किसी भी पार्टी से नहीं करेंगे समझौता, अकेले दम पर लड़ेंगे चुनाव: मायवाती
किसी भी पार्टी से नहीं करेंगे समझौता, अकेले दम पर लड़ेंगे चुनाव:Social Media

किसी भी पार्टी से नहीं करेंगे समझौता, अकेले दम पर लड़ेंगे चुनाव: मायवाती

उत्‍तर प्रदेश के लखनऊ में बहुजन समाजवादी पार्टी (BSP) की अध्‍यक्ष मायवाती ने आज ऐलान किया कि, वे किसी भी पार्टी से समझौता नहीं करेंगी और अकेले दम पर विधानसभा चुनाव लड़ेगी।

उत्तर प्रदेश, भारत। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए राजनीतिक नेताओं की तैयारी जोरों से चल रही है। इस बीच सियासी दलों के बीच वादों-दावों के साथ बयानी तीर चल रहे हैं। अब आज मंगलवार को उत्‍तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बहुजन समाजवादी पार्टी (BSP) की अध्‍यक्ष मायवाती ने किसी भी पार्टी से समझौता न करने का बड़ा ऐलान किया है।

चुनाव में हार के डर से कीमतों में थोड़ी कमी की है :

उत्तर प्रदेश के लखनऊ में BSP प्रमुख मायावती ने भाजपा को निशाने पर लेते हुए पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों का जिक्र करते हुए कहा- पिछले दिनों जिस प्रकार से हर दिन रिकॉर्ड तोड़ पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें बढ़ी हैं और जिस प्रकार से देश में मंहगाई भी बढ़ी है, यह सब जनता आसानी से भुलाने वाली नहीं है। अब ज़ल्दी ही कई राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव में अपनी हार के डर से इनकी कीमतों में जो इन्होंने (भाजपा) थोड़ी कमी की है तो इसकी भी भरपाई यह पार्टी (भाजपा) चुनाव के बाद जनता से ब्याज़ सहित वसूल कर लेगी। इसे भी जनता को ज़रूर ध्यान में रखकर चलना चाहिए।

BSP अकेले अपने दम पर विधानसभा का चुनाव लड़ेगी :

इस दौरान BSP प्रमुख मायावती ने आगे गठबंधन को लेकर यह ऐलान भी किया कि, ''बहुजन समाज पार्टी (BSP) किसी भी दूसरी पार्टी के साथ किसी भी प्रकार का कोई चुनावी समझौता नहीं करेगी। BSP अकेले अपने दम पर विधानसभा का चुनाव लड़ेगी।''

हम सपा और भाजपा में कोई फर्क नहीं समझते हैं। ये दोनों पार्टी एक ही सिक्के के दो पहलू है। ये दोनों पार्टी चुनाव को हिंदू-मुस्लिम करना चाहती है। जैसे 2007 में हमें पूर्ण बहुमत मिला था, वैसे ही बहुमत हमें इस बार भी मिलने वाला है।

BSP प्रमुख मायावती

आगे उन्‍होंने यह भी कहा- चुनाव आते देख भाजपा ताबड़तोड़ सरकारी योजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण कर रही है। ये योजनाएं अभी आधी-अधूरी ही हैं। जनता इनके झांसे में नहीं आएगी। कांग्रेस भी भाजपा की राह पर है, इसलिए लगातार लोकलुभावन घोषणाएं कर रही है। अगर उन्होंने सत्ता में रहते हुए 50 फीसदी भी अपने वादे पूरे किए होते तो आज केंद्र की सत्ता से बाहर न होते। जनता सपा के चुनावी वादों पर यकीन नहीं करेगी और उन्हें वोट नहीं देगी।

मायावती ने यह भी बताया कि, ''यूपी के सीएम की तरह मेरा भी परिवार नहीं है, लेकिन मैं कोई पोशाक धारण कर सन्यासी नहीं बन गई हूं। मेरा परिवार सभी धर्मों के लोग हैं और मैं सभी का ध्यान रखती हूं। योगी ने एक धर्म के एक विशेष जाति के लोगों पर ही अपना ध्यान फोकस किया है। कहा कि यदि मेरे भाई-बहन व रिश्तेदार निस्वार्थ भाव से राजनीति में सेवा करने के उद्देश्य से आएं तो इसे परिवारवाद कहकर उंगली नहीं उठाई जानी चाहिए।''

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