59 साल बाद विलक्षण लक्ष्मी नारायण योग में मनेगा पुष्य नक्षत्र

Pushya Nakshatra : दीपावली से 7 दिन पहले खरीदारी के लिए महासंयोग बन रहा है। इस बार पुष्य नक्षत्र 24 घंटे 42 मिनट तक रहेगा जिससे बाजारों में खरीदारी की धूम रहेगी।
59 साल बाद विलक्षण लक्ष्मी नारायण योग में मनेगा पुष्य नक्षत्र
59 साल बाद विलक्षण लक्ष्मी नारायण योग में मनेगा पुष्य नक्षत्रSocial Media

Pushya Nakshatra। दीपावली से 7 दिन पहले खरीदारी के लिए महासंयोग बन रहा है। इस बार पुष्य नक्षत्र 24 घंटे 42 मिनट तक रहेगा जिससे बाजारों में खरीदारी की धूम रहेगी। इस बार खरीदारी का मुहूर्त पुष्य नक्षत्र दो दिन रहेगा। 59 साल बाद विलक्षण लक्ष्मी नारायण योग में आ रहे पुष्य नक्षत्र में हर प्रकार की खरीदारी स्थाई समृद्धि प्रदान करेगी 7 नवंबर शनिवार को सुबह 8:05 से पुष्य नक्षत्र का आरंभ होगा जो कि रविवार को सुबह 8:05 तक रहेगा नक्षत्र की कुल अवधि 24 घंटे 42 मिनट तक रहेगी।

बालाजी धाम काली माता मंदिर के प्रसिद्ध 'योतिषाचार्य पंडित सतीश सोनी ने बताया कि दीपावली से 7 दिन पहले शनि और रवि पुष्प नक्षत्र आगामी 7 और 8 नवंबर को 24 घंटे 42 मिनट के लिए रहेगा इस माह मुहूर्त के दौरान धनतेरस व दीपावली से पहले खरीदारी करना शुभ रहेगी। शनिवार और रविवार को नक्षत्रों का राजा पुष्य नक्षत्र का अद्भुत संयोग समृद्धि देने वाला और संपत्ति व आय को बढ़ाने वाला होता है। शुभ कार्यों के साथ खरीदारी के लिए इस योग में मूल्यवान वस्तु आभूषण वाहन चल अचल संपत्ति की खरीदारी चिरस्थाई रहती है।

यह रहेगा मुहूर्त :

रविवार को सूर्योदय के बाद करीब 2 घंटे तक नक्षत्र का विद्यमान रहना पूरे दिन का शुभ फल देगा, इसलिए शनिवार सुबह 8:05 से लेकर रविवार रात 9 बजे तक हर प्रकार की वस्तुओं की खरीदारी की जा सकेगी। शनिवार और रविवार को पुष्य नक्षत्र होने से यह शनि पुष्य नक्षत्र कहलायेगा यह पुष्य नक्षत्र धनतेरस से भी अधिक शुभ माना जाता है।

नक्षत्र के स्वामी रहेंगे अपनी अपनी राशि में :

सोनी ने बताया 27 नक्षत्रों में पुष्य नक्षत्र आठवां नक्षत्र होता हैं। इस नक्षत्र का दशा प्रतिनिधि शनि होने के कारण इसमें किए गए काम चिरस्थाई होते हैं। पुष्य नक्षत्र का स्वामी शनि एवं उप स्वामी बृहस्पति होते हैं। इस बार नक्षत्र के स्वामी अपनी अपनी राशि में विराजित रहेंगे। मकर राशि में शनि तथा धनु राशि में बृहस्पति अपनी अपनी राशि में रहकर इस दिन दुर्लभ संयोग बना रहे हैं, वही सर्वाथ सिद्धि योग व रवि योग इसके साक्षी बनते हैं तो दिन पुण्य लाभप्रद माना जाता है।

शनि पीड़ा से मुक्ति दिलाएगा शनि पुष्य नक्षत्र :

शनि पुष्य नक्षत्र के संयोग में शनि की महादशा साढ़ेसाती ढैया जन्म कुंडली में शनि से पीड़ित जातक यदि शनिदेव की इस दिन पूजा करते हैं तो शनि पीड़ा से मुक्ति पाकर जीवन को सुख सौभाग्य से परिपूर्ण कर सकते हैं।

क्या करें :

शनिदेव का सरसों के तेल से अभिषेक करें वही नीले पुष्पों से उनका सिंगार करें काले कुत्ते को सरसों का तेल लगाकर रोटी खिलाएं जरूरतमंदों को काले कंबल का दान करें। इस शुभ और दिव्य मुहूर्त पर खरीदारी के लाभ। इस दिन सोना आभूषण खरीदने से समृद्धि बढ़ती है। सोना न खरीद सकें तो पीली धातु के ज्वैलरी खरीदें। इस दिन नई जमीन मकान वाहन खरीदना भी जीवन में स्थायित्व प्रदान करता है। इस दिन शुभ योग में मोती संख्या दक्षिणावर्ती शंख और श्रीयंत्र का दुकान प्रतिष्ठान में स्थापित करने से व्यापार में अप्रत्याशित उन्नति और लाभ देता है। बर्तन, वस्त्र और साज-सज्जा का सामान खरीदने से जीवन में ऐश्वर्य और प्रगति चिरकाल तक विद्यमान रहती है।

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