महाराष्ट्र: शरद पवार का BJP पर कटाक्ष-फडणवीस के बयान की आलोचना की
महाराष्ट्र: शरद पवार का BJP पर कटाक्ष-फडणवीस के बयान की आलोचना की|Social Media
पॉलिटिक्स

महाराष्ट्र: शरद पवार का BJP पर कटाक्ष-फडणवीस के बयान की आलोचना की

एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने बीजेपी पर टिप्पणी करते हुए महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के विधानसभा चुनावों के दौरान 'मी पुन्हा आई ' (मैं वापस आऊंगा) वाले बयान की आलोचना की।

Priyanka Sahu

Priyanka Sahu

महाराष्ट्र, भारत। देश में फैले कोरोना वायरस के संकट काल के चलते राजनैतिक नेताओं के बयानबाजी का दौर जारी है। हाल ही में NCP अध्यक्ष शरद पवार का बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए यह बात कही है।

एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि, राजनेताओं को देश मतदाताओं के प्रति गलतफहमी पाली तो वह कभी सहन नहीं करता। यहां इंदिरा गांधी और अटल बिहारी वाजपेयी जैसे शक्तिशाली नेताओं को भी चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था। इसके अलावा महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के विधानसभा चुनावों के दौरान 'मी पुन्हा आई ' (मैं वापस आऊंगा) वाले बयान की आलोचना करते हुए शरद पवार ने कहा- मतदाताओं ने सोचा कि इस रुख से अहंकार की बू आती है और उन्हें लगा कि सबक सिखाया जाना चाहिए।

शिवसेना के मुखपत्र सामना को दिए इंटरव्यू में शरद पवार ने यह भी कहा कि, वे जितने मार्गदर्शक हैं, उतने ही खलबली मचाने वाले भी हैं। महाराष्ट्र की ‘ठाकरे सरकार’ को बिल्कुल भी खतरा नहीं है। उद्धव ठाकरे के मुख्यमंत्री बनने के पहले का दौर देखें हैं। इन पांच वर्षों में शिवसेना और भाजपा की सरकार थी, लेकिन शिवसेना के विचारों वाले जो मतदाता हैं और जो शिवसेना कार्यकर्ता हैं उन सभी में उस सरकार के प्रति एक तरह की व्याकुलता साफ दिखाई दे रही थी।

फडणवीस के मैं फिर आऊंगा वाले बयान के सवाल पर बोले पवार…

हां, मैं फिर आऊंगा… इस सबके कारण एक तो ऐसा है कि किसी भी शासक, राजनीतिज्ञ नेता को मैं ही आऊंगा, इस सोच के साथ जनता को जागीर नहीं समझना चाहिए। इस तरह की सोच में थोड़ा दंभ झलकता है। ऐसी भावना लोगों में हो गई और इन्हें सबक सिखाना चाहिए। यह विचार लोगों में फैल गया।

इस सरकार के आप हेडमास्टर हैं या रिमोट कंट्रोल?...

इस सवाल पर पवार ने कहा-दोनों में से कोई नहीं। हेडमास्टर तो स्कूल में होना चाहिए। लोकतंत्र में सरकार या प्रशासन कभी रिमोट से नहीं चलता। रिमोट कहां चलता है? जहां लोकतंत्र नहीं है वहां। हमने रूस का उदाहरण देखा है। पुतिन वहां 2036 तक अध्यक्ष रहेंगे। वो एकतरफा सत्ता है, लोकतंत्र आदि एक तरफ रख दिया है। इसलिए यह कहना कि हम जैसे कहेंगे वैसे सरकार चलेगी, यह एक प्रकार की जिद है। यहां लोकतंत्र की सरकार है और लोकतंत्र की सरकार रिमोट कंट्रोल से कभी नहीं चल सकती। मुझे यह स्वीकार नहीं। सरकार मुख्यमंत्री और उनके मंत्री चला रहे हैं।

ताज़ा ख़बर पढ़ने के लिए आप हमारे टेलीग्राम चैनल को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। @rajexpresshindi के नाम से सर्च करें टेलीग्राम पर।

ताज़ा ख़बर पढ़ने के लिए आप हमारे टेलीग्राम चैनल को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। @rajexpresshindi के नाम से सर्च करें टेलीग्राम पर।

Raj Express
www.rajexpress.co