कोलकाता में टेस्ट कराने वाला हर दूसरा व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव
कोलकाता में टेस्ट कराने वाला हर दूसरा व्यक्ति कोरोना पॉजिटिवSocial Media

कोलकाता में टेस्ट कराने वाला हर दूसरा व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव

कोरोना वायरस की दूसरी लहर से मचे हाहाकार पर मद्रास हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग पर नाराजगी जताई है और हत्या का केस दर्ज करने तक की बात कही है।

देश में कोरोना की दूसरी लहर से हाहाकार मचा है। मद्रास हाईकोर्ट ने सोमवार को संक्रमण के प्रसार के लिए निर्वाचन आयोग जिम्मेदार ठहराते हुए जमकर फटकार लगाई। हाईकोर्ट ने कहा कोरोना की दूसरी लहर के लिए किसी एक को जिम्मेदार ठहराना हो, तो अकेले चुनाव आयोग जिम्मेदार है। कोर्ट ने कहा कि यह जानते हुए भी कि संक्रमण अभी है बावजूद चुनावी रैलियों पर रोक नहीं लगाई गई। इसके लिए चुनाव आयोग के अधिकारियों पर हत्या का मामला चलाया जाना चाहिए। साथ ही आयोग से कहा कि दो मई की तैयारियां पहले से बता दें वरना मतगणना पर रोक लगा दी जाएगी। हाईकोर्ट की यह सख्ती गलत नहीं है। आज चुनाव वाले राज्यों में कोरोना का क्या हाल है, यह छिपा नहीं है। एक केरल को छोडक़र चारों राज्यों पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और असम में संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। चुनावी राज्य बंगाल में कोरोना कहर ढा रहा है।

कोलकाता में टेस्ट कराने वाला हर दूसरा व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव मिल रहा है। वहीं, राज्य की बात करें, तो सैंपल देने वाले हर 4 में से एक व्यति जांच के दौरान संक्रमित मिल रहा है। राज्य में एक अप्रैल को 25,766 सैंपल की जांच के दौरान 1274 सैंपल पॉजिटिव मिले थे तब पॉजिटिविटी रेट 4.9 फीसदी था। शनिवार को 55,060 सैंपल जांचे गए जिनमें 14,281 पॉजिटिव मिले, संक्रमण की यह दर 25.9 फीसदी है। इस साल फरवरी की शुरुआत में लोगों ने इस महामारी को हल्के में लेना शुरू कर दिया था क्योंकि रोजाना नए मामलों की संख्या काफी घट गई थी। सभी राहत की सांस ले रहे थे। एक्टिव मामलों की संख्या बहुत कम रह गई थी। फिर, अचानक कोरोना की दूसरी लहर ने पांव पसारना शुरू कर दिया। वर्तमान हालात को देखते हुए यह भी कहा जा सकता है कि एक देश के तौर पर हम पिछले एक साल के अनुभव से शायद बहुत अधिक नहीं सीख पाए। यदि सीखा होता तो आज इस तरह की विषम परिस्थिति पैदा नहीं हुई होती।

कोरोना के नए वैरिएंट, महामारी से बचाव के उपायों के प्रति लापरवाही और चुनाव दूसरी लहर के मुख्य कारण हैं। हालांकि, चार चरण बीत जाने के बाद बंगाल में सख्ती को लेकर चुनाव आयोग सामने आया और उसने राजनीतिक दलों को फटकार लगाई। हैरानी इस बात की है कि पहले निर्वाचन आयोग को कोरोना नियमों की सुध क्यों नहीं आई। जब पांचों राज्यों में चुनाव प्रक्रिया शुरू हुई थी तभी कोरोना के मामले बढऩे शुरू हो गए थे और कई राज्यों में यह चिंताजनक स्तर पर पहुंच चुका था। मगर राजनीतिक दल बढ़-चढ़ कर रैलियों में अपना शक्ति प्रदर्शन कर रहे थे। साफ देखा जा रहा था कि उनमें से ज्यादातर न तो ठीक से नाक-मुंह ढंक रहे थे और न ही उचित दूरी का पालन कर रहे थे। ऐसे में अब मद्रास हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई है तो यह उचित है

ताज़ा ख़बर पढ़ने के लिए आप हमारे टेलीग्राम चैनल को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। @rajexpresshindi के नाम से सर्च करें टेलीग्राम पर।

Related Stories

No stories found.
Top Hindi News Bhopal,Trending, Latest viral news,Breaking News - Raj Express
www.rajexpress.co