Budget 2021 : सबसे ज्यादा जोर शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि क्षेत्र पर
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Budget 2021 : सबसे ज्यादा जोर शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि क्षेत्र पर

बजट में सरकार ने आम आदमी को खाली हाथ रखा और अर्थव्यवस्था को उबारने के जितने भी जतन होने चाहिए थे, वह सब किए गए हैं। इन उपायों का असर कब तक दिखेगा, यह सवाल जरूर है।

बजट से पहले आम धारणा यही रहती है कि इसमें खजाने से जनता को लुभाने की कोशिश होगी। मगर सरकार ने ऐसा कुछ नहीं किया। आम आदमी को खाली हाथ रखा और अर्थव्यवस्था को उबारने के जितने जतन होने चाहिए थे, वह सब किए गए हैं। कोरोना काल में बदतर अर्थव्यवस्था को धार देने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा भी कि अभी सरकार की माली हालत सुधारना जरूरी है। वित्त मंत्री ने कहा कि बजट छह स्तंभों पर आधारित है। पहला स्तंभ स्वास्थ्य एवं कल्याण, दूसरा स्तंभ-भौतिक और वित्तीय पूंजी और अवसंरचना, तीसरा स्तंभ-आकांक्षी भारत के लिए समावेशी विकास चौथा स्तंभ-मानव पूंजी में नवजीवन का संचार करना, पांचवां स्तंभ -नवप्रवर्तन और अनुसंधान एवं विकास और छठा स्तंभ-न्यूनतम सरकार और अधिकतम शासन। इन स्तंभों में सबको छत, स्वास्थ्य, स्वच्छ वातावरण, समुचित शिक्षा मिले, सुदूर गांव का डिजिटलीकरण हो जाए, इलेक्ट्रिक वाहनों में दुनिया में आगे निकल जाए तो कितना बदलाव आ जाएगा इसकी कल्पना करिए।

बजट से यह साफ हो गया है कि आने वाले दिनों में ऐसा कोई चमत्कार होने की उम्मीद नहीं है जिससे अर्थव्यवस्था में जान आने के संकेत मिलते हों। बजट में सरकार ने जो कदम उठाए हैं, घोषणाएं की हैं, योजनाओं का ऐलान किया है और जिन-जिन क्षेत्रों के लिए जैसा बजट आवंटन किया है, वे इस बात का स्पष्ट प्रमाण हैं कि सरकार मंदी को लेकर जरा भी परेशान नहीं है, बल्कि वह सुधार की दीर्घावधि की नीतियों पर चल निकली है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते हुए साफ कहा भी कि आर्थिक सुधारों को जारी रखा जाएगा। सरकार मान कर चल रही है कि आज का बोया बीज आने वाले दिनों में फल देगा, इसलिए तात्कालिक समस्याओं के बजाय दीर्घावधि की नीतियों पर चला जाए। लेकिन सवाल है कि आज अर्थव्यवस्था जिस हालत में पहुंच चुकी है, उससे लोगों को कैसे मुक्ति मिलेगी। बेरोजगारी कैसे दूर हो, यह गंभीर सवाल है। ऐसे में बजट में प्रस्तावित उपाय देश की अर्थव्यवस्था को कितनी जल्दी पटरी पर ला पाएंगे, कहना मुश्किल है। बजट में सबसे ज्यादा जोर शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि क्षेत्र पर दिया गया है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कई बड़े ऐलान किए, जिनमें गैर भाजपा शासित राज्यों को भी साधने की कोशिश की गई। माना जा रहा है कि इस बार बजट से बंगाल पर ज्यादा फोकस है। दरअसल, वित्त मंत्री ने अपने भाषण की शुरुआत रवींद्रनाथ टैगोर की लाइन से की। वहीं, बंगाल समेत गैर भाजपा शासित राज्यों को करोड़ों के डेवलपमेंट पैकेज का ऐलान किया। इसके अलावा बजट में सरकार ने हर वर्ग के दिल तक पहुंचने का रास्ता तैयार किया है। कहा जा सकता है कि सरकार ने कोरोना काल में भी अपनी जेब तंग नहीं होने दी। इन सब घोषणाओं और प्रावधानों का असर कब तक दिखेगा, यह बड़ा सवाल है। अभी बजट जनता की उम्मीदों पर खरा उतरा है।

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