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सिंहस्थ घोटाले में बीजेपी संसद डामोर पर मामला दर्ज़
सिंहस्थ घोटाले में बीजेपी संसद डामोर पर मामला दर्ज़ |Social Media
पॉलिटिक्स

सिंहस्थ घोटाले में बीजेपी संसद डामोर पर मामला दर्ज़

मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद बीजेपी के नेताओं की राह मुश्किल होती जा रही है। एक के बाद एक नेताओं के नाम घोटालों में सामने आ रहे हैं। जानिए क्या हैं मामला...

Rishabh Jat

राज एक्सप्रेस। मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार ने लोकसभा चुनाव में रतलाम-झाबुआ लोकसभा सीट से पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया को शर्मनाक पराजय देने वाले भाजपा नेता एवं सांसद जीएस डामोर के खिलाफ EOW ने मामला दर्ज कर लिया है। डामोर पर उज्जैन सिंहस्थ 2016 में टंकी खरीदी घोटाले का आरोप है।

आखिर क्यों हुई FIR

EOW ने सिंहस्थ के दौरान टंकी खरीदी में हुई गड़बड़ी के मामले में FIR दर्ज की है। ये गड़बड़ी उसी दौरान हुई थी जब जीएस डामोर इंदौर में पदस्थ थे और पीएचई के चीफ इंजीनियर थे। बाद में जीएस डामोर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए और लोकसभा का टिकट मिलने के बाद सांसद बने। कमलनाथ सरकार में नगरीय प्रशासन मंत्री जयवर्द्धन सिंह का कहना है कि, टंकी खरीदी में घोटाले के आरोप गंभीर हैं। लिहाजा जी एस डामोर को जांच में सहयोग करना चाहिए।

EOW के इस एक्शन के बाद बीजेपी तिलमिला गयी है। बीजेपी विधायक और पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने EOW की कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताया है। उनका कहना है सिंहस्थ घोटाले में ​सरकार के मंत्री ही पहले क्लीन चिट दे चुके हैं। एमपी की सियासत में सिंहस्थ घोटाले का मुद्दा बार-बार उठाया जाता है। विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने इसे सदन से लेकर सड़क तक बड़ा मुद्दा बनाया था। बाद में जांच की कई कहानियां भी सामने आयीं लेकिन किसी बड़े रसूखदार पर शिकंजा नहीं कसा।

बता दें कि मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव में जब कमलनाथ मुख्यमंत्री पद के लिए चुनाव प्रबंधन कर रहे थे तब कांतिलाल भूरिया ने भी विधानसभा चुनाव लड़ा। भूरिया को उम्मीद थी कि, चुनाव जीतने के बाद उन्हें डिप्टी सीएम का पद मिलेगा लेकिन जी एस डामोर के कारण कांतिलाल को शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा। लोकसभा चुनाव में एक बार फिर कांतिलाल भूरिया अपनी किस्मत आजमाने आए। जी एस डामोर विधायक थे परंतु अमित शाह ने उन्हें लोकसभा का टिकट दे दिया। एक बार फिर जी एस डामोर ने कांतिलाल भूरिया को चुनाव हरा दिया। झाबुआ विधानसभा उपचुनाव जीतने के बाद कांतिलाल भूरिया बमुश्किल विधायक बन पाए। बताने की जरूरत नहीं कि कांतिलाल भूरिया के लिए जी एस डामोर दुश्मन नंबर वन हैं। अब आरोप प्रत्यारोप के बीच सत्य कब तक उबर कर आता है इसका इंतज़ार जनता को रहेगा।

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