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प्रवेश को लेकर कॉलेजों में विद्यार्थियों का हंगामा
प्रवेश को लेकर कॉलेजों में विद्यार्थियों का हंगामा|Pankaj Yadav
मध्य प्रदेश

छतरपुर: प्रवेश को लेकर कॉलेजों में विद्यार्थियों का हंगामा

छतरपुर, मध्यप्रदेश: महाविद्यालयों में एडमीशन की प्रक्रिया सरल होने के बजाय जटिल हो गई है। लंबी प्रक्रिया के बाद भी विद्यार्थी प्रवेश से वंचित हैं, जिसके लिए ये विद्यार्थी हंगामे कर रहे है।

Pankaj Yadav

राज एक्सप्रेस। पिछले 4 महीने से महाविद्यालयों में चल रही एडमीशन की प्रक्रिया सरल होने के बजाय इतनी जटिल हो गई है कि, चार महीने बाद भी प्रवेश को लेकर सरकारी कॉलेजों के बाहर हंगामे हो रहे हैं। सरकार ने कई बार सीटें बढ़ाईं, कई चरणों में एडमीशन लिए, मैरिट के आधार पर विद्यार्थी चुने गए और पहले आओ पहले पाओ के आधार पर भी महाविद्यालयों में प्रवेश दिलाए गए। इस लंबी प्रक्रिया के बावजूद सैकड़ों विद्यार्थी अब भी प्रवेश से वंचित हैं। ये विद्यार्थी कॉलेजों में सीटें फुल होने के बाद भी प्रवेश के लिए हंगामे कर रहे हैं। शुक्रवार को जिला मुख्यालय के सबसे बड़े 2 सरकारी कॉलेजों महाराजा महाविद्यालय एवं शासकीय कन्या महाविद्यालय में विद्यार्थियों ने जमकर हंगामा किया। ऐसा ही एक प्रदर्शन जिले के नौगांव में भी हुआ।

थककर बेहोश हो गईं छात्राएं, रोक लिया कलेक्टर का रास्ता :

गौरतलब है कि, उच्च शिक्षा विभाग में 3 सितम्बर से 12 सितम्बर तक शासकीय एवं निजी महाविद्यालयों में खाली पड़ी सीटों को भरने के लिए पहले आओ पहले पाओ प्रक्रिया के आधार पर सीधे एडमीशन लेने के निर्देश दिए हैं। इसी प्रक्रिया के अंतर्गत सरकारी महाविद्यालयों में सुबह 6 बजे से छात्र-छात्राएं प्रवेश के लिए पहुंचने लगे हैं। शुक्रवार को कुछ छात्राएं सुबह 6 बजे से गर्ल्स कॉलेज एवं बहुत से छात्र महाराजा कॉलेज में एडमीशन के लिए पहुंच गए। गर्ल्स कॉलेज में 450 सीटें पहले ही भरी जा चुकी थीं। पिछले दिनों सरकार ने जब 52 सीटें बढ़ाईं तो इसे भी 3 सितम्बर के बाद शुरू हुई प्रक्रिया के बाद भर दिया गया। अब प्रवेश से वंचित छात्राओं ने शुक्रवार को हाईवे पर कॉलेज के सामने जाम लगा दिया। 50 से अधिक लड़कियां लगभग 4 घंटे तक विद्यार्थी परिषद की नेता अंकिता विश्वकर्मा के नेतृत्व में हंगामा करती रहीं और एडमीशन प्रक्रिया पर सवाल उठाती रहीं। प्रदर्शन कर रहीं दो लड़कियां थककर बेहोश भी हो गईं। इसी दौरान यहां से कलेक्टर मोहित बुंदस लंच के लिए अपने बंगले पर जा रहे थे, तो लड़कियों ने रास्ता रोककर उन्हें गाड़ी से उतार लिया। कलेक्टर ने कॉलेज प्रबंधन से बात कर सीटें बढ़ाने और कॉलेज को फर्नीचर देने का ऐलान कर दिया जिसके बाद छात्राएं शांत हुईं।

महाराजा कॉलेज का स्टाफ ताले में कैद रहा :

दूसरा हंगामेदार प्रदर्शन जिले के सबसे बड़े शासकीय कॉलेज, महाराजा महाविद्यालय में हुआ। यहां एनएसयूआई नेता लोकेन्द्र वर्मा, आनंद द्विवेदी के नेतृत्व में सैकड़ों छात्रों ने प्रवेश प्रक्रिया पर धांधली और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए तालाबंदी कर दी। लगभग दो घंटे तक महाविद्यालय के कई प्रोफेसर और स्टाफ के लोग ताले के भीतर कैद रहे। लोकेन्द्र वर्मा ने कहा कि, महाराजा कॉलेज में 85 सीटों पर प्रवेश होना थे, लेकिन पहले आओ पहले पाओ प्रक्रिया के अंतर्गत प्राचार्य एलएल कोरी की मिली भगत से 50 सीटों पर लेन-देन और राजनैतिक दबाव में एडमीशन कर दिए गए। शेष बची 35 सीटों के लिए मैरिट का रोना रोया गया। सुबह 6 बजे से विद्यार्थी एडमीशन के लिए कॉलेज में बैठे थे। प्रक्रिया 12 बजे शुरू होनी थी, लेकिन चहेते छात्रों की रसीदें 12 बजे के पहले ही काट दी गईं। यह पूरी प्रक्रिया सवालों में घिर गई इसलिए विद्यार्थियों ने तालाबंदी कर विरोध प्रदर्शन किया। बाद में बिना किसी आश्वासन के यह प्रदर्शन बंद भी हो गया।

कॉलेजों में फुल हो गईं सीटें :

कॉलेजों में फुल हो गईं सीटें, अब और बढ़ीं तो कैसे होगी पढ़ाई ? सवाल ये है कि, शासकीय महाविद्यालयों में पिछले 4 महीने से प्रवेश की प्रक्रिया चल रही है और कई चरणों में सीटें बढ़ाईं गईं। ज्यादातर सीटें फुल हो चुकी हैं फिर भी, जो विद्यार्थी शेष रह गए हैं, वे जिला मुख्यालय के शासकीय महाविद्यालयों में ही प्रवेश लेना चाहते हैं, जबकि जिले के कई दूरस्थ शासकीय महाविद्यालयों एवं निजी महाविद्यालयों में सीटें खाली पड़ी हैं। विद्यार्थी हर बार सीटें बढ़ाने का दबाव डालते हैं, जिससे यह प्रक्रिया और लंबी होती जा रही है एवं शिक्षा का सत्र प्रभावित हो रहा है। यदि अब और सीटें बढ़ाई गईं तो महाविद्यालय इतने छात्रों को बैठाने के लिए प्रोफेसर एवं फर्नीचर कहां से लाएगा?

कलेक्टर साहब का कहना :

छात्राओं की समस्या को देखते हुए ऊपर बात करेंगे। गर्ल्स कॉलेज में 200 सीटें बढ़ाने के लिए पोर्टल खुलवाने का प्रयास किया जाएगा। कॉलेज में फर्नीचर की व्यवस्था के लिए किसी मद से 10 लाख रूपए दिए जाएंगे एवं खाली पड़े गर्ल्स हॉस्टल का इस्तेमाल किया जाएगा।