अशोक गहलोत VS शशि थरूर
अशोक गहलोत VS शशि थरूरSyed Dabeer Hussain - RE

कांग्रेस अध्यक्ष के लिए अशोक गहलोत VS शशि थरूर में होगा चुनाव, जानिए दोनों की ताकत और कमजोरी

अशोक गहलोत जहां गांधी परिवार के भरोसेमंद लोगों में से एक हैं, वहीं शशि थरूर जी-23 गुट के नेता हैं। ऐसे में यह देखना रोमांचक होगा कि पांसा किसके पलड़े में आता है।

राज एक्सप्रेस। पिछले कई दिनों से कांग्रेस के नए अध्यक्ष को लेकर चल रही सियासी चर्चाओं पर अब विराम लगता नजर आ रहा है। राहुल गांधी के पीछे हटने के बाद अब कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और केरल से कांग्रेस सांसद शशि थरूर नामांकन दाखिल कर सकते हैं। बुधवार को अशोक गहलोत ने दिल्ली में सोनिया गांधी से मुलाकात की है, जबकि शशि थरूर भी सोनिया गांधी से पहले मिल चुके हैं। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि कांग्रेस अध्यक्ष पद के दोनों नेताओं के बीच चुनाव होना लगभग तय हो चुका है। तो चलिए जानते हैं कि दोनों नेताओं की क्या कमजोरी और मजबूती हैं?

अशोक गहलोत की ताकत :

  • अशोक गहलोत के पक्ष में सबसे बड़ी बात यह जाती है कि वह गांधी परिवार के भरोसेमंद लोगों में से एक हैं।

  • अशोक गहलोत को करीब 40 साल का सत्ता और संगठन का अनुभव है। वह राजस्थान के तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं। उन्होंने कई बार अपने अनुभवों से कांग्रेस को मुश्किल से बाहर निकाला है।

  • अशोक गहलोत की छवि अब तक बेदाग रही है। साथ ही भाजपा उन पर परिवारवाद का आरोप भी नहीं लगा सकती है।

  • अशोक गहलोत हिंदी बेल्ट में पार्टी का एक जाना-पहचाना नाम है। साथ ही वह कांग्रेस का बड़ा OBC चेहरा भी है।

शशि थरूर की ताकत :

  • शशि थरूर अब तक तीन बार लोकसभा के सांसद रह चुके हैं, वह केंद्र सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं।

  • मध्यमवर्गीय लोगों के बीच शशि थरूर लोकप्रिय हैं।

  • शशि थरूर के पास संयुक्त राष्ट्र संघ में काम करने का अनुभव है।

  • शशि थरूर जी-23 के नेता है, ऐसे में उन्हें कांग्रेस के बुजुर्ग नेताओं का समर्थन हासिल है।

अशोक गहलोत की कमजोरी :

  • अशोक गहलोत इस समय राजस्थान के मुख्यमंत्री हैं और वह मुख्यमंत्री का पद छोड़ना नहीं चाहते। ऐसे में एक व्यक्ति एक पद को लेकर विवाद गहरा सकता है।

  • अशोक गहलोत के मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए कांग्रेस को राजस्थान में दोनों बार चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था।

शशि थरूर की कमजोरी :

  • जी-23 का नेता होने के चलते कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच गांधी परिवार के विरोधी की छवि बनी है।

  • शशि थरूर के बारे में कहा जाता है कि वह जमीनी नेता नहीं हैं।

  • शशि थरूर को अपने राज्य केरल में ही कांग्रेस नेताओं का समर्थन नहीं मिल रहा है।

  • शशि थरूर की हिंदी भी इतनी अच्छी नहीं है, जिससे उन्हें हिंदी बेल्ट में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

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