शिक्षा, सम्पत्ति और सत्ता में बराबरी के बिना महिलाओं का सम्मान नहीं : सुशील
शिक्षा, सम्पत्ति और सत्ता में बराबरी के बिना महिलाओं का सम्मान नहीं : सुशीलSocial Media

शिक्षा, सम्पत्ति और सत्ता में बराबरी के बिना महिलाओं का सम्मान नहीं : सुशील

बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री एवं सांसद सुशील कुमार मोदी ने आज कहा कि शिक्षा, सम्पत्ति और सत्ता में बराबरी के अधिकार के बिना महिलाओं का सम्मान नहीं है।

राज एक्सप्रेस। बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री एवं सांसद सुशील कुमार मोदी ने आज कहा कि शिक्षा, सम्पत्ति और सत्ता में बराबरी के अधिकार के बिना महिलाओं का सम्मान नहीं है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता श्री मोदी ने शनिवार को यहां पार्टी के 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' विभाग की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि भारत एक ऐसा देश है जहां शक्ति, शिक्षा एवं सम्पत्ति की प्रतीक देवियां दुर्गा, सरस्वती और लक्ष्मी हैं लेकिन आज महिलाएं ही सबसे ज्यादा निरक्षर, अबला और धन से वंचित हैं। तब तक महिलाओं के सम्मान का कोई मतलब नहीं है, जबतक कि उन्हें शिक्षा, सम्पत्ति और सत्ता में बराबरी का अधिकार नहीं मिल जाता है।

उन्होंने कहा कि आजादी के बाद पहली बार महिलाओं को ऐसा सम्मान एवं प्रतिनिधित्व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिया है। श्री मोदी ने कहा कि आज देश के छह राज्यों की राज्यपाल महिला हैं। एक महिला देश की वित्त मंत्री हैं। देश में अब तक खुले 42 करोड़ जनधन खातों में 27 करोड़ खाते महिलाओं के हैं। केन्द्र सरकार ने देश की आठ करोड़ महिलाओं को उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन दिया है। मुद्रा योजना के तहत देश की 7.88 करोड़ महिलाओं को ऋण देने के साथ ही महिलाओं के मातृत्व अवकाश को 12 सप्ताह से बढ़ा कर 26 सप्ताह कर दिया गया है। मुस्लिम महिलाओं को केवल तीन तालाक जैसी कुप्रथा से मुक्ति नहीं दिलाई गई बल्कि कानून में संशोधन कर पुरुषों के बिना उन्हें हज पर जाने की सुविधा भी दी गई है।

पूर्व उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार देश का पहला राज्य है जहां राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार ने पहली बार महिलाओं को पंचायत चुनाव में 50 प्रतिशत आरक्षण दिया। सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। आज पुलिस में 23 प्रतिशत महिलाएं कार्यरत हैं। इंटर उत्तीर्ण अविवाहित लड़कियों को 25 हजार रुपये और स्नातक पास करने वाली को 50 हजार रुपये देने का प्रावधान कर उन्हें शिक्षा के लिए प्रेरित किया गया है।

डिस्क्लेमर : यह आर्टिकल न्यूज एजेंसी फीड के आधार पर प्रकाशित किया गया है। इसमें राज एक्सप्रेस द्वारा कोई संशोधन नहीं किया गया है।

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