Raj Express
www.rajexpress.co
राज्यसभा
राज्यसभा |Social Media
पॉलिटिक्स

अरुण जेटली और राम जेठमलानी की राज्यसभा सीट किसको?

वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी और पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली के असामयिक निधन के बाद खाली हुईं राज्यसभा सीट के चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है।

Rishabh Jat

राज एक्सप्रेस। भाजपा ने उत्तर प्रदेश और बिहार की इन दो सीटों के उपचुनाव के लिए राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी तथा बिहार से सतीश दुबे को उम्मीदवार बनाने की घोषणा की है। सुधांशु त्रिवेदी को पार्टी ने दिग्गज नेता और पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली की सीट से उम्मीदवार बनाया है। यह सीट अरुण जेटली के निधन के कारण खाली हुई थी। पार्टी ने बिहार से सतीश दुबे को उम्मीदवार बनाया है। बिहार की यह सीट वरिष्ठ अधिवक्ता राम जेठमलानी की मृत्यु के बाद खाली हुई है।

राज्यसभा की रिक्त हुई दो सीटों पर उपचुनाव के लिए चुनाव आयोग ने 27 सितंबर को तारीख का ऐलान किया था। उत्तर प्रदेश और बिहार की एक-एक राज्यसभा सीट के लिए 16 अक्टूबर को उपचुनाव होना है।

लोकसभा चुनाव 2014 में जेटली ने अमृतसर से चुनाव लड़ा था, लेकिन कांग्रेस के कैप्टन अमरिंदर सिंह ने उन्हें हरा दिया था। हालांकि वह राज्यसभा सदस्य थे, इसके बाद बीजेपी से उत्तर प्रदेश के कोटे से राज्यसभा सदस्य चुनकर आए थे। अरुण जेटली मार्च 2018 में वह उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सदस्य चुने गए थे। जेटली बीजेपी के राज्यसभा में सदन के नेता थे और उनका कार्यकाल 2 अप्रैल 2024 तक था।

प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में कानून मंत्री रह चुके राम जेठमलानी आरजेडी की तरफ से बिहार से राज्यसभा पहुंचे थे। भाजपा को इन सीटों पर जीत का भरोसा है । उत्तर प्रदेश में भाजपा के पास बहुमत है जबकि बिहार में पार्टी को जदयू और लोजपा का समर्थन है। दोनों राज्‍यों की एक-एक सीट के लिए चुनाव होंगे।

पूर्व केंद्रीय मंत्री राम जेठमलानी 8 जुलाई 2016 में बिहार से आरजेडी से राज्यसभा सदस्य चुने गए थे। इस तरह से उनका कार्यकाल 7 जुलाई 2022 तक था। हालांकि जेठमलानी पहले बीजेपी से भी राज्यसभा सदस्य रह चुके हैं। ऐसे में अब उनके निधन होने के कारण बाकी बचे कार्यकाल के लिए उपचुनाव हो रहे हैं।

दोनों सीटों पर भारतीय जनता पार्टी की जीत लगभग तय है उत्तर प्रदेश में पार्टी के पास पूर्ण बहुमत है। वहीं बिहार में भी मिल जुलकर आंकड़े प्राप्त हो सकते हैं। इसलिए कहाँ जा सकता है कि राज्यसभा की दोनों सीटे भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में ही जाएगी।