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गणपति बप्पा को विदा करने की संपूर्ण विधि
गणपति बप्पा को विदा करने की संपूर्ण विधि |Social Media
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गणपति बप्पा को विदा करने की संपूर्ण विधि

गणेश भगवान की विदाई का समय आ गया है। बप्पा आज यानी 12 सितंबर को जाने वाले हैं, इस दिन को अनंत चतुर्दशी कहा जाता है। आइए विधिपूर्वक जानते हैं कि, गणेश विसर्जन कैसे किया जाता है।

Vivvan Tiwari

राज एक्सप्रेस। बप्पा आज यानी 12 सितंबर को जाने वाले हैं, इस दिन को अनंत चतुर्दशी कहा जाता है। वैसे तो बप्पा को गणेश चतुर्थी के अगले दिन मतलब डेढ़ दिन बाद भी विसर्जित किया जा सकता है और कई जगह विसर्जित कर दिया जाता है। मगर अनंत चतुर्दशी के दिन बप्पा को हमेशा विसर्जित करने का चलन बहुत ज्यादा है। आइए विधिपूर्वक जानते हैं कि, गणेश विसर्जन कैसे किया जाता है?

कैसे करें गणपति विसर्जन?

वैसे तो बप्पा को कोई कभी नहीं भेजना चाहता है, क्योंकि वह सब के लाड़ले और चहेते भगवान में से एक हैं मगर क्या करें जाना तो 1 दिन सबको पड़ता है और बप्पा साल भर में एक बार जरूर आते हैं। गणेश जी की स्थापना के बाद लगातार 10 दिनों तक गणेश जी की खूब सेवा की जाती है। मानो ऐसे जैसे कोई अपना सगा-संबंधी या कोई सबसे सर्वोपरि मेहमान हमारे घर पधारा हो। लगातार 10 दिन तक उनको मोदक चढ़ाए जाते हैं। खूब सारी मिठाइयां खानपान उनकी खूब सेवा की जाती है और उसके बाद 11वे दिन अनंत चतुर्दशी के दिन उन्हें अलविदा कहा जाता है। उन्हें विदाई दी जाती है, ताकि वह वापस दोबारा अगले साल आए। पूरे गाजे-बाजे के साथ कुछ उस तरीके से ही विदाई दी जाती जैसे हम अपने सभी सगे-संबंधियों को विदाई देते हैं। अब हम गणपति जी का विसर्जन करते वक्त किन-किन विधियों से गुजरना पड़ता है यहां जानेंगे- अगर आपने भी गणपति जी रखें हैं और कल आप विसर्जन करने वाले हैं, तो आप इन विधियों का पालन करें इससे भगवान बहुत खुश होंगे।

इस तरह से करें बप्पा को विदा :

  • विदाई देने से पहले भगवान को भोग लगाएं।

  • आरती करें आरती करने के बाद उनका पुष्प फूलों से स्वस्तिवाचन करें।

  • लकड़ी की बनी हुई एक पटरे को उपयोग में लें उसे गोमूत्र तथा गंगाजल से शुद्ध करें।

  • महिलाएं लकड़ी से बने पटरे पर स्वास्तिक बनाएं।

  • स्वास्तिक बने पटरी पर पीले रंग का एक कपड़ा बिछाए।

  • पटरी के सभी कोणों पर एक-एक सुपारी रख दें।

  • बप्पा जहां बैठे हैं वहां से उनको उठा कर इस पटरे पर बैठाए।

  • बप्पा जब आराम से पटरे पर बैठा दिए गए हों, उसके बाद उन्हें फूल मोदक वस्त्र और दक्षिणा चढ़ाएं ध्यान रखें मोदक पांच चढ़ाये।

  • छोटी पोटली बांध लें, जिसमें पंचमेवा भरा हो चावल भरा हुआ हो और सिक्के भरे हुए हो।

  • गणपति जी का विसर्जन जहां हो रहा हो नदी अथवा तालाब, उन्हें विसर्जित करने से पहले उनकी फिर से एक बार आरती करें।

  • गणपति से प्रार्थना करें और उनसे वह मनोकामना मांगे जो आप चाहते हैं और 10 दिनों तक होने वाली किसी भी प्रकार की भूल के लिए उनसे वहीं यथा स्थान माफी मांगे।

  • गणेश जी की प्रतिमा का विसर्जन करें और यह ध्यान रखें कि, उनकी प्रतिमा विसर्जन के तुरंत बाद और जो चीज है, वह साथ मे विसर्जित करनी है, उन्हें एकदम से ना फेंकें सबको एक-एक करके विसर्जित करें सम्मान के साथ।