किसानों को समर्थन देते हुए राहुल गांधी ने बताए विवादास्पद कृषि कानून के नुकसान
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किसानों को समर्थन देते हुए राहुल गांधी ने बताए विवादास्पद कृषि कानून के नुकसान

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आज सत्याग्रही किसानों के समर्थन में प्रेस वार्ता कर पूर्ण समर्थन का आश्वासन देते हुए तीनों कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों का समर्थन किया और सरकार पर बोला हमला...

दिल्‍ली, भारत। नए कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों द्वारा गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर परेड के बाद से किसानों का गुस्‍सा ओर अधिक उग्र होता जा रहा है। आज ही सिंघु बॉर्डर पर किसानों और स्‍थानीय लोगों में झड़क की वारदात सामने आई। इसी बीच आंदोलनरत किसानों को विपक्ष पार्टियों का लगातार सर्मथन मिल रहा है। अब हाल ही में आज शुक्रवार को सत्याग्रही किसानों के समर्थन में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रेस वार्ता की।

मोदी सरकार पर राहुल का जुबनी हमला :

इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रेस वार्ता में नए कृषि क़ानूनों और किसान प्रदर्शन को लेकर मौजूदा स्थिति को देख मोदी सरकार पर जमकर जुबानी हमला किया है। साथ ही हर बार की तरह इस बार भी राहुल गांधी ने तीनों कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों का समर्थन देते हुए कहा कि, ''हम किसानों के साथ हैं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों से बात करें और कानून वापस लें।''

एक भी इंच पीछे मत हटिए, ये आपका भविष्य है :

नए कृषि क़ानूनों और किसान प्रदर्शन को लेकर राहुल गांधी ने कहा- सरकार को किसानों से बात करनी चाहिए और उन्हें कोई समाधान देना चाहिए। जैसा मैंने पहले भी कहा है कि, इसका एक मात्र समाधान इन कृषि क़ानूनों को वापस लेना है। मैं किसानों से कहना चाहता हूं हम सब आपके साथ हैं। एक इंच पीछे मत हटिए, ये आपका भविष्य है। ये जो 5-10 लोग आपका भविष्य चोरी करने की कोशिश कर रहे हैं, इन्हें मत चोरी करने दीजिए, हम आपकी पूरी मदद करेंगे।

इतना ही नहीं बल्कि प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने साफ-साफ बताया कि, सरकार के इन तीनों विवादास्पद कृषि तीनों कानून कैसे किसानों को नुकसान पहुंचाएंगे।

पहला- यह बाज़ार प्रणाली और मंडी सिस्टम को खत्म कर देगा।

दूसरा- इसके चलते देश के 3-4 बड़े बिजनेसमैन जितना चाहे अनाज स्टोर कर सकेंगे, जिससे किसान प्रभावित होंगे।

तीसरा- ये कानून किसानों को कोर्ट का रास्ता अख्तियार करने का हक नहीं देता।

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