दिन में नींद आती है, वे डॉक्‍टर के पास जाएं और जानें कि क्या वे वास्तव में शॉर्ट स्‍लीपर हैं। यदि नहीं, तो उन्हें अपनी नींद की गुणवत्ता में सुधार के लिए उपचार लेना चाहिए।

शॉर्ट स्‍लीपर के लिए टिप्‍स

रेगुलर स्‍लीप शेड्यूल फॉलो करें

सोने और जागने का एक निश्चित समय स्‍लीप क्‍वालिटी में सुधार कर सकता है।

सूर्य की रोशनी प्राप्त करें

सुबह के समय सूर्य के प्रकाश के संपर्क में रहें। यह एक हेल्‍दी सर्कैडियन रिदम स्थापित करने में मदद कर सकता है।

सोने से पहले अल्‍कोहल लेने से बचें

शराब स्‍लीपिंग स्‍टेज में मस्तिष्क और शरीर को प्रभावित करती है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अनुसार, सोते समय बहुत ज्‍यादा शराब पीने से व्यक्ति को जल्दी नींद आने में मदद मिल सकती है, लेकिन इससे रात के दूसरे भाग में नींद में खलल पड़ता है।

हर रात केवल चार से छह घंटे की नींद लेना अजीब लग सकता है। यदि आप अन्य लोगों के साथ रहते हैं, तो हो सकता है कि आप उनके जागने से काफी पहले ही जाग जाएं। यदि आप सुबह अच्छा महसूस करते हैं और दिन के दौरान ऊर्जावान रहते हैं, तो टेंशन लेने की कोई जरूरत नहीं है। बल्कि यह आपकेे लिए प्‍लस पॉइंट है। लेकिन अगर आपको दिन के समय झपकी लेने का मन करता है , तो आपको एक बार डॉक्‍टर से संपर्क करना चाहिए।

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