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CAA को रद्द करने का प्रस्‍ताव
CAA को रद्द करने का प्रस्‍ताव|Social Media
पॉलिटिक्स

CAA को रद्द करने का प्रस्‍ताव विधानसभा में पारित

केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने आज विधानसभा में CAA को रद्द करने की मांग वाला प्रस्ताव पारित किया है, देश के लोगों के बीच चिंता को देखते हुए केंद्र को CAA को रद्द करने का कदम उठाना चाहिए

Priyanka Sahu

Priyanka Sahu

राज एक्‍सप्रेस। नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर अब केरल में हलचल शुरू हो चली है, क्‍योंकि आज केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने विधानसभा में CAA को रद्द करने की मांग वाला प्रस्ताव पारित किया है।

118 के तहत रखा CAA का प्रस्ताव :

CM पिनाराई विजयन द्वारा विधानसभा में नियम 118 के तहत यह प्रस्ताव रखते हुए कहा कि, सीएए के खिलाफ देश भर में विरोध और अल्पसंख्यकों के बीच व्याप्त चिंताओं के मद्देनजर यह प्रस्ताव रखा गया है।

प्रस्ताव को पेश करते हुए बोले पिनाराई विजयन

CM पिनाराई विजयन ने कहा कि, CAA धर्मनिरपेक्ष नजरिए और देश के ताने-बाने के खिलाफ है तथा इसमें नागरिकता देने में धर्म के आधार पर भेदभाव होगा।

यह कानून संविधान के आधारभूत मूल्यों और सिद्धांतों के विरोधाभासी है

CAA रद्द करने का उठाए कदम :

इतना ही नहीं पिनाराई विजयन ने यह बात भी कहीं कि, "देश के लोगों के बीच चिंता को देखते हुए केंद्र सरकार को CAA को रद्द करने का कदम उठाना चाहिए और संविधान के धर्मनिरपेक्ष नजरिए को बरकरार रखना चाहिए।"

भाजपा विधायक ने जताई आपत्ति :

विधानसभा में सत्र शुरू होते ही भाजपा के विधायक ओ राजगोपाल ने प्रस्ताव पर आपत्ति जताते हुए अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि, यह गैरकानूनी है, क्योंकि संसद के दोनों सदनों ने सीएए कानून को पारित कर दिया है।

बता दें कि, केरल ही एक ऐसा पहला राज्य है, जिसने बाकायदा नागरिकता कानून को लागू न करने का ऐलान करते हुए इसके लिए प्रस्ताव पास हो।

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