बिहार में भाजपा को कमजोर कर रहे सुशील मोदी : उपेंद्र चौहान
बिहार में भाजपा को कमजोर कर रहे सुशील मोदी : उपेंद्र चौहानSocial Media

बिहार में भाजपा को कमजोर कर रहे सुशील मोदी : उपेंद्र चौहान

उपेंद्र चौहान ने पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी पर प्रदेश में भाजपा को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह अपने कार्यों और बयानबाजी से पार्टी कार्यकर्ताओं का लगातार मनोबल तोड़ रहे हैं।

पटना। बिहार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यसमिति के सदस्य उपेंद्र चौहान ने पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी पर प्रदेश में भाजपा को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह अपने कार्यों और बयानबाजी से पार्टी कार्यकर्ताओं का लगातार मनोबल तोड़ रहे हैं।

श्री चौहान ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि इन दिनों बिहार में बार-बार सरकार के नेतृत्व और स्वरूप में बदलाव की खबर आती है। खासकर बिहार में भाजपा बड़ा भाई और जनता दल यूनाइटेड (जदयू) छोटा भाई है। ऐसे में चुनाव परिणाम के बाद केंद्रीय नेतृत्व ने श्री नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री के रूप में स्वीकृति दी थी लेकिन यदि भाजपा अपने किसी सक्षम नेतृत्व को दारोमदार सौपती तो संभवत: भाजपा के लाखो कार्यकत्र्ता का मनोबल ज्यादा मजबूत होता।

भाजपा नेता ने कहा कि अभी बिहार के सियासी परि²श्य में हमारे एक नेता सुशील मोदी बार बार जिस तरह से सीधे मुख्यमंत्री श्री कुमार की गोद में बैठकर भाजपा के सिद्धांतो से इतर बयानबाजी कर रहे हैं वह दल को कमजोर करनेवाली बात है। इतिहास गवाह है कि एक समय भाजपा को खाने का निमंत्रण देकर पत्ता छीन लेने वाली साजिश में सुशील मोदी का हाथ था। जिस समय श्री नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे उस समय उनका साथ न देकर नीतीश कुमार को पीएम मैटेरियल बताते रहे उस समय सुशील मोदी का यहाँ पार्टी के लोगों ने पुरजोर विरोध भी किया था। इसके अलावा श्री मोदी ने कई स्तर पर पार्टी के खिलाफ भी काम किया, खासकर चुनाव के समय टिकट बंटवारे के समय केंद्रीय नेतृत्व को भुलावे में रखकर कई अच्छे लोगों को दरकिनार भी कर दिया, जिसका खामियाजा पार्टी को उठाना भी पड़ा।

श्री मोदी ने कहा कि सुशील मोदी बार बार बयानबाजी कर अपनी ही पार्टी के कार्यकर्ताओं की हिम्मत और उम्मीदों को तोडऩे का काम कर रहे हैं। अपनी ही पार्टी के नेताओं के बयान के विपरीत बयान देकर ये साबित कर देते हैं कि सुशील मोदी श्री नीतीश कुमार की बी टीम के रूप में काम कर रहे हैं। हालांकि प्रदेश में एक समय में इन्हे मजबूत जिम्मेदारी दी गयी थी लेकिन उस समय भी दलहित में काम नहीं कर अपने कार्यकर्ताओं को निराश किया। पार्टी ने उस समय वस्तुस्थिति को समझते हुए प्रदेश से हटा लिया जा सराहनीय फैसला माना गया। लेकिन इन दिनों फिर से सुशील मोदी उसी काम को करने लगे हैं और पार्टी लाइन से अलग बोलने लगे हैं। उन्होंने भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व से श्री मोदी के इस तरह के अनर्गल प्रलाप पर रोक लगाने एवं उनपर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग की।

ताज़ा ख़बर पढ़ने के लिए आप हमारे टेलीग्राम चैनल को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। @rajexpresshindi के नाम से सर्च करें टेलीग्राम पर।

Related Stories

No stories found.