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अरुण जेटली का जाना अखर गया
अरुण जेटली का जाना अखर गया|Priyanka Sahu- RE
राज ख़ास

अरुण जेटली का जाना अखर गया

पूर्व वित्त मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली अब हमारे बीच नहीं हैं, उनका जाना हर किसी को अखर रहा है। उनके निधन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए भी बड़ी व्यक्तिगत क्षति माना जा रहा है।

Priyanka Sahu

Priyanka Sahu

राज एक्‍सप्रेस। भाजपा के वरिष्ठ नेता व नरेंद्र मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में वित्त मंत्री का कार्यभार संभालने वाले अरुण जेटली अब हमारे बीच नहीं हैं। उन्होंने शनिवार को दोपहर दिल्ली एम्‍स में 12 बजकर 7 मिनट पर आखिरी सांस ली। जेटली एम्‍स में पिछले कई दिनों से भर्ती थे। विशेषज्ञ डॉक्‍टरों की एक टीम उनका इलाज कर रही थी। 66 साल के जेटली को सांस लेने में दिक्‍कत और बेचैनी की शिकायत के बाद 9 अगस्त को एम्‍स लाया गया था। एम्‍स ने 10 अगस्त के बाद से अरुण जेटली के स्वास्थ्य पर कोई बुलेटिन जारी नहीं किया था। जेटली ने खराब स्वास्थ्य के चलते 2019 का लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा था। पेशे से वकील रहे जेटली ने मोदी सरकार के पहले कार्यकाल के दौरान अहम जिम्‍मेदारी निभाई। उन्होंने वित्त के साथ कुछ समय के लिए रक्षा मंत्रालय की जिम्‍मेदारी निभाई। वह कई मौकों पर सरकार के संकटमोचक भी बने। इस साल मई में उन्हें इलाज के लिए एम्‍स में भर्ती कराया गया था, बाद में छुट्टी दे दी गई थी।

पिछले साल 14 मई को जेटली का एम्‍स में गुर्दे का प्रत्यारोपण हुआ था, जेटली पिछले साल अप्रैल से वित्त मंत्रालय नहीं जा रहे थे, हालांकि वह 23 अगस्त, 2018 को दोबारा अपने मंत्रालय पहुंचे थे। उनकी गैर मौजूदगी में तत्कालीन रेल मंत्री पीयूष गोलय को वित्त मंत्रालय का अतिरिक्‍त प्रभार दिया गया था। पुरुषस्य भाग्यम दैवो न जानामि। भारतीय सनातन धर्म परंपरा की पुरानी धारणा है। पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री स्वर्गीय अरुण जेटली पर सटीक बैठती है। श्रीराम कालेज से कामर्स स्नातक रहे जेटली कभी चार्टर्ड अकाउंटेंट बनना चाहते थे। उन्होंने परीक्षा भी दी थी, लेकिन कहते हैं कि उनके भाग्य में कुछ और लिखा था। एक छात्र नेता से हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट के प्रतिष्ठित अधिवक्‍ता बने अरुण जेटली को वर्ष 2014-2019 तक मोदी कैबिनेट का ताकतवर मंत्री बनना था। मंत्री ही नहीं सरकार का संकट मोचक भी बनना था।