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Satyapal Malik Suggestions Ram Temple
Satyapal Malik Suggestions Ram Temple|Priyanka Sahu -RE
पॉलिटिक्स

अयोध्या राम मंदिर इन दो मूर्तियों के बिना रहेगा अधूरा

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण पर गोवा के राज्यपाल सत्यपाल मलिक का कहना है- राम मंदिर में शबरी और केवट दोनों की मूर्तियों को स्थापित करना चाहिए, जिन्होंने यात्रा में भगवान राम की मदद की थी।

Priyanka Sahu

Priyanka Sahu

राज एक्‍सप्रेस। अयोध्या भूमि विवाद पर राम मंदिर बनाए जाने को लेकर रास्ता साफ हो गया है और मंदिर निर्माण पर राजनीतिक पक्ष अपनी-अपनी विभिन्न तरह की मांग करते हुए कई सुझाव दे रहे हैं। इसी बीच गोवा के राज्यपाल सत्यपाल मलिक का एक बयान सामने आया है, जिसमें उन्‍होंने अयोध्या में प्रस्तावित राम मंदिर को लेकर अपना सुझाव (Satyapal Malik Suggestions Ram Temple) दिया है।

क्‍या है मलिक की मांग :

राम जन्मभूमि मंदिर बनाने वाले ट्रस्ट को मंदिर में 'केवट और शबरी' की मूर्तियां भी स्थापित करनी चाहिए। ये दोनों जनजातीय और पिछड़ी जाति से थे। केवट और शबरी ने श्रीलंका यात्रा के दौरान राम की मदद की थी। ऐसे में मंदिर में इनकी मूर्तियां स्थापित करने के लिए भी स्थान आवंटित होना चाहिए।
राज्यपाल सत्यपाल मलिक

अयोध्या में बने विशाल राम मंदिर :

राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने आगे यह भी कहा कि, ‘‘पूरा देश चाहता है कि, अयोध्या में विशाल राम मंदिर बने। श्रीलंका जाते समय भगवान राम की आदिवासियों और पिछड़ी जातियों के लोगों ने मदद की थी। उनकी मदद करने वालों को भी इस मंदिर में स्थान दिया जाना चाहिए। मैं इंतजार कर रहा हूं कि, लोग राम मंदिर में केवट और शबरी की मूर्तियां लगाने की मांग करें। मेरा सोचना है कि, अभी तक किसी ने यह मांग नहीं की है।’’

उन्होंने कहा कि, "जिस दिन ट्रस्ट का गठन होगा मैं इसे पत्र लिखूंगा। मैं अनुरोध करुंगा कि भगवान राम के साथ सच्चाई की लड़ाई लड़ने वालों की मूर्तियां भी मंदिर में स्थापित हो। मैं इस मुद्दे पर विवाद से नहीं डरा हूं। जब तक मंदिर में केवट और शबरी की मूर्ति नहीं होगी, न तो यह मंदिर पूर्ण होगा न ही भव्य, यहींं भारत का सत्य है।"

गोवा के राज्यपाल ने कहा-

‘केवट और शबरी की मूर्ति के बारे में कोई नहीं बोलता है। जिस वक्‍त राम की पत्नी व माता सीता जी का अपहरण हुआ था, तब राम के भाई अयोध्या के राजा थे और अयोध्या से एक भी सैनिक, एक भी व्यक्ति भगवान राम की मदद के लिए नहीं आया था। जब राम भगवान लंका के लिए निकले थे, तब उनके साथ आदिवासी और सिर्फ निचली जाति के लोग थे। क्या कोई मुझे बता सकता है ऊंची जाति के किसी भी व्यक्ति ने उनके साथ लड़ाई में मदद की थी?’

मलिक द्वारा पणजी से 35 किलोमीटर दूर दक्षिण गोवा के पोंडा शहर में गुरुवार को दूसरे आदिवासी स्टूडेंट्स कांफ्रेंस में अपने भाषण के दौरान यह सुझाव दिए हैं।

बताते चलें कि, भाजपा अध्यक्ष और गृह मंत्री अमित शाह द्वारा गुरूवार को राम मंदिर पर बड़ा बयान देते हुए कहा था, राम जन्मभूमि पर आसमान छूने वाला मंदिर बनेगा।

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