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अब कहीं का नहीं रहेगा पाक
अब कहीं का नहीं रहेगा पाक|iChowk
राज ख़ास

अब कहीं का नहीं रहेगा पाक

एफएटीएफ यानी फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स ने पाकिस्तान को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। अब वह पाई-पाई को मोहताज हो जाएगा और उसे कर्ज लेना नामुमकिन हो जाएगा।

राज एक्सप्रेस

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राज एक्सप्रेस, भोपाल। पाक आखिरकार ब्लैकलिस्टेड हो ही गया। एफएटीएफ यानी फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स ने पाकिस्तान को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। यह भारत के लिए बड़ी कूटनीतिक सफलता है। अब वह पाई-पाई को मोहताज हो जाएगा और उसे कर्ज लेना नामुमकिन हो जाएगा।

पाकिस्तान आखिरकार ब्लैकलिस्टेड हो ही गया। एफटीएएफ यानी फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स ने पाकिस्तान को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। टेरर फंडिंग व आतंकी संगठनों की मनी लॉन्ड्रिंग पर रोक लगाने में नाकाम रहने के बाद एफटीएएफ के एशिया पैसेफिक ग्रुप ने पाकिस्तान को ब्लैक लिस्ट में डाल दिया है। एफटीएएफ ने पाया है कि, 40 में से 32 मानकों पर पाकिस्तान नाकाम रहा है। ब्लैकलिस्ट होने के बाद अब पाकिस्तान पाई-पाई को मोहताज हो जाएगा और उसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों और विदेश से कर्ज लेना तकरीबन नामुमकिन हो जाएगा। बता दें कि, पाकिस्तान पहले से ही एफटीएएफ की ग्रे लिस्ट में था और उस पर आतंकी संगठनों पर एक्शन लेने का भारी दवाब था। ऑस्ट्रेलिया के कैबनरा में पाक से जुड़ी म्युचुअल इवेल्यूशन रिपोर्ट यानी एफटीएएफ को पेश किया गया। इस रिपोर्ट के बाद पाकिस्तान ब्लैकलिस्ट हो गया।

जी 7 देशों की पहल पर एफएटीएफ की स्थापना 1989 में हुई थी। यह एक अंतरराष्ट्रीय संस्था है। इस संगठन के सदस्यों की संख्या 37 है। भारत भी इस संगठन का सदस्य है। इसका मुख्य उद्देश्य मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी फंडिंग पर लगाम लगाने में नाकाम देशों की रेटिंग तैयार करना है। एफएटीएफ ऐसे देशों की दो लिस्ट तैयार करता है। पहली लिस्ट ग्रे और दूसरी ब्लैक होती है। ग्रे लिस्ट में शामिल होने वाले देशों को अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से आर्थिक मदद मिलने में मुश्किल होती है। वहीं, ब्लैक लिस्ट में आने वाले देशों को आर्थिक सहायता मिलने का रास्ता पूरी तरह से बंद हो जाता है। पाकिस्तान को काली सूची में डाला जाना भारत के लिए बहुत बड़ी सफलता है। भारत काफी दिनों से कूटनीतिक स्तर पर यह प्रयास कर रहा था कि पाकिस्तान कंगाल हो जाए। भारत की यह कोशिश पुलवामा हमले के बाद तेज हुई थी। तबसे भारत इसी कोशिश में था कि पाकिस्तान की आर्थिक कमर कैसे तोड़ी जाए।

अब जबकि वह इसमें कामयाब हो गया है, तो यह मान लेना चाहिए कि, पाकिस्तान के बुरे दिन शुरू हो गए हैं। पाकिस्तान की आर्थिक दशा इस समय कैसी है, यह सभी को पता है। वहां के लोगों को खाने के लाले हैं। महंगाई आसमान छू रही है। मुद्रा का तेजी से अवमूल्यन हो रह है। इसके बाद भी पाकिस्तान की अकड़ नहीं जा रही है। यह स्थिति पाकिस्तान के लिए बहुत घातक है। दुनिया में पाकिस्तान को अलग-थलग करने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुहिम का असर दिख चुका है। कई देशों ने भी पाकिस्तान से कारोबारी संबंध खत्म करने का इशारा दिया है। पुलवामा हमले के बाद भारत पहले ही पाकिस्तान को मोस्ट फेवर्ड नेशन की सूची से बाहर कर चुका है। रही सही कसर पाक ने ही पूरी कर दी है। धारा-370 खत्म करने के बाद पाक ने भारत से व्यापारिक संबंध खत्म कर अपने पैर पर ही कुल्हाड़ी मार ली है। अब ब्लैक लिस्टेड होने के बाद उसकी बुरे दिन शुरू होने तय हैं।