खेत-देश की रक्षा में तिल-तिल मरे, पर न डरे आज भी खरे हैं किसान: राहुल गांधी
खेत-देश की रक्षा में तिल-तिल मरे, पर न डरे आज भी खरे हैं किसान: राहुल गांधीSocial Media

खेत-देश की रक्षा में तिल-तिल मरे, पर न डरे आज भी खरे हैं किसान: राहुल गांधी

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने किसानों के विरोध प्रदर्शन में 500 मौत का दावा करते हुए इस अंदाज में ट्वीट पोस्‍ट किया...

दिल्‍ली, भारत। वैश्विक महामारी कोरोना संकट के दौर में विपक्ष का केंद्र की मोदी सरकार पर कटाक्ष किए जाने का सिलसिला लगातार जारी है। अब आज उन्‍होंने किसानों के विरोध प्रदर्शन के दौरान किसानों की मौत को लेकर ट्वीट साझा किया है।

किसानों के विरोध प्रदर्शन में 500 मौतें :

कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा हाल ही में अपने ट्विटर अकाउंट से नया ट्वीट पोस्‍ट किया है।आज उन्‍होंने किसानों की मौत मामले को लेकर यह दावा किया है कि, किसानों के विरोध प्रदर्शन में 500 मौतें हुई है। इस दौरान राहुल गांधी ने हैशटैग #500DeathsAtFarmersProtest के साथ इस अंदाज में ट्वीट कर लिखा-

खेत-देश की रक्षा में

तिल-तिल मरे हैं किसान

पर ना डरे हैं किसान

आज भी खरे हैं किसान।

बता दें कि, कोरोना काल, ठिठुरन वाली ठंड और झमाझम बारीश के दौर में भी किसान अपनी मांग को पूरा करने के लिए अड़े हुए हैं। वे कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का आंदोलन अभी तक जारी है, अ‍न्‍नदाताओं ने ठान रखा है कि, वे तीनों नए कृषि कानूनों को रद्द करवाएंगे, जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होंगी। वे पीछे नहीं हटेंगे। दिल्‍ली में कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते-करते किसानों को करीब 6-7 महीने होने को है।

बंगाल की CM से मिलेंगे किसान नेता राकेश टिकैत :

तो वहीं, आज किसान नेता राकेश टिकैत कोलकाता में है। उन्‍होंने बताया भी है कि, बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से आज 3 बजे मिलना है। बंगाल में संगठन के लोगों से भी मिलेंगे और किसानों की बेहतरी के साथ कई मुद्दों पर मुख्यमंत्री से बात करेंगे। तीन कानूनों पर केंद्र सरकार को चिट्ठी लिखने के लिए कहेंगे। खेती और स्वास्थ्य पर बात होगी।

उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में अलग तरह के कार्यक्रम हैं। वहां गन्ना किसानों को भुगतान की दिक्कत रहती है। वहां की चीनी मिलों पर करीब 15,000 करोड़ रुपये सरकारों का बकाया है। वहां भी MSP पर खरीद नहीं होती। बिजली सबसे महंगी उत्तर प्रदेश में है। चुनाव में लोग सवाल करेंगे।

किसान नेता राकेश टिकैत

आगे उन्‍होंने ये भी बताया- बंगाल के किसान नीतियों पर सरकारों से खुलकर बात करें। जैसे उत्तर प्रदेश में 12 साल से हर महीने DC के साथ बैठक होती है, सारे अधिकारी आते हैं। यह हर ज़िले में लागू हो। DM को निर्देश दिया जाए कि, हर महीने किसानों और यूनियन के लोगों से वहां के मुद्दों पर बैठकर बातचीत करें।

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