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मध्यप्रदेश एक बार फिर टाइगर प्रदेश बना
मध्यप्रदेश एक बार फिर टाइगर प्रदेश बना |संपादित तस्वीर
राज ख़ास

मध्यप्रदेश बना टाइगर स्टेट

आठ साल बाद मध्य-प्रदेश एक बार फिर बाघ-प्रदेश, अर्थात टाइगर स्टेट बन गया है। मध्य-प्रदेश ही नहीं पूरे देश के वासियों को खुशखबरी।

राज एक्सप्रेस

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राज एक्सप्रेस, भोपाल। आठ साल बाद मध्यप्रदेश एक बार फिर टाइगर स्टेट बन गया है। देश में बीते पांच साल में बाघों की संख्‍या 33 प्रतिशत बढ़ी है। मप्र में पिछले चार साल में 218 बाघ बढ़े हैं। 2014 में इनकी संख्या 308 थी। सरकारों की नीतियों के चलते बाघों पर जो संकट आया था, वह इस आंकड़े को देखने के बाद फिलहाल टल गया है। अब देशभर में बाघों को संरक्षित करने की पहल बड़े पैमाने पर करने की जरूरत है।

आठ साल बाद मध्य-प्रदेश एक बार फिर बाघ-प्रदेश, अर्थात टाइगर स्टेट बन गया है। मध्य-प्रदेश ही नहीं पूरे देश के वासियों को खुशखबरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में ‘राष्ट्रीय बाघ आंकलन रिपोर्ट-2018’ जारी करते हुए बताया कि, भारत विश्व में बाघों का सबसे बड़ा संरक्षण स्थल बन गया है। भारत में भी देश के हृदय स्थल मध्य-प्रदेश में बाघों की संख्या सबसे ज्यादा है। देश में बीते पांच साल में बाघों की संख्या 33 प्रतिशत बढ़ी है। यानी 2014 की संख्या 2226 की तुलना में 2018 में बढ़कर यह संख्या 2967 हो गई है। पांच साल में 741 बाघ बढ़े हैं।मप्र के लिए यह गर्व का विषय इसलिए है, क्योंकि आठ साल पहले प्रदेश से ‘टाइगर स्टेट’ का दर्जा छिन गया था, जो फिर हासिल हो गया है। मप्र में पिछले चार साल में 218 बाघ बढ़े हैं। 2014 में इनकी संख्या 308 थी। गोया, इनकी अब कुल संख्या 526 हो गई है। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस खबर से प्रसन्न होकर प्रदेश की जनता और वन अमले को बधाई दी है।