चरगुवाँ मामले में आदिवासी संगठनों का जंगी प्रदर्शन
आदिवासी संगठनों का जंगी प्रदर्शनदेवरीकलां संवाददाता

चरगुवाँ मामले में आदिवासी संगठनों का जंगी प्रदर्शन

विकासखण्ड अंतर्गत गौरझामर वन परिक्षेत्र के ग्राम चरगुवां में वन अमले की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई के दौरान 19 परिवारों के झोपड़े जलाये जाने का मामला तूल पकड़ रहा है।

देवरीकलां, मध्य प्रदेश। विकासखण्ड अंतर्गत गौरझामर वन परिक्षेत्र के ग्राम चरगुवां में वन अमले की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई के दौरान 19 परिवारों के झोपड़े जलाये जाने का मामला तूल पकड़ रहा है। मामले को लेकर रविवार देवरी के किला मैदान में आदिवासी संगठनों की अगुवाई में एकत्र हुए हजारों आदिवासियों ने जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया एवं राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौपा। प्रदर्शन में कांग्रेस विधायक एवं पदाधिकारी भीम आर्मी एवं पिछड़ा वर्ग संगठन शामिल हुए।

विगत 24 सितम्बर को गौरझामर वन परिक्षेत्र अधिकारियों एवं कर्मियों की उपस्थिति में ग्राम चरगुवां के समीप वन भूमि पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान वहाँ काबिज 19 परिवारों के झोपड़े तोड़े गये थे एवं उनमें आग भी लगाई गई थी। मामले में को लेकर पनप रहे आक्रोश के चलते जिला कलेक्टर सागर द्वारा मामले की जांच पुलिस एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों को सौंपी गई थी। जिसके आधार पर गौरझामर थाना में एक अधिकारी पर प्रकरण भी दर्ज किया गया था। परंतु जांच एवं कार्रवाई से असंतुष्ठ संगठनों द्वारा अपनी विभिन्न मांगों को लेकर रविवार को प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा गया। रविवार को आदिवासी संगठन के प्रदर्शन को लेकर देवरी नगर में भारी पुलिस तैनात रहा।

ग्रामीण क्षेत्रों से हजारों की संख्या में आए आदिवासी समुदाय के पुरूषों ने भाग लिया

किला मैदान में दोपहर से आरंभ हुए जमावड़े में ग्रामीण क्षेत्रों से हजारों की संख्या में आए आदिवासी समुदाय के पुरूषों ने भाग लिया। कार्यक्रम के सभा मंच पर क्षेत्रीय कांग्रेस विधायक हर्ष यादव, भारतीय गोंडवाना पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मोनिका शाह बट्टी, गोंडवाना महासभा के जिला अध्यक्ष प्रहलाइ उईके, जयस प्रभारी जिला अध्यक्ष रजत दीवान, ओबीसी महासभा के देवेन्द्र लोधी, भीम आर्मी अध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह, विनोद कुर्रेती, राजेश सोयाम, वीरेन्द्र लोधी, पवन लोधी सिलारपुर, देवरी जनपद अध्यक्ष आंचल आठया सहित अन्य संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित थे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विभिन्न संगठनों के वक्ताओं ने घटना को बर्बर एवं तानाशाही पूर्ण बताते हुए प्रशासन के निर्देश पर की गई जांच पर भी सवाल उठाये। भारतीय गोंडवाना पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मोनिका बट्टी ने कहा कि इस जघन्य मामले के इतने दिन बाद भी प्रशासन दोषियों पर कार्रवाई नही कर सका है जिसके कारण आज हजारों की संख्या में आदिवासी एकत्र हुए है यदि प्रशासन 15 दिवसों में कोई ठोस कार्रवाई नही करता है तो हम एक बड़ा आंदोलन करेंगे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक कहा

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक हर्ष यादव ने प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठाये उन्होंने कहा कि शासन और प्रशासन स्पष्ट करें कि किस सरकारी नियम निर्देश में लिखा है कि आप कार्रवाई के नाम पर गरीबों की संपत्ति नष्ट करेंगे उसमें आग लगायेंगे उनके साथ अभद्रता और मारपीट करेंगे। प्रदेश में जनादेश का मजाक बनी भाजपा सरकार नैतिकता खो चुकी है लगातार प्रदेश के वंचित वर्ग को निशाना बनाया जा रहा है, कानून व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है। चरगुवां मामले के पीढि़तों को जब तक न्याय नही मिलेगा सड़क से सदन तक हमारा संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।

सभा के समापन के बाद किला मैदान से आरंभ हुई रैली कचहरी परिसर में समाप्त हुई जहाँ विभिन्न संगठनों द्वारा महामहिम राष्ट्रपति एवं राज्यपाल सौपे गये गये ज्ञापनों में वन अधिकार पट्टे प्रदाय किये जाने, मामले के दोषियों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज किये जाने एवं पीड़ित परिवार को 10-10 लाख रुपए आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की गई। कार्यक्रम में राजेंद्र सिंह मोती पटेल, दशरथ सिंह, दुर्गेश आदिवासी, राजेंद्र ठाकुर, विनोद दीवान, राजेश सोयम, धर्मेंद्र अहिरवार, धन सिंह अहिरवार, विनोद दास, विजय गुरु, अंचल आठ्या, सुधीर श्रीवास्तव, बाबा राजोरिया, रजनीश जैन, अनिल मिश्रा, अनंतराम रजक, गौरव पाडे, सौरभ नामदेव, रोहित स्थापक, भरत रजक, विवेक रजक सहित संगठन के पदाधिकारी शामिल थे।

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