मंत्री ने अनावश्यक रूप से लगाए गए आरोपों पर दे दिया है जवाब : नीतीश
मंत्री ने अनावश्यक रूप से लगाए गए आरोपों पर दे दिया है जवाब : नीतीशSocial Media

मंत्री ने अनावश्यक रूप से लगाए गए आरोपों पर दे दिया है जवाब : नीतीश

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2016 में शराबबंदी का निर्णय लिया गया। सदन में इस पर सर्वसम्मति थी। सभी सदस्यों ने वचन दिया था। उस समय महागठबंधन की सरकार थी।

राज एक्सप्रेस। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शराब बरामदगी मामले को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) एवं प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के मंत्री रामसूरत राय के खिलाफ लगाये गये आरोप पर आज कहा कि उन्होंने इसका स्पष्ट जवाब दे दिया है।

श्री कुमार ने बुधवार को यहां संवाददाताओं से बातचीत के दौरान शराबबंदी को लेकर मंत्री पर लगाये गये आरोपों के संबंध में पूछे गये सवाल के जवाब में कहा कि श्री रामसूरत राय ने कल ही स्पष्ट रूप से सारी बातें रख दी थीं। उनके परिवार का बंटवारा पहले ही हो चुका है। श्री राय ने कभी भी नहीं कहा है कि जो भी इसके लिए जिम्मेवार हैं, उस पर कार्रवाई न हो। अनावश्यक रूप से उन पर जो भी आरोप लगाये गये हैं उसका जवाब उन्होंने दे दिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2016 में शराबबंदी का निर्णय लिया गया। सदन में इस पर सर्वसम्मति थी। सभी सदस्यों ने वचन दिया था। उस समय महागठबंधन की सरकार थी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एवं अन्य दलों के लोग उस समय विपक्ष में थे लेकिन सभी लोगों ने शराबबंदी का समर्थन किया था। कानून में संशोधन के कुछ प्रस्ताव लाये गये थे, जिस पर सभी लोगों ने अपनी सहमति दी थी। शराबबंदी के पक्ष में जनवरी 2017 में मानव श्रृंखला भी बनायी गई थी, जिसमें सभी राजनीतिक दल के सदस्यों के साथ पत्रकार भी शामिल हुए थे।

श्री कुमार ने कहा कि महिलाओं की मांग पर ही उन्होंने शराबबंदी लागू की थी। वह निरंतर लोगों को कहते रहे हैं कि इसको लेकर सजग रहें। वह कुछ ही दिनों के अंतराल पर संबंधित पदाधिकारियों के साथ बैठक कर एक-एक चीजों की जानकारी लेते रहते हैं। यदि किसी को भी शराब के कारोबार में लिप्त लोगों और शराब का सेवन करने वाले लोगों के बारे मे जानकारी मिलती है तो बिजली के खंभे पर अंकित टेलिफोन नंबर पर जानकारी दे सकते हैं। उनका नाम उजागर नहीं किया जायेगा। उन्होंने कहा कि समाज में कुछ ऐसे तत्व होते हैं, जो गलत रास्ते पर चलते हैं। अपराध को रोकने के लिए कानून बने हैं लेकिन लोग फिर भी अपराध करते हैं। उसको रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई करनी पड़ती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चाहे कानून व्यवस्था का मामला हो या फिर शराबबंदी का, सभी चीजों को लेकर वह निरंतर समीक्षा करते रहते हैं। उन्होंने कहा कि कल सदन में भी गृह विभाग की तरफ से जानकारी दी गई है कि अपराध के मामले पहले से काफी घटे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने वर्ष 2018 की प्रकाशित रिपोर्ट में स्पष्ट किया था कि शराब सेवन के कारण किस तरह लोगों की मौत होती है। शराब सेवन से कितनी हानि होती है।

श्री कुमार ने कहा, "मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि शराब के धंधे में लिप्त लोगों एवं शराब सेवन करने वाले को बख्शा नहीं जायेगा। शराबबंदी पूरी मुस्तैदी से लागू रहेगी। पहले की तुलना में अब ज्यादा कार्रवाई हो रही है। शराब के धंधे से जुड़े बाहर के लोग भी अब पकड़े जा रहे हैं। सब पर कड़ी कार्रवाई हो रही है। आप सबों से विनम्रतापूर्वक आग्रह है कि यदि शराब को लेकर कोई सूचना मिले तो फोन पर जरूर सूचना दें ताकि ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जा सके।"

डिस्क्लेमर : यह आर्टिकल न्यूज एजेंसी फीड के आधार पर प्रकाशित किया गया है। इसमें राज एक्सप्रेस द्वारा कोई संशोधन नहीं किया गया है।

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