बिहार: RJD के घोषणा पत्र में बड़े-बड़े वादों की बौछार

बिहार विधानसभा चुनाव के लिए RJD ने घोषणा-पत्र जारी किया, जिसमें बिहार के बेरोजगार युवाओं को 10 लाख नौकरी और कर्जमाफी समेत ये वादे किए हैं और घोषणा पत्र को ‘प्रण हमारा संकल्प बदलाव का’ नाम दिया।
बिहार: RJD के घोषणा पत्र में बड़े-बड़े वादों की बौछार
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बिहार, भारत। बिहार में विधानसभा चुनाव की सरगर्मियां तेज हैं और चुनाव के दौरान सभी राजनीतिक पार्टियां अपना घोषणापत्र जारी कर चुनावी वादे करती है, इस दौरान जो भी पार्टी चुनाव में बाजी मारती है, वो अपने चुनावी वादों को पूरा भी करते हैं। इसी कड़ी में आज राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने आज 24 अक्‍टूबर को बिहार विधानसभा चुनाव के लिए घोषणा-पत्र जारी कर दिया है।

घोषणा पत्र में वादों की बौछार :

बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) द्वारा जारी किए गए इस घोषणा पत्र में वादों की जबरदस्‍त बौछार की है, आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ये घोषणा पत्र पटना में राजद नेता तेजस्वी यादव, मनोज झा समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने जारी किया है। RJD के घोषणा पत्र को ‘प्रण हमारा संकल्प बदलाव का’ नाम दिया गया है।

RJD द्वारा किए गए ये बड़े वादे :

जानकारी के मुताबिक, RJD ने अपने वादों में 17 मुद्दों के शामिल किया गया है, जिसमें सबसे पहले रोजगार, कृषि, उद्योग, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण से लेकर स्मार्ट गांव तक पर जोर दिया गया है।

  • घोषणा पत्र में पार्टी ने बेरोजगारों से कई वादे किए हैं।

  • घोषणा पत्र में आरजेडी ने बिहार के बेरोजगार युवाओं को 10 लाख नौकरी देने का वादा किया है।

  • पार्टी ने बेरोजगार युवाओं को 1500 रुपये बेरोजगारी भत्ता देने का वादा किया है।

  • सरकारी नौकरियों का फॉर्म भरने के लिए बिहार के युवाओं को आवेदन शुल्क नहीं देना होगा।

  • सरकारी नौकरी में बिहार के युवाओं को तरजीह देने के लिए राज्य सरकार डोमिसाइल पॉलिसी लाएगी।

  • सरकारी नौकरियों के 85% पद बिहार के युवाओं के लिए आरक्षित होंगे।

  • आरजेडी ने किसानों का कर्ज माफ करने की घोषणा की है।

  • बुजुर्गों और गरीबों का पेंशन 400 रुपये प्रति महीने से बढ़ाकर 1000 रुपये प्रति महीने किया जाएगा।

  • संविदा प्रथा को खत्‍म कर शिक्षकों और उर्दू शिक्षकों सहित सभी कर्मचारियों को स्थाई कर समान काम समान वेतन दिया जाएगा और सभी विभागों में निजीकरण को समाप्त किया जाएगा।

  • किसान आयोग, व्यावसायिक आयोग, युवा आयोग और खेल आयोग का गठन किया जाएगा।

  • गांवों को स्मार्ट बनाया जाएगा और सीसीटीवी लगाए जाएंगे।

  • हर जिले में मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का गठन किया जाएगा।

  • किडनी मरीजों के लिए मुफ्त डायलासिस की व्यवस्था होगी।

  • राज्य की जीडीपी का 22 प्रतिशत हिस्सा शिक्षा पर खर्च किया जाएगा।

  • 50 साल की उम्र पूरी कर चुके सरकारी कर्मचारियों को परफार्मेंस के आधार पर अनिवार्य सेवानिवृति देने के आदेश को वापस लिया जाएगा।

  • कार्यालय सहायक, सांख्यिकी स्वयं सेवक, लाइब्रेरियन, उर्दू शिक्षकों, आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिका, आशा कर्मी, ग्रामीण चिकित्सकों, जीविका दीदियों की मांगों को पूरा किया जाएगा।

  • हेल्थ केयर सेक्टर में निजी एवं असंगठित क्षेत्रों के माध्यम से प्रत्यक्ष नौकरियों व परोक्ष रोजगार के लाखों अवसर सृजित किए जाएंगे।

  • कॉरपोरेट जगत के तकनीकी प्रशिक्षकों की देखरेख में सरकारी निर्देशानुसार कौशल विकास केंद्रों की स्थापना होगी जहां परंपरागत कौशल के साथ-साथ उद्योग जगत के प्रश्न कौशल सॉफ्ट स्किल्स का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।

  • जीविका कैडरों को नियमित वेतनमान पर स्थाई नौकरी के साथ समूहों के सदस्यों को ब्याज मुक्त ऋण देंगे।

  • हर जिले में रोजगार केंद्रों की स्थापना होगी अधिकतम 200 दिनों में कौशल योग्यता अनुरूप निजी व सरकारी उपक्रम में रोजगार देने अथवा रोजगार के विकल्प उपलब्ध करवाने की जिम्मेदारी होगी।

  • रोजगार प्रक्रिया में गैर-सरकारी बिचौलियों एजेंसियों को हटाकर सीधा युवाओं को लाभ दिया जाएगा।

  • श्रमिकों के हित में सरकारी विभागों उपक्रमों को निजी हाथों में जाने से रोकने का प्रावधान किया जाएगा।

  • बिहार में किसान आयोग, व्यवसायी आयोग, युवा आयोग और खेल आयोग का गठन किया जाएगा।

  • नियोजित शिक्षकों को वेतनमान कार्यपालक सहायकों लाइब्रेरियन उर्दू शिक्षकों की बहाली की जाएगी राज्य के मूलनिवासी युवाओं के भी सरकारी बहाली परीक्षाओं में फॉर्म निशुल्क होंगे तथा राज्य में के अंतर्गत गृह जिला से परीक्षा केंद्र तक की यात्रा मुक्त होगी।

  • रोजगार सृजन के उद्योगों को प्रोत्साहन के लिए नई औद्योगिक पॉलिसी के तहत प्रभावी टैक्स डिफरेंट एवं टैक्स वेइवर स्कीम लाई जाएगी, जिसमें नए उद्योगों की स्थापना के अंतर्गत किए गए निवेश निवेशकों में सब्सिडी एवं अधिक रोपित करों में एक निश्चित अवधि तक छूट दी जाएगी।

घोषणापत्र जारी करते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद मनोज झा ने कहा, ''हमारी सरकार बनते ही पहली कैबिनेट बैठक में 10 लाख स्थाई नौकरियों पर मुहर लगाई जाएगी। साथ ही रोजगार और स्वरोजगार में नियोजित शिक्षकों को वेतनमान दिया जाएगा।''

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