Raj Express
www.rajexpress.co
कटीली झाड़ियों से घिरा शासकीय स्कूल का जर्जर भवन
कटीली झाड़ियों से घिरा शासकीय स्कूल का जर्जर भवन|Ganesh Dunge
मध्य प्रदेश

बुरहानपुर: कटीली झाड़ियों से घिरा शासकीय स्कूल का जर्जर भवन

धुलकोट, बुरहानपुर: ग्राम धुलकोट की शासकीय स्कूल भवन जर्जर होने के साथ ही जंगली झाड़ियों से घिरा है, जिससे बच्चे वहां आने से घबरा रहे है। यह शासकीय भवन दिन प्रति दिन जर्जर होते जा रहे हैं।

Ganesh Dunge

Ganesh Dunge

राज एक्सप्रेस। काफी लंबे समय से धुलकोट के रहवासीयों क्षेत्रों में शासकीय जर्जर भवन दुर्घटना का अंदेशा लेकर खड़े है। दिन प्रति दिन यह शासकीय भवन जर्जर होते जा रहे हैं। कुछ ऐसे शासकीय भवन है, जिनके निर्माण को 25 से 30 वर्ष हो गए, बरसात के मौसम के चलते इन जर्जर भवनों की हालत और भी खराब हो गई है। जगह-जगह से जर्जर होकर गिर रहे है और यह सभी भवनशासकीय क्षेत्रों में जगह घेर कर खड़े है। देख रेख के आभाव में यह भवन खण्डहरों में तब्दील हो गए है। इन भवनों के पास से रोजाना स्कूल, आंगनवाड़ी के बच्चे एवं ग्रामीण आवाजाही करते है। धुलकोट में ऐसे लगभग 8 शासकीय भवन है, जो लंबे समय से जर्जर अवस्था में है। ग्रामीणो का कहना है कि, यह शासकीय जर्जर भवन पूरी तरह से अनुपयोगी हो गए है, इसलिए ग्राम पंचायत को चाहिए की इन भवनों को तोड़कर इनके स्थानों पर नये भवन बना देना चाहिए।

जर्जर भवनों में निवास कर रहे जहरीले जीव जन्तु :

धुलकोट में वर्षो से वीरान पड़े शासकीय जर्जर भवनों में अब जहीरीले जीव जन्तु निवास करने लगे है। इन जर्जर भवनों को झाड़ियों ने अपनी चपेट में ले लिया है। कुछ भवनों की छत पर बड़े-बड़े पेड़ लग गए है। जर्जर भवनों में निवास करने वाले जहरीले जीव जन्तु विचरण करते हुए रहवासी क्षेत्रों में ग्रामीणो केा मकानों तक पहुंच जाते है, जिससे की ग्रामीणो में भय का माहौल बना रहता है, ग्रामीणों के मकानों तक सांप, बिच्छु, जहरीले कीड़े पहुंच रहे हैं। बरसात के मौसम में इन जर्जर भवनों के आस-पास एवं अंदर बड़ी-बड़ी घांस उॅंग आती है और यह जहरीले जीव जन्तु घांस में पड़े रहते है। थोड़ी धूप निकलने पर यह जहरीले जीव जंतु बाहर निकलने लगते है, जिससे की इन जर्जर भवनों के आस-पास के मकानों तक जहरीले जीव-जन्तु पहुंच जाते है।

जर्जर भवनों में निवास कर रहे जहरीले जीव जन्तु
जर्जर भवनों में निवास कर रहे जहरीले जीव जन्तु
Ganesh Dunge

जगह घेरकर खड़े है जर्जर भवन :

धुलकोट में जिन स्थानों पर यह शासकीय जर्जर भवन खड़े है वहां एक तरफ तो यह जर्जर भवन खतरा बने बैठे है दुसरी और इन जर्जर भवनों झाड़ियाँ लग जाने से इनमें हमेशा जहरीले जीव जन्तुओं का डेरा लगा रहता है। अगर ग्राम पंचायत द्वारा इन भवनों को तोड़ दिया जाए, तो शासन को शासकीय जमीन भी उपलब्ध हो जाएगी और इस खाली जमीन पर शासन कोई शासकीय कार्यालय, भवन या दुकानों का निर्माण करवा सकती है। वैसे भी धुलकोट में शासकीय जमीन का टोटा पड़ा हुआ है। गत वर्ष ग्राम पंचायत धुलकोट द्वारा प्रस्ताव पारित कर पुराने कुछ जर्जर भवनों को तोड दिया था, लेकिन कुछ जर्जर भवन अभी भी बचे हुए है, जो कि पूरी तरह से खण्डहर हो चुके है। वर्षो से यह भवन वीरान पड़े हुए है और इन भवनों के बीच में कुछ भवनों में शासकीय कर्मचारी भी निवास करते है। अगर इस समय बरसात के चलते यह भवन अगर धराशयी हो गए, तो वह अच्छे भवनों को भी चपेट में ले सकते है, जिससे की घटना घट सकती है।